लखनऊ: वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने सोमवार को योगी सरकार का पांचवां बजट पेश किया। वित्त मंत्री ने किसानों को साधने के लिए कई एलान किए हैं। मेरठ में स्पोर्ट्स विश्वविद्यालय बनेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में ओपन जिम बनाए जाएंगे। सामूहिक विवाह योजना का विस्तार किया जाएगा, साथ ही मुख्यमंत्री सक्षम सुपोषण योजना लाई जाएगी।प्रदेश के 19 जनपदों में कुल 40 छात्रावास बनाए जाएंगे। कोरोना टीकाकरण के लिए 50 करोड़ का बजट। अयोध्या के लिए 140 करोड़ का बजट प्रस्तावित है।
-₹05 लाख 50 हजार 270 करोड़ 78 लाख के आकार का वित्तीय वर्ष 2021-22 बजट उत्तर प्रदेश का समग्र विकास सुनिश्चित करने तथा राज्य की अर्थव्यवस्था को 01 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आमजन को शुद्ध एवं स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने और जापानी इंसेफेलाइटिस से बचाव के लिए प्रदेश में चल रही मुख्यमंत्री आर.ओ. पेयजल योजना के अंतर्गत आर.ओ. वाटर प्यूरीफायर्स की स्थापना के लिए वित्तीय वर्ष 2021-22 में ₹22 करोड़ की बजटीय आवंटन प्रस्तावित। वित्तीय वर्ष 2021-2022 से शहरी स्थानीय निकायों में घरेलू नल कनेक्शन के साथ सर्वसुलभ जल आपूर्ति और अमृत शहरों में तरल अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था की जाएगी स्थापित। योजना के क्रियान्वयन के लिए ₹2,000 करोड़ की बजट व्यवस्था प्रस्तावित की गई है।
स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने एवं संचारी रोगों की जांच हेतु विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए वित्तीय वर्ष 2021-22 में लखनऊ में इंस्टीटयूट ऑफ वायरोलॉजी एंड इन्फेक्शस डिजीजेज के अन्तर्गत बायो सेफ्टी लेवल-4 लैब की स्थापना का लक्ष्य निर्धारित। इसके साथ ही एस.जी.पी.जी.आई., लखनऊ में उन्नत मधुमेह केन्द्र की स्थापना कराये जाने का निर्णय लिया गया है। वित्तीय बजट 2021-22 में असाध्य रोगों से पीड़ित आम जनमानस को आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं मुहैया करने के लिए ₹100 करोड़ की धनराशि का प्रावधान किया गया है|
जनपद अमेठी एवं बलरामपुर में नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना हेतु वित्तीय बजट 2021-22 में ₹175 करोड़ की व्यवस्था की गई है। साथ ही, श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय, लखनऊ की स्थापना हेतु ₹100 करोड़ का आवंटन किया गया है। एटा, हरदोई, प्रतापगढ़, फतेहपुर, सिद्धार्थनगर, देवरिया, गाजीपुर एवं मीरजापुर में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों में जुलाई, 2021 से शिक्षण सत्र प्रारम्भ किए जाने का लक्ष्य निर्धारित। लक्ष्य की प्राप्ति के लिए ₹960 करोड़ का आवंटन प्रस्तावित किया गया है। प्रदेश के 16 असेवित जनपदों में पी.पी.पी. मोड में मेडिकल कॉलेज संचालित कराए जाने के लिए ₹48 करोड़ का बजट प्रस्तावित। राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन के लिये ₹23 करोड़ के बजट का प्रावधान|
-13 जनपदों - बिजनौर, कुशीनगर, सुल्तानपुर, गोण्डा, ललितपुर, लखीमपुर-खीरी, चन्दौली, बुलन्दशहर, सोनभद्र, पीलीभीत, औरैया, कानपुर देहात तथा कौशाम्बी में निर्माणाधीन नए मेडिकल कॉलेजों के लिए वित्तीय बजट 2021-22 में ₹1,950 करोड़ का बजट प्रस्तावित किया गया है। स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ एवं सर्वसुलभ करने के उद्देश्य से प्रदेश में ब्लॉक स्तर पर लोक स्वास्थ्य इकाइयों की स्थापना के लिए ₹77 करोड़ बजटीय प्रावधान प्रस्तावित किया गया है|
-प्रदेश की जनता को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए दृढ़संकल्पित प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2021-22 में राज्य औषधि नियंत्रण प्रणाली के सुदृढ़ीकरण के लिए ₹54 करोड़ का प्राविधान किया है। इसके अतिरिक्त प्रदेश के 12 मंडलों में खाद्य एवं औषधि प्रयोगशालाओं एवं मंडलीय कार्यालयों के निर्माण हेतु ₹50 करोड़ का बजट प्रस्तावित|
उत्तर प्रदेश के मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा, कृषि अनुसंधान के लिए सरकार प्रदेश के कृषि विश्वविद्यालयों के अंतर्गत सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना कर रही है। कृषि की नवीनतम जानकारी के प्रचार-प्रसार के लिए 20 नए कृषि विज्ञान केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया गया है जिनमें 17 का संचालन प्रारंभ हो गया है: उत्तर प्रदेश के मंत्री सुरेश कुमार खन्ना
मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा,''कृषि क्षेत्र की विकास दर 5.1% करने के लिए वर्ष 2021-22 में खाद्यान उत्पादन का लक्ष्य 644 लाख मीट्रिक टन और तिलहन उत्पादन का लक्ष्य 13 लाख मीट्रिक टन निर्धारित किया गया है| प्रदेश में 2020-21 में खरीफ उत्पादन का लक्ष्य 223 लाख मीट्रिक टन रबी उत्पादन का लक्ष्य 417 लाख मीट्रिक टन और तिलहन उत्पादन का लक्ष्य 12 लाख मीट्रिक टन निर्धारित है|
स्वास्थ्य क्षेत्र
-प्रदेश में प्राथमिक स्वास्थ्य परिचर्या सुविधाओं के लिए डायग्नोस्टिक बुनियादी ढाँचा सृजित किए जाने हेतु ₹1,073 करोड़ का बजट प्रस्तावित।शहरी क्षेत्रों में बेहतर इलाज देने के उद्देश्य से शहरी स्वास्थ्य एवं आरोग्य केन्द्रों हेतु ₹425 करोड़ का बजट प्रस्तावित।
प्रदेशवासियों को निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयुष्मान भारत योजना के लिए ₹1,300 करोड़ का बजट प्रस्तावित। प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाएं मजबूत करने के उद्देश्य से आयुष्मान भारत-मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना हेतु ₹142 करोड़ का बजट प्रस्तावित। महिलाओं की चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के लिए ₹320 करोड़ का बजट प्रस्तावित।
प्रदेश के प्रत्येक व्यक्ति को उच्चतम स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने हेतु राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत ₹5,395 करोड़ की बजट व्यवस्था प्रस्तावित।
कोविड-19 की रोकथाम एवं प्रदेश की जनता को कोरोना महामारी से सुरक्षित रखने हेतु टीकाकरण योजना के लिए ₹50 करोड़ की बजट व्यवस्था प्रस्तावित।
प्रदेश के हर व्यक्ति को सुलभ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने हेतु 'मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना' प्रारम्भ। इस हेतु ₹100 करोड़ की बजट व्यवस्था प्रस्तावित।
-विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने हेतु अटल आवासीय विद्यालय के लिए ₹270 करोड़ की बजट व्यवस्था प्रस्तावित।
पल्लेदारों, श्रमिक परिवारों तथा असंगठित क्षेत्र के कर्मकारों के लिये 'मुख्यमंत्री दुर्घटना बीमा योजना' प्रारम्भ
-पल्लेदारों, श्रमिक परिवारों तथा असंगठित क्षेत्र के कर्मकारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान किए जाने हेतु 'मुख्यमंत्री दुर्घटना बीमा योजना' प्रारम्भ। इस हेतु ₹12 करोड़ की बजट व्यवस्था प्रस्तावित।
प्रदेश में श्रमिकों व कामगारों को रोजगार व स्वरोजगार
कोरोना महामारी के लॉकडाउन में विभिन्न प्रदेशों से वापस आए प्रदेश के श्रमिकों व कामगारों को रोजगार व स्वरोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 'मुख्यमंत्री प्रवासी श्रमिक उद्यमिता विकास योजना' लाई जा रही है। इस योजना हेतु ₹100 करोड़ की बजट व्यवस्था प्रस्तावित।
युवा अधिवक्ता
-युवा अधिवक्ताओं को आर्थिक सहायता प्रदान किए जाने हेतु कॉर्पस फंड में ₹05 करोड़ की धनराशि की व्यवस्था प्रस्तावित। युवा अधिवक्ताओं के लिए पुस्तक एवं पत्रिका आदि के क्रय करने हेतु ₹10 करोड़ की बजट की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। प्रदेश के विभिन्न जनपदों में अधिवक्ता चैम्बर का निर्माण एवं उनमें अन्य अवस्थापना सुविधाओं के विकास हेतु ₹20 करोड़ की धनराशि की व्यवस्था प्रस्तावित।
स्पोर्ट्स-फिटनेस
-पश्चिमी उत्तर प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने हेतु जनपद मेरठ में नए स्पोर्ट्स विश्वविद्यालय की स्थापना हेतु ₹20 करोड़ का बजट प्रस्तावित। ग्रामीण क्षेत्रों में युवा फिटनेस को बढ़ावा देने हेतु ग्रामीण स्टेडियम एवं ओपन जिम के निर्माण हेतु ₹25 करोड़ की बजट व्यवस्था प्रस्तावित है|प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने हेतु सरकार सतत प्रयासरत है। इसके लिए युवा खेल विकास एवं प्रोत्साहन योजना हेतु ₹8.55 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित।
-उत्तर प्रदेश के 12 अन्य जनपदों में मॉडल कैरियर सेंटर स्थापित किए जाने की योजना प्रस्तावित है। इससे बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार से जोड़ने में मदद मिलेगी।
-युवाओं के उत्थान हेतु मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2021-22 में पात्र छात्रों को टैबलेट उपलब्ध कराया जाएगा। संस्कृत विद्यालयों में अध्ययनरत निर्धन छात्रों को गुरुकुल पद्धत्ति के अनुरूप निःशुल्क छात्रावास व भोजन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
महिलाओं एवं बच्चोंके लिए
-प्रदेश के बच्चों के सर्वांगीण शारीरिक विकास सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संचालित पुष्टाहार कार्यक्रम के लिए वित्तीय वर्ष 2021-22 में ₹4,094 करोड़ की धनराशि प्रस्तावित की गई है।
