जयपुर: राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने कोविड-19 महामारी के कारण लॉकडाउन से प्रभावित हुए 35 लाख जरूरतमंद परिवारों को एक हजार रूपए की अनुग्रह राशि एक बार और देने का महत्वपूर्ण निर्णय किया है| राजस्थान CM अशोक गहलोत ने कहा कि,राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में कोविड-19 महामारी के कारण लॉकडाउन से प्रभावित हुए 35 लाख जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सम्बल एवं तात्कालिक राहत देने के लिए एक हजार रूपए की अनुग्रह राशि एक बार और देने का महत्वपूर्ण निर्णय किया है|
CM अशोक गहलोत ने कहा कि,इससे आजीविका की परेशानी झेल रहे इन परिवारों को राहत मिलेगी। राज्य सरकार ने पूर्व में भी लॉकडाउन के दौरान इन परिवारों को 2500 रूपए की अनुग्रह राशि दी थी।
CM अशोक गहलोत ने कहा कि,''बैठक में इस बात पर चर्चा की गई कि कोविड-19 महामारी के कारण पर्यटन एवं होटल व्यवसाय व्यापक रूप से प्रभावित हुआ है। यह सेक्टर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका रखता है।साथ ही इस क्षेत्र से लाखों लोगों की आजीविका प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ी हुई है।मंत्रिपरिषद ने राजस्थान निवेश प्रोत्साहन स्कीम-2019 के तहत पर्यटन, होटल एवं मल्टीप्लेक्स सेक्टर की इकाइयों को एक वर्ष के लिए अतिरिक्त लाभ देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
CM ने कहा कि,'इसके तहत वे इकाइयां पात्र होंगी, जो अपनी गतिविधि एक जुलाई, 2020 से 31 दिसम्बर, 2020 के बीच प्रारम्भ करेंगी और साथ ही जिनकी पात्रता अवधि 31 दिसम्बर, 2019 के बाद भी शेष है।इसके तहत वे इकाइयां पात्र होंगी, जो अपनी गतिविधि एक जुलाई, 2020 से 31 दिसम्बर, 2020 के बीच प्रारम्भ करेंगी और साथ ही जिनकी पात्रता अवधि 31 दिसम्बर, 2019 के बाद भी शेष है।
CM अशोक गहलोत ने कहा कि,''मंत्रिपरिषद् ने उद्योगों को राहत देने के लिए रीको के माध्यम से करीब 220 करोड़ रूपए के राहत पैकेज का भी अनुमोदन किया है|इसके तहत 31 दिसम्बर, 2020 तक सेवा शुल्क एवं आर्थिक किराए की राशि एकमुश्त जमा करवाने पर ब्याज में शत-प्रतिशत की छूट, आवंटित भूखण्ड पर गतिविधि प्रारम्भ करने के लिए दी गई अवधि में हुई देरी के नियमितिकरण पर लगने वाले प्रभार में छूट मिल सकेगी।इसी प्रकार जिन भूखण्ड??ं पर गतिविधि प्रारम्भ करने की अवधि एक मार्च, 2020 से 30 सितम्बर, 2020 तक समाप्त हो रही है, उन्हें एक वर्ष अतिरिक्त समय देने पर लगने वाले प्रभार में छूट दी जाएगी।
CM ने कहा कि मंत्रिपरिषद ने आर्थिक गतिविधियों को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था सोशल डिस्टेंसिंग सहित अन्य सावधानियों के साथ पुनः संचालित करने का निर्णय लिया। इसके तहत प्रदेश में सिटी बसों एवं ऑटोरिक्शा का संचालन शुरू हो सकेगा और आमजन को आवागमन में सुविधा होगी। अशोक गहलोत ने कहा कि,' निर्णय किया गया कि विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास निधि में प्रतिवर्ष मिलने वाली सवा 2 करोड़ रूपए की राशि में से विधायक आगामी 2 वर्ष तक चिकित्सा सुविधाओं के विकास पर प्रतिवर्ष 1 करोड़ रूपए तथा शेष सवा करोड़ रूपए स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों पर खर्च कर सकेंगे।पूर्व में विधायक कोष की सम्पूर्ण राशि दो वर्ष तक चिकित्सा सुविधाओं के विकास पर खर्च करने का निर्णय किया गया था। मंत्रिपरिषद ने इसमें संशोधन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया।
इससे पहले, राजस्थान स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने बताया कैबिनेट की बैठक में आज कोरोना की स्थिति पर चर्चा हुई। प्रदेश में पिछले कुछ दिनों में जिस प्रकार से मामले बढ़े हैं उसपर विस्तार से चर्चा हुई, करीब 8 जिले ऐसे हैं जिनमें मामले ज्यादा हैं उनमें मेडिकल विभाग की अतिरिक्त टीमें भेजी जा रही हैं| हमने टेस्टिंग बढ़ाई है,हमने प्रतिदिन 42000 से ज्यादा टेस्टिंग क्षमता विकसित की है,ज्यादा टेस्टिंग कर रहे हैं इसलिए पॉजिटिव मामलों की संख्या भी बढ़ रही है।परन्तु राजस्थान में स्थिति नियंत्रण में हैं |