जयपुर: राजस्थान के डिप्टी सीएम सचिन पायलट के बागी रुख के बाद से उपजे सियायी संकट पर आज सीएम अशोक गहलोत ने अपने निवास पर विधायकों की बैठक बुलाई और उस बैठक के बाद उन्होंने मीडिया को विक्ट्री का साइन दिखाया|इसके बाद ही कांग्रेस पार्टी ने दावा किया राजस्थान में उसकी सरकार को कई खतरा नहीं है|अशोक गहलोत ने 107 विधायकों के समर्थन का दावा किया|
राजस्थान में सियासी संकट के बीच राजस्थान के कैबिनेट मंत्री ने कहा,मैं सचिन पायलट के साथ हूं| राजस्थान के कैबिनेट मंत्री रमेश मीणा ने कहा मैं सचिन पायलट के साथ हूं|
राजस्थान में चल रही सियासी बवंडर के बीच बड़ी संख्या में कांग्रेस के विधायक मुख्यमंत्री आवास पर पहुंचे| राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निवास पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, रणदीप सिंह सुरजेवाला, अजय माकन और सभी नेताओं ने विक्ट्री का निशान दिखाया।मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निवास पर विधायक दल की बैठक में 107 विधायक उपस्थित थे।कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) की बैठक संपन्न होने के बाद सभी विधायक बस में सवार होकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आवास से निकले। विधायकों ने कहा, "ऑल इज़ वेल"।
राजस्थान के सियासी समर में पुराने खिलाड़ी अशोक गहलोत बाजी मारते हुए दिख रहे हैं। मुख्यमंत्री गहलोत और उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच चल रही खींचतान सोमवार को भी दिनभर जारी रही। सोमवार सुबह से ही जयपुर में सियासी बिसातें बिछना शुरू हो गई थी। हालांकि दिल्ली से भी दिग्गजों को भेजे जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। गहलोत ने अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया तो पार्टी आलाकमान सचिन पायलट को भी मनाता दिखा।
कांग्रेस महासचिव और राजस्थान में पार्टी के इंचार्ज अविनाश पांडे ने ने कहा,''कांग्रेस विधायक दल की बैठक में गहलोत जी के नेतृत्व में विश्वास जताते हुए सरकार को मजबूत करने का संकल्प पारित। सत्यमेव जयते। फिलहाल किसी भी तरह को जोखिम ना उठाते हुए कांग्रेस ने अपने विधायकों को बसों द्वारा रिसोर्ट में शिफ्ट कर दिया कर दिया और किसी भी तरह के तख्तापलट के प्रयासों से दूर कर दिया| कांग्रेस के कुछ नेता सचिन पायलट के पास भी पहुंचे, जो उन्हें किसी तरह मनाने की कोशिश में जुटे हैं