मुख्य सामग्री पर जाएँ
25 अगस्त 2026

BJP सरकार में किसानों, मजदूरों, पिछड़ों, दलितों, महिलाओं और युवाओं को “दिक़्क़त, किल्लत और ज़िल्लत'' के सिवा कुछ नहीं मिला; बीजेपी सिर्फ मुश्किल-परेशानी लाई: योगी सरकार पर बरसे अखिलेश

नई दिल्ली: समाजवादी पार्टी सुप्रीमो अखिलेश यादव लगातार यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार पर हमलावर हैं| उन्होंने बुधवार को एक खुले खत में विभिन्न मुद्दों को लेकर सूबे की सरकार पर निशाना साधा| अखिलेश यादव…

BJP सरकार में किसानों, मजदूरों, पिछड़ों, दलितों, महिलाओं और युवाओं को “दिक़्क़त, किल्लत और ज़िल्लत'' के सिवा कुछ नहीं मिला; बीजेपी सिर्फ मुश्किल-परेशानी लाई: योगी सरकार पर बरसे अखिलेश
BJP सरकार में किसानों, मजदूरों, पिछड़ों, दलितों, महिलाओं और युवाओं को “दिक़्क़त, किल्लत और ज़िल्लत'' के सिवा कुछ नहीं मिला; बीजेपी सिर्फ मुश्किल-परेशानी लाई: योगी सरकार पर बरसे अखिलेश | फ़ोटो: TVL News

नई दिल्ली: समाजवादी पार्टी सुप्रीमो अखिलेश यादव लगातार यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार पर हमलावर हैं| उन्होंने बुधवार को एक खुले खत में विभिन्न मुद्दों को लेकर सूबे की सरकार पर निशाना साधा| अखिलेश यादव ने मौजूदा दौर को 'आधी आमदनी, दोगुनी महंगाई' बताया| उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार सिर्फ मुश्किलें ही लाई है| समाजवादी पार्टी सुप्रीमो ने कहा कि 'गरीब और पिछड़ों के अलावा हुनरमंद और गैरहुनरमंद कामगार, बेरोजगार युवा, इकोनॉमी की गिरती स्थिति के कारण नौकरी गंवाने वाले लोग, बिजनेसमैन, उद्योगपति और किसान भी मौजूदा 'आधी आमदनी, दोगुनी महंगाई' के दौर से गुजर रहे हैं| जब से मौजूदा सरकार आई है, वह सिर्फ मुश्किलें और परेशानियां ही लाई है|' बुधवार को यह खत गणतंत्र दिवस के मौके पर पूर्व सीएम ने ट्विटर पर शेयर किया|



26 जनवरी, गणतंत्र दिवस पर अखिलेश यादव ने लोगों से कहा कि,'' आइए इस गणतंत्र दिवस पर हम ये संकल्प लें कि जिस संविधान ने इस महान गणतंत्र की स्थापना की है उसे हर हाल में बचाएंगे।  आज संविधान संकट में है और कुछ ऐसी नकारात्मक शक्तियां हावी हो रही हैं, जो अपने मनमाने विधान से देश को चलाना चाहती हैं। आइए अपने देश और अपने देशवासियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए हम उस पॉज़िटिव, प्रोग्रेसिव और प्रैक्टिकल बढ़े जो किसी एक खास वर्ग को नहीं बल्कि आम जनमानस को संग लेकर बढ़ती है, समता-समानता लाने के लिए भेदभाव मिटाती है और सम्पन्नता को हर घर-द्वार तक पहुँचाती है, जिसका हर काम आम जनता को समर्पित होता है, जिसकी दिशा समाज के निम्नतम स्तर पर जीवन जी रहे व्यक्ति से ऊपर की ओर होती है। जिसकेमल में आम जनता के कल्याण' की भावना होती है न किकछ लोगों के 'लाभ'की।




