मुख्य सामग्री पर जाएँ
25 अगस्त 2026

कई जिलों में नदियों के उफान से गांव के गांव डूब गए, तब जिलाधिकारियों से बैठक कर महज औपचारिकता निभाने की खानापूर्ति कर रहे हैं CM: अखिलेश यादव

लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में गांव बेहाल है। कई जनपदों में नदियों में उफान से गांव के गांव डूब गए हैं, फसल…

कई जिलों में नदियों के उफान से गांव के गांव डूब गए, तब जिलाधिकारियों से बैठक कर महज औपचारिकता निभाने की खानापूर्ति कर रहे हैं CM: अखिलेश यादव
कई जिलों में नदियों के उफान से गांव के गांव डूब गए, तब जिलाधिकारियों से बैठक कर महज औपचारिकता निभाने की खानापूर्ति कर रहे हैं CM: अखिलेश यादव | फ़ोटो: TVL News

लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में गांव बेहाल है। कई जनपदों में नदियों में उफान से गांव के गांव डूब गए हैं, फसलें बर्बाद हो गई हैं। इससे पहले किसान ओलावृष्टि, अतिवृष्टि का शिकार हो चुका है, उसे अपनी चौपट फसलों का अभी तक मुआवजा भी नहीं मिला है। पशुधन का नुकसान अलग से हुआ है। जब चारों ओर तबाही मच गई है तब मुख्यमंत्री जी राज्य के जिलाधिकारियों से बैठक कर महज औपचारिकता निभाने की खानापूर्ति कर रहे हैं।



अखिलेश यादव ने कहा है कि,प्रदेश में बाढ़ के कारण हजारों हेक्टेयर जमीन में लगी करोड़ों की फसल बर्बाद हो गई है। दर्जनों मौतें हो चुकी है। पलियाकलाॅ (लखीमपुरखीरी) में शारदा नदी, तूतीपार (बलिया) एलगिन ब्रिज और अयोध्या में सरयू (घाघरा नदी) खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। लोग बंधों और सड़क के किनारे शरण लेकर पड़े हैं। उनकी कोई सुध लेने वाला नहीं है। सरकार से कोई राहत नहीं मिल पा रही है। न मिट्टी का तेल, न खाने पीने की सामग्री, नहीं दवाएं और सिर छुपाने के लिए प्लास्टिक या तिरपाल भी मुहैया नहीं कराया जा रहा है।



उन्होंने कहा कि,''बहराइच के 85 गांवों में पानी भरा है। 25 दिनों से बाढ़ग्रस्त इलाकों में लोग फंसे हुए हैं। किसान कहते हैं कि पशुओं के चारे में सांप छुपे बैठे हैं इसलिए पशुओं को भी चारा नहीं दे पा रहे है। बाराबंकी के गणेशपुर चहलारी घाट तटबंध पर 55 वर्षीय पिता 12 वर्षीय पुत्र को बचाने में नदी में डूब गया। पीएसी की फ्लड कम्पनी से मदद मांगने पर जवाब मिला, स्टीमर में तेल नहीं है। बाराबंकी में खेत-खलिहान सब जलमग्न है। राहत में सड़े आलू दिए गए हैं। गाजियाबाद में पानी पुलिस चैकी तक में घुस गया। हापुड़ में तीस किलोमीटर तक पानी ही पानी दिखाई दे रहा है। श्रावस्ती में राप्ती नदी उफान पर है।



अखिलेश यादव ने कहा है कि,गोण्डा में घाघरा नदी की बाढ़ में सैकड़ों गांव फंसे हैं। करनैलगंज में 2 हजार की आबादी इसकी चपेट में है। बहराइच में सरयू नदी उफान पर है जिससे 70 गांव डूब गए है। देवरिया में हजारों बीघा जमीन पानी में डूब गई है। कासगंज में बाढ़ से भारी नुकसान हुआ है। बस्ती में सरयू नदी का कहर है। आजमगढ़ में तमाम मकान जलभराव से गिर गए हैं। रहने का ठिकाना नहीं है। पशु भी चारे के अभाव में मर रहे हैं। खेती चौपट है। धान एवं गन्ना की फसल बर्बाद हो गई है। आदमी व पशु बीमार पड़ रहे है उनकी चिकित्सा-दवा की कोई व्यवस्था नहीं है।




समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि नगरों, उपनगरों में हालात कमोबेश ऐसे ही है। जलभराव और घरों में पानी से बीमारियों का खतरा उत्पन्न हो गया है। इस सबसे सरकार बेपरवाह है। भाजपा का एजेण्डा पीड़ितों से दूर ही दूर रहता है। गांवों की बदहाली में भी भाजपा सरकार अपना राजनीतिक स्वार्थ साधन करने से नही चूक रही है। यह संवेदनशून्यता की पराकाष्ठा है।








tvlnews

TVL News (TheViralLines) के संवाददाता। यह रिपोर्ट स्थानीय स्रोतों और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी की पुष्टि के बाद प्रकाशित की गई है। किसी तथ्य में सुधार के लिए संपर्क करें या +91 99996 56869 पर WhatsApp करें।

मुफ़्त अलर्ट

ऐसी हर खबर सबसे पहले पाएँ

बस्ती, गोंडा, अयोध्या, गोरखपुर और लखनऊ के अपडेट सीधे आपके WhatsApp पर।

इन्हें भी पढ़ें

टॉप न्यूज़ की सभी खबरें

इस खबर से जुड़े सवाल

यह खबर कब प्रकाशित हुई और आखिरी बार कब अपडेट की गई?

यह रिपोर्ट 19 अगस्त 2020 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 9 मई 2025 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

इस क्षेत्र की और खबरें कहाँ पढ़ें?

इस क्षेत्र की ताज़ा खबरें TVL News के ज़िला सेक्शन में पढ़ी जा सकती हैं। thevirallines.net पर बस्ती, गोंडा, अयोध्या, गोरखपुर और लखनऊ के अलग-अलग पेज हर दिन अपडेट होते हैं।

इस खबर में कोई तथ्य ग़लत लगे तो क्या करें?

TVL News हर सुधार को गंभीरता से लेता है। +91 99996 56869 पर WhatsApp करें या thevirallines@gmail.com पर लिखें — पुष्टि के बाद खबर तुरंत सुधारी जाती है।