● प्रधानमंत्री आवास योजना का अधिकारी बनकर करता था फोन
● क्राइम ब्रांच ने एक अभियुक्त को दबोचा, दूसरे की तलाश जारी
● कानपुर देहात के रहने वाले हैं दोनों अभियुक्त
● एक अभियुक्त के खाते में साढ़े छह लाख रुपये किये गये फ्रीज
● शहर में नहीं बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों के भी लोग फंसे
कानपुर: प्रधानमंत्री आवास दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का क्राइम ब्रांच ने खुलासा किया है| अभियुक्त द्वारा सीधे साधे लोगों को प्रधानमंत्री आवास दिलाने के नाम पर ठगा जाता था। अब तक की जांच में एक हजार से अधिक लोग इस ठगी गैंग का शिकार हो चुके हैं। सिर्फ कानपुर में ही नहीं बल्कि देश के अलग-अलग शहरों के लोगों को भी यह ठग चुके हैं। क्राइम ब्रांच ने एक अभियुक्त को दबोच कर उसके खाते में ठगी के साढ़े छह लाख रुपये फ्रीज करा दिये हैं।
ऐसे करता था ठगी
प्रधानमंत्री आवास योजना में ठगी का तरीका कुछ ऐसा था कि अभियुक्तों द्वारा सभी लोगों को कॉल करके बोला जाता था कि मैं पीएम आवास से अधिकारी बोल रहा हूं। आपकी कॉलोनी कंफर्म हो गई है। ₹120000 आपके आए हुए हैं आप लेना चाहते हैं या नहीं। अगर हां तो आपको आपको ₹13450 रुपए राशि जमा करनी होगी। जिसमें ₹450 रुपए फार्म चार्ज के जमा करने होंगे। जिसमें ₹13000 किस्त के रूप में जमा हो गए।
कुछ दिनों बाद दोबारा किस्त जमा करने के लिए फोन आता है या फिर योजना से संबंधित दस्तावेजों को पूरा करने के लिए आता था। फोन करके एटीएम खाता संख्या और खाते में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर भी फ्रॉड ले लेते थे। इसके बाद अपना पासबुक एटीएम कार्ड एटीएम से लिंक मोबाइल नंबर लोग जाल में फंसकर फ्रॉड को दे देते थे। इस प्रकार अब तक हुई जांच में करीब एक हजार लोग ठगी का शिकार हो चुके हैं जिनसे करोड़ों की ठगी की जा चुकी है।
ऐसे पकड़ा गया मामला
थाना चकेरी के कृष्णा नगर पीएसी रोड निवासी अभिषेक द्विवेदी ने बीती 22 नवंबर को पुलिस को सूचना दी कि किसी अनजान व्यक्ति द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के नाम पर ठगी कर ली गई है। पुलिस ने मुकदमा लिखने के बाद क्राइम ब्रांच को स्थानांतरित किया। क्राइम ब्रांच ने जब मामले की जांच शुरू की तो पूरा मामला खुल गया। पुलिस ने नंबरों के आधार पर ट्रैक किया तो अभियुक्त दबोच लिया। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान बदलू पुत्र शीतला प्रसाद निवासी ग्राम सीतलपुर गंगरौली कानपुर देहात के रूप में हुई। पुलिस ने इसके खाते में पड़े साढ़े छह लाख रुपये पुलिस ने सीज करा दिए हैं। एक अभियुक्त मौके से फरार हो गया। फरार अभियुक्त प्रभु दयाल पुत्र शीतल सिंह निवासी सीतलपुर गंगरौली कानपुर देहात के रूप में हुई।