भारत भ्रमण के दौरान कानपुर शहर बस से पहुंचे फ्रांस के दो नागरिक भटक गए। इस दौरान कमिश्नरेट की कानपुर पुलिस ने मित्र पुलिस का उदाहरण देते हुए दोनों को मदद की।
पुलिस कर्मियों ने उन्हें देखा तो अतिथि देवो भवः की परंपरा निभाते हुए थाने में रुकवाया और जलपान कराने के बाद उन्हें वाराणसी के लिए बस में बैठा दिया।
फ्रांस के नागरिक महिला क्लैरे रोलेण्ड अपने पुरुष मित्र पेट्रिक के साथ भारत में घूमने के लिए आए थे।
मंगलवार की रात को वे लोग झकरकटी बस अड्डे से वाराणसी जाने के लिए बस में सवार हुए थे। रामादेवी चौराहे पर बस के रुकने के दौरान वे कुछ खाने-पीने के लिए नीचे उतरे।
लेकिन इससे पहले कि वे वापस बस में बैठ पाते बस रवाना हो गई और वे दोनों अनजान शहर में भटक गए।
चकेरी थाने में तैनात उपनिरीक्षक रविशंकर और उपनिरीक्षक सुशील कुमार गश्त के दौरान दोनों विदेशी नागरिकों को परेशान हाल में देखा तो उनके पास पहुंचे।
उन्होंने उनकी भाषा की समस्या को समझते हुए उनकी मदद की। दोनों उपनिरीक्षकों ने क्लैरे रोलेण्ड और पेट्रिक को थाने में ले जाकर उन्हें जलपान कराया।
उन्होंने न केवल उन्हें सुरक्षित महसूस कराया बल्कि करीब पांच घंटे थाने में आराम कराने के बाद दोनों को वाराणसी जाने वाली बस में बैठाकर रवाना किया।