लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 2022 में विधानसभा चुनाव होने हैं| विधानसभा चुनाव को देखते हुए प्रदेश में सियासी सरगर्मी तेज हो गई है| उत्तर प्रदेश बीजेपी में पिछले कुछ दिनों से चल रहे सियासी नेतृत्व संकट के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से उनके आवास पर मुलाकात की|
पिछले साढ़े चार साल में पहली बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से मुलाकात करने के लिए उनके आवास पर पहुंचे। इस दौरान मुख्यमंत्री के साथ आरएसएस के संयुक्त महासचिव डॉ कृष्ण गोपाल और डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को अपने निवास से करीब 200 मीटर दूर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के घर गए|साढ़े चार साल में मुख्यमंत्री योगी का केशव मौर्य के घर जाना बड़ी घटना है| बताया जा रहा है कि योगी डिप्टी सीएम केशव मौर्य को बेटे की शादी की बधाई देने के लिए पहुंचे थे।पिछले दिनों केशव प्रसाद मौर्य के बेटे की शादी हुई थी|
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा,''विवाह उपरांत मेरे पुत्र एवं पुत्रवधू को आशीर्वाद देने हेतु मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी, संघ के सरकार्यवाह
सह सरकार्यवाह, संघ के नेता डॉक्टर कृष्ण गोपाल,डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा एवं क्षेत्र प्रचारक मा0 श्री अनिल जी का मेरे लखनऊ आवास पर आगमन हुआ।
एक तरफ बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष और प्रदेश प्रभारी राधामोहन सिंह लखनऊ पार्टी कार्यालय में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर रहे हैं और आगामी चुनाव की रणनीति बनाई जा रही है. दूसरी तरफ चुनाव में मुख्यमंत्री के चेहरे पर बवाल मचा हुआ है. केशव प्रसाद मौर्य कह चुके हैं कि सीएम का फेस केंद्रीय नेतृ्त्व तय करेगा|
दरअसल,'अगले साल होने वाले यूपी विधानसभा चुनाव से पहले यूपी में सीएम फेस को लेकर फैला भ्रम खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। खबर है कि अगले साल 2022 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री पद के नाम का एलान नहीं करेगी|
रविवार को बीजेपी दफ्तर में संगठन की मीटिंग में भाग लेने आए सरकार के श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने यह कहकर इसे और आगे बढ़ा दिया कि चुनाव जीतने के बाद केंद्रीय नेतृत्व ही यूपी में सीएम का चेहरा तय करेगा। हालांकि इससे इतर यूपी बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह साफ कह चुके हैं कि प्रदेश में चुनाव सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ही होंगे।
बीजेपी में सीएम फेस को लेकर नेताओं के अलग-अलग बयानों चुनाव से पहले यूपी में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है। प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह खुलकर सीएम योगी के कामकाज की तारीफ कर चुके हैं। उनका कहना है कि योगी के नेतृत्व में ही अगले चुनाव होंगे। वहीं डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य सीएम फेस को लेकर साफ कह चुके हैं कि यह तय करना केंद्रीय नेतृत्व का काम है।
बता दें, साल 2017 में भाजपा ने बिना मुख्यमंत्री चेहरे पर चुनाव लड़ा था| इस बार भी भाजपा यूपी में आगामी वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए किसी को मुख्यमंत्री के चेहरे के तौर पर पेश नहीं करेगी। स्वामी प्रसाद मौर्य के मुताबिक, दोबारा सत्ता में आने के बाद उनकी पार्टी अपने मुख्यमंत्री का चुनाव करेगी। यानि की भाजपा किसी को भी अपने मुख्यमंत्री चेहरे के तौर पर पेश नहीं करेंगे। विधानसभा चुनाव के बाद केंद्रीय नेतृत्व से परामर्श के बाद मुख्यमंत्री के तौर पर अपनी पसंद का फैसला करेगा।