श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के अमरनाथ में बादल फटने की घटना में अब तक 16 लोगों के मौत की पुष्टि हुई है, 40 लोग लापता हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है| श्रीनगर में BSF कश्मीर मुख्यालय से शवों को पुलिस मुख्यालय ले जाया जा रहा है।| अमरनाथ में बादल फटने के बाद बालटाल में भारतीय सेना बचाव अभियान में लगी है।
बीएसएफ एमआई 17 हेलिकॉप्टर को आगे के इलाज या शवों को उनके घरों तक पहुंचाने के लिए नीलगढ़ हेलीपैड / बालटाल से बीएसएफ कैंप श्रीनगर तक कार्रवाई में लगाया गया| ITBP की टीमें अमरनाथ गुफा के पास लापता की तलाश कर रही|
NDRF के DG अतुल करवाल के मुताबिक, बादल फटने से अब तक 16 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। NDRF के DG अतुल करवाल ने बताया,'' रात साढ़े 4 बजे तक रेस्क्यू का काम चला फिर बारिश के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन रोका गया वापस सुबह 6 बजे से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया|
नोडल चिकित्सा अधिकारी मेजर पंकज कुमार ने बताया, "10 मरीज आए थे जिनको हमने प्राथमिक चिकित्सा देकर बालटाल अस्पताल भेजा है। हमारे पास असल आंकड़े नहीं है।"
दिल्ली में ITBP के PRO विवेक कुमार पांडे ने बताया, "पवित्र गुफा से पंजतरणी का 6 किमी का इलाका है। हम लगभग 15,000 लोगों को पंजतरणी में लेकर आए हैं। उन्हें खाना शेल्टर, आदी मुहैया कराया जा रहा है। हमने रात में ही सभी लोगों को रास्ते से बचा लिया था|
ITBP के PRO ने बताया,''स्थानीय प्रशासन से हमें सूचना मिली है कि करीब 30-40 लोग अभी गुमशुदा हो सकते हैं। हमने ITBP, भारतीय सेना, NDRF, SDRF और जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। गुफा वाले इलाके से हमें कई गुमशुदा लोग मिल सकते हैं|
विवेक कुमार पांडे ने बताया,'यात्रा फिलहाल के लिए रोक दी गई है। लोगों को हम सलाह दे रहे हैं कि वह ऊपर न जाए। सभी यात्री सुरक्षित हैं और चिंता की बात नहीं है। दोपहर बाद काफी हद तक स्थिति सामान्य होने की संभावना है और अगर प्रशासन निर्णय लेगा तो यात्रा फिर से शुरू कर सकते हैं|