राष्ट्रीय पोषण अभियान हेतु ₹415 करोड़ की धनराशि का प्रावधान किया गया है।
महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए प्रदेश सरकार राज्य में Mission Shakti का संचालन कर रही है। इसी क्रम में महिला शक्ति केंद्रों की स्थापना के लिए बजट में ₹32 करोड़ की धनराशि प्रस्तावित की गई है।
महिलाओं एवं बच्चों में कुपोषण की समस्या के निदान हेतु मुख्यमंत्री सक्षम सुपोषण योजना वित्तीय वर्ष 2021-22 से क्रियान्वित की जाएगी। इस योजना हेतु बजट में ₹100 करोड़ की व्यवस्था की गई है। महिलाओं का आर्थिक स्वावलंबन सुनिश्चित करने के लिए वित्तीय वर्ष 2021-22 से महिला सामर्थ्य योजना का संचालन किया जाएगा। इस नई योजना के लिए ₹200 करोड़ की धनराशि प्रस्तावित की गई है।
राज्य की महिलाओं के उत्थान के लिए समर्पित उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2021-22 में मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना को और परिष्कृत कर लागू करने का निर्णय लिया है।
किसानों के लिए
-किसानों को रियायती दरों पर फसली ऋण उपलब्ध कराए जाने के लिए अनुदान हेतु ₹400 करोड़ की धनराशि प्रस्तावित है। वित्तीय वर्ष 2021-22 में प्रदेश के किसानों को मुफ्त पानी की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए ₹700 करोड़ का प्रावधान किया गया है। प्रदेश के किसानों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से प्रारंभ की गई मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के अंतर्गत ₹600 करोड़ की धनराशि प्रस्तावित की गई है। प्रदेश सरकार राज्य के किसानों की आय को दोगुना करने के लिए कृतसंकल्पित है। इसी क्रम में वित्तीय वर्ष 2021-22 से आत्मनिर्भर कृषक समन्वित विकास योजना संचालित की जाएगी। इस योजना के क्रियान्वयन हेतु ₹100 करोड़ का प्रावधान किया गया है|ग्रामीण भू-स्वामियों को स्थायी व निरंतर आय का स्रोत प्रदान करने हेतु प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2021-22 में 15,000 सोलर पंप की स्थापना का लक्ष्य रखा गया है।
-सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के सभी वर्गों तक पहुंचाने के लिए वित्तीय वर्ष 2021-22 के बजट में ₹27 हजार 598 करोड़ 40 लाख की नई विकास योजनाओं को सम्मिलित किया गया है।वित्तीय बजट 2021-22 में विधान मंडल क्षेत्रों के विकास कार्यों के लिए मंडल क्षेत्र विकास निधि हेतु ₹2,000 करोड़ की धनराशि प्रस्तावित की गई है।
किसानों के लिए घोषणाएं
प्रदेश सरकार ने वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने का लक्ष्य रखा है।
इसके लिए वित्तीय वर्ष 2021-22 से आत्मनिर्भर कृषक समन्वित विकास योजना संचालित की जाएगी।
इस योजना के लिए 100 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं।
मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के लिए 600 करोड़ रुपये बजट की व्यवस्था की गई है।
किसानों को मुफ्त पानी की सुविधा देने के लिए 700 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था की गई है।
रियायती दरों पर किसानों को फसली ऋण उपलब्ध कराने के लिए 400 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है।
प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान के लिए वर्ष 2021-22 के लिए 15 हजार सोलर पंपों की स्थापना का लक्ष्य निर्धारित किया है।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग के लिए घोषणाएं
प्रदेश में एक जिला- एक उत्पाद योजना के लिए 250 करोड़ रुपये की घोषणा।उत्तर प्रदेश स्टेट स्पिनिंग कंपनी की बंद पड़ी कताई मिलों की परिसंपत्तियों को पुनर्जीवित कर पीपीपी मोड में औद्योगिक पार्क/आस्थान/क्लस्टर स्थापित कराए जाने का निर्णय। इसके लिए 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था।मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के लिए 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के पारंपरिक कारीगरों के लिए विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के लिए 30 करोड़ रुपये बजट की व्यवस्था।
खादी और ग्रामोद्योग
मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत सामान्य महिला एवं आरक्षित वर्ग के लाभार्थियों को दस लाख रुपये तक ब्याज रहित ऋण तथा सामान्य वर्ग के पुरुष लाभार्थियों को चार प्रतिशत वार्षिक ब्याज पर बैंकों के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था। माटीकला की परम्परागत कला एवं कारीगरों को संरक्षित-संवर्धित करने के लिए बजट में दस करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित।