अजमेर: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी राजस्थान दौरे के दूसरे दिन शनिवार दोपहर अजमेर के किशनगढ़ पहुंचे| कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अजमेर के वीर तेजाजी महाराज मंदिर में पूजा की। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, कांग्रेस नेता सचिन पायलट और अजय माकन उनके साथ शामिल हुए। सचिन पायलट ने ट्वीट किया,''आज सुरसुरा (किशनगढ़, जिला अजमेर) में राहुल गांधी जी के साथ लोकदेवता वीर तेजाजी महाराज के मंदिर में दर्शन करने के पश्चात रूपनगढ़ में आयोजित किसान ट्रैक्टर रैली में अन्नदाताओं के संघर्ष का समर्थन किया। अन्नदाताओं की एकजुटता व हौसले के सामने भाजपा के अहंकार को झुकना ही होगा।
इसके बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अजमेर के रूपनगढ़ में ट्रैक्टर रैली की| अजमेर में किसान ट्रैक्टर रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने ने कहा,''कृषि सबसे बड़ा व्यवसाय है। यह 40 करोड़ लोगों का व्यवसाय है। नरेंद्र मोदी जी चाहते हैं यह उनके दो मित्रों के हवाले हो जाए। अगर नरेंद्र मोदी के ये कानून लागू हो गए तो सिर्फ किसान को ही नुकसान नहीं होगा बल्कि सभी को होगा|
अजमेर की किसान ट्रैक्टर रैली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा,''जब ये कानून लागू होंगे तब हिन्दुस्तान के किसी भी युवा को रोजगार नहीं मिलेगा। नरेंद्र मोदी कहते हैं कि मैं विकल्प दे रहा हूं, हां विकल्प दे रहे हैं और वो तीन विकल्प हैं भूख, बेरोजगारी और आत्महत्या| नरेंद्र मोदी कहते हैं कि मैं किसानों से बात करना चाहता हूं, किस चीज के बारे में बात करना चाहते हैं। जब तक आप ये कानून वापस नहीं लेंगे तब तक हिन्दुस्तान का एक ??िसान आप से बात नहीं करेगा|
इसके बाद राजस्थान के नागौर में को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा,'' कोरोना के समय मज़दूरों ने हाथ जोड़कर नरेंद्र मोदी से रेल, बस की टिकट मांगी, मतलब 100-200 रुपये मांगे। नरेंद्र मोदी कहते हैं कि मैं एक रुपया नहीं दूंगा, मगर उसी समय नरेंद्र मोदी ने 1,50,000 करोड़ का हिन्दुस्तान के सबसे अमीर लोगों का कर्जा माफ किया|
राहुल गांधी ने कहा,''200 किसान शहीद हुए लेकिन लोकसभा, राज्यसभा में सांसद दो मिनट के लिए मौन खड़े नहीं हुए। इसलिए मैंने कहा कि मैं अपने भाषण के बाद अकेले दो मिनट के लिए शांत खड़ा हो जाऊंगा और जो साथ खड़ा होना चाहता है हो जाए। विपक्ष के सब लोग खड़े हुए लेकिन बीजेपी का एक आदमी खड़ा नहीं हुआ|
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा,'मुझे बड़ा दुख हुआ कि घमंड और अहंकार इतना है कि कोई किसानों की शहादत पर भी सहानुभूति देने को तैयार नहीं है। राहुल जी ने संदेश दिया है कि हम आने वाले समय में इस आंदोलन को और सक्रिय करेंगे और गांधीवादी तरीके से केंद्र सरकार को कानून वापस लेने के लिए मजबूर करेंगे|