सपा सुप्रीमो ने जनता को लिखे खत में कहा, ''आधी कमाई और दोगुनी महँगाई' के इस दौर में बेकारी और दमन का मारा गरीब और शोषित वर्ग ही  नहीं बल्कि सड़क पर आ गया मज़दूर और कुशल, अर्द्ध-कुशल श्रमिक व हुनरमंद कारीगर, पढ़े-लिखे बेरोज़गार युवक व युवतियाँ, अर्थव्यवस्था की बदहाली की वजह से नौकरी से निकाले हुए लोग, रेहड़ी-पटरी वालों से लेकर छोटे, लघु व बड़े कारोबारी, व्यापारी और उद्योगपति भी परेशान हैं तो गाँवों में आवारा पशुओं से किसान भी, दरअसल जब से वर्तमान सरकार आई है सिर्फ मुश्किल-परेशानी लाई है।



इस सरकार में किसानों, मजदूरों, पिछड़ों,दलितों, महिलाओं, युवाओं, शिक्षाकर्मियों, स्वास्थ्यकर्मियों और काम-कारोबारी, प्रोफेशनल्स को 'दिक़्क़त, किल्लत और ज़िल्लत'' के सिवा कुछ नहीं मिला है। इस सरकार ने समाज के दो स्पष्ट हिस्से कर दिये हैं, एक तरफ़ लगातार धनसंपन्न होते लोग हैं; दूसरी तरफ निरंतर निर्धन होते लोग। धनी वर्ग में भी कुछ गिने-चुने ही धनसंचय के कीर्तिमान बना रहे हैं। मध्यवर्ग मध्य में पिस रहा है, जिस बचत-ब्याज पर उसका भविष्य निर्भर करता है वह बैंकों तक में सुरक्षित नहीं है। वैसे तो बचत हो ही नहीं रही है और जो पहले से बैंकों में जो बचा-खुचा जमा है उस पर नाम मात्र का ब्याज ही मिल रहा है, जो धीरे-धीरे घटकर शून्य ब्याज दर तक पहुँच सकता है। इसका शिकार वो बुजुर्ग भी हैं जिनका जीवन यापन व दवा-इलाज का खर्चा ब्याज से मिलनेवाले पैसों से ही होता है। 



इसीलिए हम अपने जन कल्याण के मूल मंत्र ‘सपा का काम ~ जनता के नाम' के तहत जनता को राहत देने वाली योजनाओं की निरंतर घोषणाएं कर रहे हैं। इन योजनाओं पर होने वाले खर्चों को हम ख़र्चा या एक्स्पेंडिचर नहीं बल्कि निवेश या इन्वेस्टमेंट मानकर चल रहे हैं क्योंकि जब लोगों के हाथ में पैसा आएगा तो वही पैसा अर्थव्यवस्था के चक्के को घुमाएगा, तब ही सबको काम और उनके काम का सही दाम मिल पाएगा। जब बड़े-बड़े उद्योपतियों को छूट दी जा सकती है तो आम जनता को क्यों नहीं! 300 यूनिट फ्री घरेलू बिजली, मुफ़्त सिंचाई, सभी फसलों के लिए एमएसपी, गन्ना किसानों को 15 दिन में सुनिश्चित भुगतान, ब्याज मुक्त ऋण, बीमा, पेंशन; 18000 सालाना की समाजवादी पेंशन; प्रतिभावान को लैपटॉप; आईटी सेक्टर में 22 लाख रोज़गार व अन्य लाखों सरकारी व अन्य रिक्त पदों को भरने; पुरानी पेंशन को बहाल करने, कैशलेस इलाज व जाति गणना जैसे सामाजिक-आर्थिक प्रयासों के साथ ही हम किसानों के जान-मान की रक्षा के लिए अन्न संकल्प' भी ले रहे हैं। 



हम अपने सिद्धांत 'अनुशासन से शासन' के तहत कारगर क़ानून-व्यवस्था को बहाल करने के लिए असामाजिक आपराधिक तत्वों, सामाजिक विद्वेष व नफ़रत फैलानेवालों के साथ ही, वर्तमान सरकार में बेलगाम हुई पुलिस व्यवस्था को संरचनात्मक व संस्थागत सुधारों से फिर से पटरी पर लाने के लिए 100% वचनबद्ध हैं। ये हमारा संकल्प है कि किसी की भी अराजकता, किसी भी रूप में सही नहीं जाएगी।





