जयपुर/नई दिल्ली: सचिन पायलट और अन्य बागी विधायकों को कांग्रेस की ओर से अयोग्य ठहराए जाने संबंधी नोटिस पर चुनौती देने वाली याचिका पर राजस्थान हाईकोर्ट में सोमवार को फिर से सुनवाई की जाएगी| सचिन पायलट समेत अन्य बागी विधायकों को नोटिस के मामले में स्पीकर के सामने आज होने वाली सुनवाई मंगलवार शाम साढ़े 5 बजे तक टल गई है। तब तक विधायकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी|
राजस्थान HC में स्पीकर सी.पी.जोशी का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील प्रतीक कासलीवाल ने कहा,''विधानसभा अध्यक्ष के सामने (सचिन पायलट और अन्य विधायकों को जारी किए गए नोटिस पर) आज होने वाली सुनवाई, मंगलवार शाम5:30बजे तक टाल दी गई है। तब तक विधायकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती|
सचिन पायलट की याचिका पर राजस्थान हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। इसके बाद हाई कोर्ट ने सोमवार सुबह 10 बजे तक सुनवाई स्थगित कर दी। 21 जुलाई (मंगलावार) तक स्पीकर कोई कार्रवाई नहीं कर सकेंगे।राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष द्वारा सचिन पायलट, 18 अन्य विधायकों को सदन से अयोग्य करार देने की मांग वाली कांग्रेस की शिकायत पर अब सोमवार को सुनवाई होगी।
गौरतलब है कि सचिन पायलट के समर्थक कांग्रेस के कई बागी विधायक हरियाणा के मानेसर में एक रिसॉर्ट में रूके हुए हैं। राठौड़ ने कहा कि एसओजी आवाज के नमूने से मिलान करने के लिए 'स्पेक्ट्रोग्राफी टेस्ट' के लिए भी अदालत में अर्जी दाखिल करने वाली है। बता दें कि इस कथित ऑडियो क्लिप में बागी विधायकों में से कुछ की आवाज है जो सरकार से जुड़ी कुछ बातों पर चर्चा कर रहे हैं।
राजस्थान में अशोक गहलोत की सरकार को गिराने और विधायकों की खरीद-फरोख्त करने के आरोप में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और संजय जैन के खिलाफ जयपुर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने केस दर्ज कर लिया है। कल वायरल हुई ऑडियो में कथित तौर पर केंद्रीय कैबिनेट मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, कांग्रेस विधायक भंवर लाल शर्मा और भाजपा नेता संजय जैन की बातचीत का खुलासा हुआ जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई|
ऑडियो क्लिप पर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने सफाई दी है|उन्होंने कहा कि ऑडियो फर्जी है और मैं जांच के लिए तैयार हूं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मैं किसी भी जांच का सामना करने के लिए तैयार हूं। ऑडियो में मेरी आवाज नहीं हैं| गुरुवार को कांग्रेस की ओर से कुछ ऑडियो टेप की बात सामने आने के बाद केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, संजय जैन के खिलाफ जयपुर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने केस दर्ज कर लिया है। इसके अलावा कांग्रेस विधायक भंवरलाल शर्मा पर भी केस दर्ज किया गया है|
स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप एडीजी अशोक राठौर ने कहा,''कल वायरल हुई ऑडियो को लेकर महेश जोशी ने दो शिकायत की थीं, IPC की धारा 124 ए और 120 बी के तहत एफआईआर दर्ज की गई हैं। हम ऑडियो में हुई बातचीत की सच्चाई की जांच करेंगे| संजय जैन से कल पूछताछ की गई थी, उन्हें आज भी बुलाया गया। अभी हम उनसे कुछ तथ्यों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं|
राजस्थान कांग्रेस के मुख्य व्हिप महेश जोशी ने कहा,''2 FIR दर्ज कराई हैं, एक FIR में 3 नाम हैं और दूसरी में कोई नाम नहीं है। FIR में भंवरलाल शर्मा, गजेंद्र सिंह, संजय जैन का नाम है। FIR में नाम गजेंद्र सिंह है लोगों का अनुमान है कि वो गजेंद्र सिंह शेखावत है इसकी जांच SOG करेगी|
बता दें कि कांग्रेस ने एक ऑडियो क्लिप का हवाला देते हुए पहली बार केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत पर सीधा हमला बोला है।गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने पार्टी के विधायकों- भंवरलाल और विश्वेंद्र सिंह पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ ऑडियो टेप सामने आए हैं, जिसमें भंवरलाल , संजय जैन और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत की आवाज़ है|
पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, 'कल शाम दो सनसनीखेज और चौंकाने वाले ऑडियो टेप मीडिया के माध्यम से सामने आए। उन्होंने कहा कि इन ऑडियो टेप से कथित तौर पर केंद्रीय कैबिनेट मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, कांग्रेस विधायक भंवर लाल शर्मा और भाजपा नेता संजय जैन की बातचीत सामने आई है।इस तथाकथित बातचीत से पैसों की सौदेबाजी व विधायकों की निष्ठा बदलवाकर राजस्थान की कांग्रेस सरकार गिराने की मंशा और साजिश साफ है। यह लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय है।
मीडिया में गुरुवार को वायरल हुए एक ऑडियो टेप का हवाला देते हुए सुरजेवाला ने कहा, 'कांग्रेस ने विधायक भंवर लाल शर्मा को इन ऑडियो टेप की सत्यता का सत्यापन होने तक पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया है।' सुरजेवाला ने बताया कि इसी तरह विधायक विश्वेंद्र सिंह की प्राथमिक सदस्यता भी निलंबित की गई है। इन दोनों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।उल्लेखनीय है कि विधायक सिंह व शर्मा दोनों ही सचिन पायलट खेमे के हैं। सिंह को पायलट का करीबी माना जाता है और पार्टी ने पायलट सहित जिन तीन मंत्रियों को पद से हटाया उनमें वह भी शामिल हैं।