लखनऊ: उत्तर प्रदेश के हाथरस में 19 साल की एक दलित युवती से गैंगरेप और उसकी हत्या के मामले में सीबीआई ने चार आरोपियों के खिलाफ आज चार्जशीट दाखिल कर दी है| चार्जशीट में लड़की के साथ गैंगरेप और हत्या की बात कही गई है| शुक्रवार को हाथरस मामले में CBI की चार्जशीट के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर हमला बोला है| उन्होंने कहा,'' भाजपा सरकार से बिना लड़े कुछ भी नहीं मिलता न इंसाफ़, न हक़.
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि,''हाथरस कांड’ में उप्र की भाजपा सरकार की लाख कोशिशों के बाद भी जनता, विपक्ष व सच्चे मीडिया के दबाव से सीबीआई जांच बैठानी ही पड़ी. अब पीड़िता के अंतिम बयान के आधार पर चारों अभियुक्तों के ख़िलाफ़ चार्जशीट दाखिल हुई है. भाजपा सरकार से बिना लड़े कुछ भी नहीं मिलता न इंसाफ़, न हक़.
अखिलेश यादव ने कहा कि,'''हाथरस की बेटी’ के प्रति हुए अन्याय को लेकर अपनी नैतिकता की मौत के साथ अनैतिक भूमिका निभाने के लिए शोक प्रकट करने की ख़ातिर भाजपा के नेता एवं समर्थकों को कम-से-कम दो मिनट का मौन तो रखना चाहिए व स्वयं से क्षमा भी माँगनी चाहिए। आज हर बेटी-बहन वाले परिवार को थोड़ी शांति मिली है।
गौरतलब है कि,''उत्तर प्रदेश के हाथरस में 19 साल की एक दलित युवती से कथित गैंगरेप और उसकी हत्या के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने चार आरोपियों के खिलाफ शुक्रवार को आरोपपत्र दाखिल किया| उत्तर प्रदेश के हाथरस में दलित लड़की से कथित गैंगरेप और हत्याकांड मामले में चारों आरोपियों पर सीबीआई ने गैंगरेप और हत्या का आरोप लगाया| सीबीआई ने आज यानी शुक्रवार को हाथरस मामले में एक विशेष एससी / एसटी अदालत में आरोप पत्र दायर किया|
हाथरस के चंदपा थाना क्षेत्र के बूलगढ़ी गांव के बेहद चर्चित कांड में सीबीआइ ने 22 सितंबर को दिए गए पीड़िता के आखिरी बयान को आधार बनाया है। सीबीआई की टीम ने अब निर्णय कोर्ट पर छोड़ दिया है। सीबीआई हाथरस मामले के पीड़ित के भाई को मनोवैज्ञानिक आकलन के लिए गुजरात ले जाएगी|
आरोपी के वकील मुन्ना सिंह पुंडीर ने कहा कि, "सीबीआई ने सभी 4 आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत आरोप पत्र दायर किया।"अदालत के बाहर आरोपियों के वकील मुन्ना सिंह पुंढीर ने कहा कि CBI ने चारों आरोपियों संदीप, लवकुश, रवि और रामू पर रेप और हत्या का आरोप लगाया गया है| साथ ही उन्होंने बताया,'' सीबीआई ने आरोपियों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत भी आरोप लगाए हैं|
हाथरस कांड में सीबीआइ संदीप, लवकुश, रवि व रामू के खिलाफ दो महीने से पड़ताल कर रही थी। योगी आदित्यनाथ सरकार ने केस सीबीआइ को जांच के लिए सौंपा था, जिसकी सीबीआइ बीते दो महीने से जांच में जुटी थी। सीबीआइ ने हाथरस में सक्षम न्यायालय में संदीप, लवकुश, रवि व रामू के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया। सीबीआइ ने 11 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश सरकार के अनुरोध पर और भारत सरकार से आगे की अधिसूचना पर मामला दर्ज किया था।
उल्लेखनीय है कि,''14 सितंबर को हाथरस के एक गांव में कथित रूप से गैंगरेप और प्रताड़ना की शिकार हुई 20 साल की पीड़िता की दिल्ली के एक अस्पताल में मौत हो गई थी| 30 सितंबर को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में देर रात उसका अंतिम संस्कार हाथरस में कर दिया गया|
इलाज के दौरान 29 सितंबर को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में पीड़िता की मौत हो गई थी। इसके बाद उसकी 30 सितंबर की रात उसके घर के पास रात में अंत्येष्टि कर दी गई थी। युवती के परिवार ने आरोप लगाया था कि स्थानीय पुलिस ने आनन-फानन में अंत्येष्टि करने के लिए उन पर दबाव डाला था।हालांकि, अधिकारियों ने कहा कि "परिवार की इच्छा के अनुसार" अंतिम संस्कार किया गया था|