नई दिल्ली: मोदी सरकार के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने PM मोदी पर निशाना साधा है| उन्होंने कहा है कि,'भारत एक ‘कृषि प्रधान’ देश है. अहंकारी भाजपा याद रखे, यहाँ ‘प्रधान’ शब्द तक ‘कृषि’ के बाद आता है|
अखिलेश यादव ने ट्वीट किया,'','भारत एक ‘कृषि प्रधान’ देश है. अहंकारी भाजपा याद रखे, यहाँ ‘प्रधान’ शब्द तक ‘कृषि’ के बाद आता है. सत्ताधारी न भूलें हमारे देश में किसान ही प्रथम है और प्राथमिक भी. किसान अपना हक लेकर रहेंगे!
अखिलेश यादव ने कहा कि,''सड़कों पर ठिठुरते आंदोलनकारियों की जायज़ माँगों को लेकर भाजपा सरकार हृदयहीन रवैया अपनाकर किसानों की घोर उपेक्षा कर रही है. इस पर जो वैश्विक प्रतिक्रिया आ रही है, उससे दुनियाभर में भारत की लोकतांत्रिक छवि को गहरी ठेस पहुँची है. भाजपा सरकार पोषण करनेवालों का शोषण करना बंद करे!
बता दें कि,''देश की राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर डटे किसानों का आंदोलन आज 16वें दिन भी जारी है। सरकार से अब तक की हुई बातचीत और मिले प्रस्तावों को संयुक्त किसान मोर्चा ने खारिज कर दिया है। फिलहाल बात बनती नहीं दिख रही है। सरकार और किसान मोर्चा ने एक-दूसरे के पाले में गेंद डाल दी है।
कृषि मंत्री तोमर ने एक बार फिर अपील की है कि किसान आंदोलन छोड़कर बातचीत करें। आंदोलन से जनता को भी परेशानी होती है इसलिए उन्हें जनता के हित में आंदोलन छोड़ना चाहिए और बातचीत से हल निकालना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसान भाइयों ने अब तक आंदोलन को शांतिपूर्ण बनाकर रखा है लेकिन अब उन्हें आंदोलन खत्म कर बातचीत से हल निकालने का प्रयास करना चाहिए।
उधर,''यूपी गेट पर प्रदर्शन कर रहे किसानों को भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने संबोधित किया। उन्होंने किसानों से कहा कि यह आंदोलन लंबा चलने वाला है तो आप लोग तैयार रहें। उन्होंने चेतावनी दी कि कृषि और ऋषि को छेड़े गए तो देश में हलचल होगी। उन्होंने आगे कहा कि सरकार तैयार हो जाती है तो समझौते के चार घंटे के बाद बॉर्डर खाली करे??गे। किसान 12 तारीख को सभी टोल फ्री करेंगे। उन्होंने किसानों से कहा कि यहां बैठकर भजन पाठ करें, लड़ाई लंबी है। किसानों को आगाह किया कि असामाजिक तत्वों पर नजर रखें। टिकैत ने बोला कि दिल्ली चारों तरफ मेला लगेगा। इसके बाद किसानों ने 'लड़ेंगे जीतेंगे' के नारे लगाए।