जयपुर:राजस्थान में जारी सियासी संकट अब ऑडियो टेप पर आ गई है| एक ओर BJP ने ऑडियो को झूठा घोषित कर दिया तो दूसरी ओर कांग्रेस कह रही है अगर ये निर्दोष हैं तो आगे बढ़कर आवाज के सैंपल क्यों नहीं देते? साथ ही कांग्रेस ने की मांग की है कि केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को या तो इस्तीफा देना चाहिए या उनको तुरंत प्रभाव से हटा देना चाहिए ताकि वो जांच में हस्तक्षेप न कर सकें।
जयपुर में पूर्व केंद्रीय कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस नेता अजय माकन ने कहा,''एंटी करप्शन ब्यूरो ने प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट की धारा 7, 7A के तहत भंवल लाल शर्मा,गजेंद्र सिंह,संजय जैन के खिलाफ FIR दर्ज की है। अगर इसकी जांच करने के लिए SOG जाती है तो क्यों उन्हें रोका जाता है? अगर ये निर्दोष हैं तो आगे बढ़कर आवाज के सैंपल क्यों नहीं देते?
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कांग्रेस नेता अजय माकन ने कहा,''कांग्रेस मांग करती है कि गजेंद्र सिंह शेखावत को या तो इस्तीफा देना चाहिए या उनको तुरंत प्रभाव से हटा देना चाहिए ताकि वो जांच में हस्तक्षेप न कर सकें। उन्हें आगे आकर अपना वॉयस सैंपल देना चाहिए। अगर आपने गलत काम नहीं किया है तो वॉयस सैंपल देने से डरते क्यों हैं? क्या केंद्र सरकार सीबीआई की धमकी इसलिए दे रही है क्योंकि इसमें और भी बड़े-बड़े लोग शामिल हैं। अगर ये जांच धीरे-धीरे करके और ऊपर जाएगी तो पता नहीं कहां पर जाकर खत्म होगी, इसलिए सीबीआई की धमकी दी जा रही है|
अजय माकन ने पूछा,''क्या देश को विश्वास में नहीं लेना चाहिए कि काला धन कहां से आ रहा है, कौन मुहैया करवा रहा है, हवाला से कैसे ट्रांसफर किया जा रहा है, किस-किस को दिया जा रहा है..? क्या राजस्थान सरकार गिराने के इस काला धन आदान-प्रदान में शामिल लोगों का चेहरा बेनकाब नहीं होना चाहिए...? अगर भाजपा की कोई भूमिका नहीं, तो केंद्र सरकार से लेकर हरियाणा सरकार, इनकम टैक्स, ईडी, हरियाणा पुलिस, दिल्ली पुलिस कांग्रेस विधायकों को विशेष सुरक्षा चक्र देने तथा राजस्थान पुलिस की जाँच से अलग रखने को इतनी मशक्कत क्यों कर रहे हैं..?
MHA (गृह मंत्रालय) इस मामले में कूद गया क्योंकि उनके राजनीतिक नेताओं ने उन्हें बताया कि वे फंस सकते हैं क्योंकि एसओजी राजस्थान के पास सबूत है और ऑडियो क्लिप प्रामाणिक है। राष्ट्र को पता है सीएम की ईमानदारी, उन्होंने कहा था कि अगर ऑडियो गलत साबित होता है, तो वह राजनीति से संन्यास ले लेंगे| यह बातें राजस्थान मंत्री प्रताप खाचरियावास ने कही|
ऑडियो टेप पर राजस्थान के मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा,''इसके बाद, गजेंद्र सिंह, गुलाब चंद कटारिया, सतीश पूनिया, राजेंद्र राठौर ने ऑडियो को झूठा घोषित कर दिया। क्या वे सीएम जैसा बयान दे सकते हैं? नरेंद्र मोदी और अमित शाह को सामने आना चाहिए, उन्हें कहना चाहिए कि क्या वे इस्तीफा देंगे। सीएम ने साफ कहा,''अगर ऑडियो गलत साबित होता है, तो वह राजनीति से संन्यास ले लेंगे|
राजस्थान के मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा,'गृह विभाग कूदा क्योंकि भारत सरकार के नेताओं ने वहां जाकर अनुरोध किया है कि हम फंस जाएंगे, SOG के पास पूरे सबूत हैं। BJP का नंबर गेम नहीं बना,बनता तो सरकार तो गिरा ही दी थी।वो नंबर गेम पर फेल हो गए,षड्यंत्र में कोई कमी नहीं थी|
कांग्रेस विधायक राजेंद्र गुड्डा ने कहा, संजय जैन आज से 8 महीने पहले मेरे पास आया था, इसने मेरे से बात की थी कि आप वंसुधरा जी से मिल लो। इनके दलाल सक्रिय थे लेकिन इनके मंसूबे पूरे नहीं हुए|बहुमत नहीं होता तो अब तक ये(बीजेपी) फ्लोर टेस्ट की मांग करने लग जाते। इनको पता है कि हमारे साथ बहुमत है इसलिए ये हाउस के अंदर फ्लोर टेस्ट की मांग नहीं कर रहे हैं|
बता दें कि शनिवार को गृह मंत्रालय ने राजस्थान के मुख्य सचिव से राज्य में फोन टैपिंग मुद्दे पर रिपोर्ट मांगी थी|बता दें कि कांग्रेस ने बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की 'कथित ऑडियो क्लिप' जारी करते हुए उन पर राजस्थान की गहलोत सरकार को अस्थिर करने का आरोप लगाया है|
अशोक गहलोत की सरकार को गिराने और विधायकों की खरीद-फरोख्त करने के आरोप में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और संजय जैन और कांग्रेस विधायक भंवरलाल शर्मा के खिलाफ जयपुर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने केस किय?? दर्ज था।गुरुवार को वायरल हुई ऑडियो में कथित तौर पर केंद्रीय कैबिनेट मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, कांग्रेस विधायक भंवर लाल शर्मा और भाजपा नेता संजय जैन की बातचीत का खुलासा हुआ जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई थी|वहीं, आज अदालत ने ऑडियो टेप कांड में आरोपी संजय जैन को 4 दिन की हिरासत में भेज दिया।
बता दें कि,''अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एटीएस एवं एसओजी) अशोक राठौड ने बताया था कि जैन को सोशल मीडिया पर वायरल हुई ऑडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर दर्ज प्राथमिकी के सिलसिले में पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया था| पुलिस के अनुसार जैन को बृहस्पतिवार और शुक्रवार को पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया था| एसओजी ने विधायकों की कथित खरीद फरोख्त और कथित ओडियो टेप रिकार्डिंग मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 124 ए (देशद्रोह) और 120 बी (षडयंत्र)के तहत शुक्रवार को दो प्राथमिकी दर्ज की थी|
गहलोत सरकार को गिराने के कथित षडयंत्र वाले सोशल मीडिया पर वायरल हुए तीन ओडियो टेप में से एक टेप में कांग्रेस विधायक भंवरलाल शर्मा, केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत और संजय जैन के बीच कथित बातचीत के खिलाफ जांच की मांग को लेकर कांग्रेस के मुख्य सचेतक महेश जोशी की ओर से देशद्रोह का मामला दर्ज करवाया गया था|