रायगढ़: छत्तीसगढ़ की रायगढ़ कोर्ट ने शनिवार (2 अप्रैल) को बीजद नेता और पूर्व विधायक अनूप साईं को 2016 में एक महिला और उसकी 14 साल की बेटी के दोहरे हत्याकांड के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई। पूर्व विधायक ने एक महिला और उसकी बेटी की बेरहमी से रॉड मारकर हत्या की थी और सबूत छिपाने के लिए दोनों के ऊपर गाड़ी चलवा दी थी। इस मामले में पुलिस ने आरोपी और उसके ड्राइवर को गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने ड्राइवर को सबूत नहीं मिलने पर बरी कर दिया है।
दरअसल, ओडिशा के पूर्व विधायक अनूप कुमार साय ने 6 साल पहले अपनी प्रेमिका ओर उसकी बेटी की बड़ी बेरहमी से हत्या कर दी थी। इतना ही नहीं उन्होंने हत्या के सबूत मिटाने की कोशिश भी की थी। हत्या के आरोप में पुलिस ने आरोपी पूर्व विधायक और उसके ड्राइवर को घटना के 4 साल बाद गिरफ्तार किया था। हत्या की वारदात के 4 साल बाद 14 फरवरी 2020 को आरोपियों की गिरफ़्तारी हुई थी।
क्या था मामला
जानकारी के मुताबिक, ये घटना मई 2016 में सामने आई थी। तब पुलिस से चक्रधरनगर थाना के संबलपुरी गांव में मां शाकंम्बरी प्लांट के रास्ते पर एक महिला और एक बच्ची की लाश मिलने की शिकायत की गई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान पुलिस ने खुलासा किया था कि मृतक महिला की पहचान ओडिशा के बृजराजनगर की रहने वाली कल्पना दास श्रीवास्तव और बच्ची की पहचान 14 वर्षीय बबली श्रीवास्तव के रूप में हुई है। रिश्ते में दोनों मां-बेटी हैं।
जांच में बीजू जनता दल के पूर्व विधायक अनूप कुमार साय का नाम आया सामने
इसके बाद पुलिस ने घटना को लेकर जांच तेज की तो बीजू जनता दल के पूर्व विधायक अनूप कुमार साय का नाम सामने आया। मृतकों के मोबाइल कॉल डिटेल से उड़ीसा के बृजराजगर से बीजू जनता दल के पूर्व विधायक अनूप कुमार साय(59) का नाम आया था।इसके बाद जब पूर्व विधायक से पूछताछ की गई तो पहले तो उन्होंने टालमटोल की, लेकिन पुलिस की सख्ती के बाद अपना अपराध कबूल कर लिया।
उन्होंने बताया कि उनकी प्रेमिका उन पर शादी करने और पैसे देने का दबाव बना रही थी। जब वह ज्यादा ब्लैकमेल करने लगी तो तंग आकर शादी का झांसा लाकर रायगढ़ लाते समय रास्ते में उसकी हत्या कर दी। इसके बाद सबूत मिटाने के लिए अपने ड्राइवर से दोनों के ऊपर गाड़ी चढ़वा दी ताकि यह लगे कि दोनों की मौत एक्सीडेंट में हुई है। इस बयान के बाद पुलिस ने उनके ड्राइवर बर्मन टोप्पो को भी गिरफ्तार किया था। पुलिस ने दोनों की गिरफ्तारी फरवरी 2020 में बताई थी।
पूछताछ में अनूप कुमार ने बताया था कि कल्पना से उसकी मुलाकात 2004-05 में हुई थी। जिसके बाद पहले उससे दोस्ती हुई। फिर दोनों बीच प्रेम प्रसंग हो गया। इसी के चलते उसने कल्पना को अपने भुवनेश्वर के मकान में रखा था, लेकिन उसने ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।वह शादी करने और पैसा देने का दबाव बना रही थी।
हत्या के आरोपी अनूप ने पुलिस को बताया था कि ब्लैकमेल से तंग आकर उसने कल्पना को शादी का झांसा दिया और कल्पना और उसकी बेटी को लेकर रायगढ़ आ रहा था। इसी बीच मौका मिलने पर पहले रॉड से हमला कर दोनों को मार डाला। इसके बाद सबूत मिटाने की नीयत से अपने ड्राइवर से दोनों के ऊपर गाड़ी चलवा दी।
अदालत ने अब सुनाया फैसला
इस मामले में रायगढ़ जिला अदालत में मामला चल रहा था, जिसमें अब जिला अदालत ने अंतिम फैसला सुनाया है। अदालत ने इस मामले में पूर्व विधायक को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही सबूत के अभावों में कोर्ट ने अनूप कुमार साय के ड्राइवर को बरी कर दिया है।