नई दिल्ली: भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत 21 जनवरी से उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी का दौरा करेंगे| इस दौरान राकेश टिकैत यहां करीब 3 से 4 दिनों तक रहेंगे और लखीमपुर हिंसा में प्रभावित किसान परिवारों से मुलाकात करेंगे| किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा,''लखीमपुर खीरी में जो घटना हुई थी, हम 21 तारीख से वहां पर 3-4 दिन के लिए जाएंगे। वहां पर पीड़ितों से मुलाक़ात करेंगे। जो किसान जेल में है, हम उनसे भी मिलेंगे|
वहीं, भारतीय किसान संघ के नेता युद्धवीर ने कहा कि अभी तक केंद्र ने एमएसपी पर न तो कोई समिति बनाई है और न ही इस पर किसान संगठनों से कोई संपर्क ही किया है| लखीमपुर खीरी कांड में शामिल होने वाले राज्यमंत्री को भी सरकार ने नहीं हटाया है| उन्होंने सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि अगर सरकार हमारी मांगों का जवाब नहीं देती है तो हम 31 जनवरी को 'विरोध दिवस' मनाएंगे|
आपको बता दें कि लखीमपुर हिंसा मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था| एसआईटी ने 5 हजार पन्नों का चार्जशीट फाइल किया है| इसमें आशीष मिश्रा समेत 14 लोगों को आरोपी बनाया गया है| वहीं, एक दूसरे आरोपी वीरेंद्र शुक्ला का भी नाम चार्जशीट में जोड़ा गया है| 13 आरोपी जेल में बंद हैं..जांच के लिए गठित एसआईटी ने डीवीडी और पेन ड्राइव भी सबूत के तौर पर जमा किया है|
बता दें साल 2021 में 3 अक्टूबर को आशीष मिश्रा के समर्थकों और किसानों के बीच संघर्ष हुआ था जिसमें 8 लोगों की मौत हो गई थी| एसआईटी अपने चार्जशीट में इस संघर्ष को सोची समझी साजिश बताया है| जिसमें धरना प्रदर्शन कर रहे किसानों के जीप और एसयूवी से कुचला गया था| बता दें कि तिकुनिया हिंसा में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा और दर्जनों साथियों पर चार किसानों को अपने थार जीप से कुचलकर मारने के साथ ही गोली चलाने जैसे कई आरोप हैं| फिलहाल इन आरोपों के साथ गृह राज्य मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा को इनके साथी जेल में बंद हैं| इन पर हत्या, हत्या के प्रयास जैसे कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज है|