कानपुर: योगी आदित्यनाथ सरकार में कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने कानपुर कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। कैबिनेट मंत्री राकेश सचान को सोमवार को एक अदालत के सामने आत्मसमर्पण करने के बाद आर्म्स एक्ट के एक मामले में ₹1,500 के जुर्माने के साथ एक साल के कारावास की सजा सुनाई। बाद में उन्हें ₹50,000 के मुचलके पर जमानत दे दी गई।
सचान को दो दिन पहले एक अवैध राइफल रखने के आरोप में 13 अगस्त, 1991 को उनके खिलाफ दर्ज शस्त्र अधिनियम के मामले में दोषी ठहराया गया था। इसके तुरंत बाद, सचान कथित तौर पर आदेश की एक प्रति लेकर अदालत से भाग गए थे| अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट की पाठक कामिनी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि सचान ने भागते समय फाइल ले ली थी।
उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने सोमवार को कानपुर की कोर्ट में सरेंडर कर दिया है| कानपुर ACMM-3 कोर्ट ने आर्म्स एक्ट मामले में यूपी के कैबिनेट मंत्री राकेश सचान को एक साल की सजा और 1500 रुपए जुर्माना सुनाया। साथ ही उन्हें जमानत भी मिल गई|
कोर्ट में सरेंडर से पहले मंत्री सचान ने सोमवार को कहा कि,'' वह कोई नोटिस नहीं दिए जाने के बावजूद अदालत में पेश हो रहे हैं। “मैं ऐसा इसलिए कर रहा हूं क्योंकि मीडिया ने मुझे एक भगोड़े की तरह चित्रित किया, जिसने फाइल छीन ली। कोर्ट जो भी फैसला करेगा मैं उसका पालन करूंगा।
आर्म्स एक्ट में फैसले से पहले कोर्ट छोड़ने पर योगी सरकार में मंत्री राकेश सचान ने कहा,''मुझे कोई नोटिस नहीं मिला था...आज तक मेरे ऊपर चोरी की कोई FIR नहीं हुई है। ये मुकदमा भी बेबुनियाद है। मेरे पास लाइसेंसी असलहा है...अदालत का जो भी फैसला होगा वो मान्य होगा। मैं अपने वकील कोर्ट गया था|
गौरतलब है कि,कैबिनेट मंत्री राकेश सचान को 31 साल पुराने अवैध असलहा से जुड़े एक मामले में कोर्ट ने दोषी ठहराया था। इसके बाद राकेश सचान कोर्ट से कथित तौर पर आदेश की कॉपी लेकर भाग निकले थे|
साल 1991 में राकेश सचान से पुलिस ने एक अवैध हथियार बरामद किया था। इस मामले में सशस्त्र अधिनियम के तहत उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया। इसी केस में कानपुर की अपर मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट-3 की अदालत में सुनवाई हुई। कोर्ट ने सचान को दोषी ठहराया।
इसके बाद बारी सजा सुनाने की थी। मगर राकेश सचान दोष सिद्ध आदेश की फाइल लेकर ही अदालत से भाग गए। इसके बाद कोर्ट की पेशकार ने मंत्री के खिलाफ FIR दर्ज कराने के लिए कोतवाली में तहरीर दी थी। रविवार को, पुलिस ने कहा कि मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद, अदालत कक्ष से सचान के "गायब होने" की "प्रारंभिक जांच" शुरू की गई थी|