जालौर: JaloreStudent Death Case: राजस्थान के पूर्व उप मुख्यमंत्री औऱ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने मंगलवार को जालौर जिले के सायला थाना क्षेत्र के सुराणा गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की| बता दें कि जालौर जिले के सायला थाना क्षेत्र के सुराणा गांव के एक निजी विद्यालय के दलित छात्र इंद्र कुमार (9) ने विद्यालय के संचालक के मटके से पानी पी लिया था, इसी को लेकर टीचर ने उसे इतना पीटा कि उसकी मौत हो गई थी| सचिन पायलट ने मंगलवार को सायला थाना क्षेत्र के सुराणा गांव पहुंचकर परिवार से मुलाकात की| परिवार के लोगों ने सचिन पायलट को पूरे घटनाक्रम से अवगत करवाया|
वरिष्ठ कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने एक निजी विद्यालय में मटके से पानी पीने पर दलित स्कूली छात्र (9) की हत्या की घटना की निंदा की है| उन्होंने पीड़ित परिवार पर पुलिस कर्मियों द्वारा मारपीट करने का आरोप लगाया और उनके खिलाफ कार्रवाई में देरी पर सवाल उठाया|
पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद वरिष्ठ कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा,''स्कूल में शिक्षक द्वारा पीटने से मासूम छात्र की मौत हो गई। FIR में लिखा हुआ है कि वह शिक्षक के मटके से पानी पीना चाह रहा था जिसके बाद भेदभाव किया गया। परिजनों ने बताया कि उसे रात में दफनाया गया था।
सचिन पायलट ने कहा,' परिवार पर लाठीचार्ज भी हुआ था| परिवार पर लाठीचार्ज करने वाले अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। शिक्षक को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया लेकिन हमें इस तरह के माहौल को हटाना होगा और दलित समुदाय को यह महसूस करना चाहिए कि यह उनकी सरकार है और उनके साथ दुर्व्यवहार करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा|
सचिन पायलट ने अपने ट्वीट में लिखा,''जालौर जिले के ग्राम सुराणा में कुछ दिन पहले शिक्षक द्वारा बेरहमी से की गई पिटाई से अपने प्राण गंवाने वाले मासूम छात्र स्व. इंद्र कुमार के घर पहुंचकर उसे श्रद्धांजलि अर्पित की एवं परिजनों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी। इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवार के साथ हैं।
उन्होंने ने कहा, अपने बच्चे को खोने वाले माता-पिता की पीड़ा को शब्दों में व्यक्त कर पाना संभव नहीं है। मैं आशा करता हूं कि मासूम व उसके परिवार को शीघ्र न्याय मिले और अपराधी को सख्त से सख्त सजा मिले। इसके साथ ही भेदभाव जैसी कुरीतियों व बुराइयों से समाज की रक्षा के लिए हम सभी को आवाज उठानी चाहिए।
गौरतलब है कि, नौ वर्षीय दलित छात्र इंद्र कुमार को 20 जुलाई को स्कूल में पीने के पानी का बर्तन छूने पर एक अध्यापक ने क्रूरता पूर्वक पीटा था।पिटाई के बाद इंद्र की तबीयत खराब होने लगी तो उसे जालोर डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल ले गए। जालोर से उसी दिन उदयपुर रेफर कर दिया गया था। यहां भी तबीयत में सुधार नहीं हुआ तो कुछ दिनों बाद अहमदाबाद ले गए थे। शनिवार ,13 अगस्त 2022, को अहमदाबाद के एक अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी। आरोपी शिक्षक छैल सिंह (40) को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया था।
जालोर के पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाल ने बताया था कि बच्चे को बुरी तरह से पीटा गया था। उन्होंने कहा कि बताया गया है कि पीने के पानी का बर्तन छूने के कारण बच्चे की पिटाई की गई। उन्होंने कहा था कि इस मामले में अभी जांच की जानी है।’ राज्य के शिक्षा विभाग ने दो अधिकारियों को मामले की जांच कर इसकी रिपोर्ट खंड शिक्षा अधिकारी को सौंपने का निर्देश दिया था।
बच्चे के पिता ने कहा था कि, उनके बेटे के चेहरे और कान पर चोटें आई थीं और वह लगभग बेहोश हो गया था। पिता के अनुसार, उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे उदयपुर के एक अस्पताल में रेफर कर दिया गया। लड़के के पिता देवाराम मेघवाल ने कहा, ‘‘वह (बच्चा) लगभग एक सप्ताह तक उदयपुर के अस्पताल में भर्ती रहा, लेकिन कोई सुधार नहीं होने पर हम उसे अहमदाबाद ले गए। उसकी हालत में वहां भी सुधार नहीं हुआ और उसने शनिवार को दम तोड़ दिया।’