वर्तमान निर्दयी सरकार में हुए हाथरस, लखीमपुर, उन्नाव, गोरखपुर, आगरा व अन्य जगह हुए क्रूर कांड; बेरोज़गार पर बेरहमी से अनगिनत बार लाठीचार्ज, व्यापारियों से वसूली व हत्या; युवाओं और विपक्ष पर झूठे मुक़दमों; बलात्कारों, दलितों-पिछडों, अल्पसंख्यकों पर अत्याचार; वसूलीवाले पुलिस कप्तान के फ़रार होने व इनामी अपराधी के सरेआम खेलने जैसे निंदनीय कृत्यों व कोरोना की बदइंतज़ामी में ऑक्सीजन तक के लिए बोले गये झूठ व गंगा जी तक में बहती लाशों जैसे शर्मनाक दृश्यों से उप्र की छवि अब और ख़राब नहीं होने दी जाएगी। अच्छे पलिसकर्मियों व अधिकारियों को अच्छी कार्य दशाएँ, व्यवस्थाएँ व अधिक मान-सम्मान पदक देंगे।



ऐसे प्रयासों से ही प्रदेश की हर माँ, बहन, बेटी, बहू व आम जनता व व्यापारी-निवेशक अपने को सुरक्षित महसूस करेगा। 'यशभारती' सम्मानों की बहाली व नये 'नगर-भारती' सम्मान-पत्रों के माध्यम से हम समाज के विभिन्न वर्गों के योगदान का भी मान-सम्मान करेंगे क्योंकि हम मानते हैं कि सभी के सहयोग से ही हम 'नव उप्र' या 'न्यू यूपी के निर्माण के लिए और उसके चतुर्दिक विकास के लिए काम कर सकते हैं। 



इसीलिए हम एक बार फिर से दोहराते हैं : है जनसेवकों के लिए सपा का ये ऐलान ~ सब आएं, सबको स्थान, सबको सम्मान 'सम्पर्क, संवाद, सहयोग, सहायता' अर्थात 'मुलाक़ात, मेल-मिलाप, मदद' का 'जनसेवा-सूत्र' हम एक संकल्प के रूप में याद रखें और ये संकल्प दोहराएं: पहुँचें हर घर-द्वार ~ सपा के मददगार आइए 'बाइस में बाइसिकल' का संकल्प धारण कर आगे बढ़ें और जनता की ख़ुशी-खुशहाली और भलाई के लिए काम करने वाली सपा के नेतृत्ववाली जनहितकारी और परिवारवालों का दर्द समझनेवाली, सपा-सहयोगियों की सरकार बनाने के लिए गर्व से कहें:


नयी हवा है ~ नयी सपा है

बड़ों का हाथ ~ युवा का साथ



 



tvlnews

TVL News (TheViralLines) के संवाददाता। यह रिपोर्ट स्थानीय स्रोतों और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी की पुष्टि के बाद प्रकाशित की गई है। किसी तथ्य में सुधार के लिए संपर्क करें या +91 99996 56869 पर WhatsApp करें।

मुफ़्त अलर्ट

ऐसी हर खबर सबसे पहले पाएँ

बस्ती, गोंडा, अयोध्या, गोरखपुर और लखनऊ के अपडेट सीधे आपके WhatsApp पर।

इन्हें भी पढ़ें

टॉप न्यूज़ की सभी खबरें

इस खबर से जुड़े सवाल

यह खबर कब प्रकाशित हुई और आखिरी बार कब अपडेट की गई?

यह रिपोर्ट 27 जनवरी 2022 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 9 मई 2025 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

इस क्षेत्र की और खबरें कहाँ पढ़ें?

इस क्षेत्र की ताज़ा खबरें TVL News के ज़िला सेक्शन में पढ़ी जा सकती हैं। thevirallines.net पर बस्ती, गोंडा, अयोध्या, गोरखपुर और लखनऊ के अलग-अलग पेज हर दिन अपडेट होते हैं।

इस खबर में कोई तथ्य ग़लत लगे तो क्या करें?

TVL News हर सुधार को गंभीरता से लेता है। +91 99996 56869 पर WhatsApp करें या thevirallines@gmail.com पर लिखें — पुष्टि के बाद खबर तुरंत सुधारी जाती है।