जयपुर: राजस्थान में जारी सियासी संकट के बीच भाजपा नेता मदन दिलावर ने कांग्रेस पार्टी के साथ राज्य में छह बसपा विधायकों के विलय के खिलाफ राजस्थान उच्च न्यायालय में दूसरी याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने कल इस मामले को लेकर उनकी याचिका खारिज कर दी थी।
वही दूसरी तरफ, राजस्थान BSP विधायकों का कहना है कि,'' हम पहले ही 6 के 6 विधायक कांग्रेस में विलय कर चुके हैं। 9 महीने के बाद अब BSP को याद आई है। ये BSP नहीं, BJP के कहने से मैनेज किया हथकंडा है। उसी आधार पर ये व्हिप जारी किया गया है उसी आधार पर ये कोर्ट जा रहे हैं|हमें मीडिया से पता चला है कि उन्होंने (BSP) कोई नोटिस भी दिया है पर हमें कोई नोटिस नहीं मिला है। हम कांग्रेस के साथ हैं चाहे कोई भी परिस्थिति आए|
दरअसल, मदन दिलावर ने बीएसपी के 6 विधायकों के कांग्रेस में विलय के खिलाफ राजस्थान उच्च न्यायालय के समक्ष याचिका दाखिल की थी जिसे कल यानी सोमवार को उच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया था| अब वो इसके खिलाफ हाईकोर्ट में दूसरी याचिका दायर की| दिलावर ने बीएसपी एमएलए लखन सिंह (करौली), राजेन्द्र सिंह गुढ़ा (उदयपुरवाटी), दीपचंद खेड़िया (किशनगढ़ बास), जोगेन्दर सिंह अवाना (नदबई), संदीप कुमार (तिजारा) और वाजिब अली (नगर, भरतपुर) के कांग्रेस में शामिल होने के खिलाफ याचिका दायर की है|
वहीं, बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला किया है। मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मायावती ने कहा कि 'बसपा पहले भी अदालत जा सकती थी लेकिन हम कांग्रेस पार्टी और सीएम अशोक गहलोत को सबक सिखाने के लिए समय की तलाश कर रहे थे। अब हमने कोर्ट जाने का फैसला किया है। हम इस मामले को ऐसे ही नहीं छोड़ेंगे। हम सुप्रीम कोर्ट भी जाएंगे|उन्होंने कहा कि,''हमने राजस्थान विधानसभा सत्र के दौरान होने वाली किसी भी कार्यवाही में कांग्रेस के खिलाफ वोट देने के लिए बसपा के प्रतीक पर राजस्थान विधानसभा के लिए चुने गए 6 विधायकों को कहा है। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं, तो उनकी पार्टी की सदस्यता रद्द कर दी जाएगी|