लखनऊ: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को उनका सरकारी बंगला खाली करने का नोटिस भेजा गया है| इसके लिए प्रियंका गांधी को एक महीने का समय दिया गया है| कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को सरकारी बंगला खाली करने की मिली नोटिस पर कांग्रेस नेता आराधना मिश्रा ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है| कांग्रेस नेता आराधना मिश्रा ने कहा कि,'' प्रियंका गांधी जी ने भाजपा सरकार के गरीब विरोधी, रोजगार विरोधी व महिला विरोधी रवैए के विरोध में मुखर होकर आवाज उठाई है।प्रियंका जी जनता के मुद्दों पर संघर्ष जारी रखेंगी।अभी तो ली अंगड़ाई है आगे और लड़ाई
उत्तर प्रदेश कांग्रेस विधायक दल की नेता आराधना मिश्रा ने ट्वीट किया,प्रियंका गांधी जी ने भाजपा सरकार के गरीब विरोधी, रोजगार विरोधी व महिला विरोधी रवैए के विरोध में मुखर होकर आवाज उठाई है। सच सामने लाने के चलते उन पर लगातार तरह-तरह के हमले किए गए। लेकिन वो जनता की समस्याओं को उठाने के लिए और उनके निदान के लिए चट्टान की तरह अडिग हैं।
आराधना मिश्रा ने आगे लिखा,''एक जमाने में सरकारी मशीनरी के दम पर इंदिरा गांधी जी को भी अलग-अलग तरीके से परेशान किया गया था। पहले भी सुरक्षा को खतरे के गंभीर इनपुट होने के बावजूद श्रीमती सोनिया गांधी जी, राहुल गांधी जी व प्रियंका गांधी जी से एसपीजी सुरक्षा छीनी गई थी। प्रियंका जी ने उसे सहर्ष स्वीकार किया था।
आराधना मिश्रा ने कहा कि,''भाजपा सरकार को जनता के मुद्दों, चीन से भारत की सीमाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर जनता को जवाब देना चाहिए। प्रियंका जी जनता के मुद्दों पर संघर्ष जारी रखेंगी। अभी तो ली अंगड़ाई है आगे और लड़ाई है|
प्रमोद तिवारी ने कहा है कि,'सरकार की जनविरोधी नीतियों पर हमारी नेता कांग्रेस महासचिव व उ०प्र० प्रभारी प्रियंका गांधी जी सवाल उठाती है तो भाजपा को रास नही आता है प्रियंका गांधी जी का बंगला द्वेष भावना से प्रेरित होकर खाली कराया जा रहा है लेकिन भाजपा जान ले प्रियंका में इंदिरा जी के सभी गुण विद्यमान हैं
बता दें कि बुधवार को आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी एक महीने के भीतर अपना सरकारी बंगला खाली कर दें, क्योंकि सुरक्षा वापस लिए जाने के बाद वह आवासीय सुविधा पाने की हकदार नहीं हैं| प्रियंका गांधी 1 अगस्त तक मौजूदा आवास '35 लोधी एस्टेट' खाली कर दें और अगर ऐसा नहीं करती हैं तो उन्हें नियमों के मुताबिक किराये अथवा क्षतिपूर्ति का भुगतान करना होगा|