लखनऊ: आजाद समाज पार्टी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद के आरोपों पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि,''मैंने चंद्रशेखर आज़ाद को 2 सीटें दी थीं, लेकिन उन्होंने ही (आजाद) गठबंधन का हिस्सा बनने से इनकार कर दिया| दरअसल,''चंद्रशेखर आजाद ने आज ही लखनऊ में अखिलेश यादव पर आरोप लगाया कि उन्होंने बहुजन समाज का अपमान किया है| आजाद समाज पार्टी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद ने एलान किया कि उत्तर प्रदेश के विधान सभा चुनावों में समाजवादी पार्टी के साथ उनकी पार्टी (आजाद पार्टी) का कोई गठबंधन नहीं होगा|
भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर आजाद के गठबंधन नहीं होने के एलान पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि,''समजवादी पार्टी से उन्होंने (भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आज़ाद) जो भी बात की मैंने उनकी बात मानी और रामपुर मनिहरन और गाज़ियाबाद वाली सीटें उनको दी। उन्होंने किसी से फोन पर बात करने के बाद मुझको बताया कि वह चुनाव साथ में नहीं लड़ सकते|
अखिलेश यादव ने कहा कि,'"वो (चंद्रशेखर आजाद) कल मेरे पास आए थे| उन्होंने कहा कि वो चुनाव लड़ेंगे, मैंने उन्हें ग़ाज़ियाबाद और रामपुर मनिहारन सीट दे दी| फिर वो किसी से फ़ोन पर बात करके आए और बोले नहीं लड़ सकते| किसका फ़ोन था? किसने साज़िश की? नहीं पता, इसलिए हम कह रहे हैं कि अब हम किसी दल से विधायक या नेता को सपा में नहीं लेंगे| अब किसी और को लेने की गुंजाइश भी नहीं बची है| हम बहुत त्याग करके लोगों को साथ लाए हैं|
समाजवादी पार्टी और आजाद पार्टी का गठबंधन नहीं होगा
उत्तर प्रदेश विधानसभ चुनाव में समाजवादी पार्टी और आजाद पार्टी का गठबंधन नहीं होगा।भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने इस बार अपने दम पर चुनाव लड़ने की बात कही है। आजाद ने कहा कि अखिलेश यादव को दलितों की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा को रोकने के लिए हम लगातार कोशिश करेंगे।
भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि,''मेरी अखिलेश यादव से पिछले 6 महीनों में काफी मुलाकातें हुईं हैं। इस बीच सकारात्मक बातें भी हुई लेकिन अंत समय में मुझे लगा कि अखिलेश यादव को दलितों की ज़रूरत नहीं है। वह इस गठबंधन में दलित नेताओं को नहीं चाहते। वह चाहते हैं कि दलित उनको वोट करें| उन्होंने बहुजन समाज के लोगों को अपमानित किया| मैंने 1 महीने 3 दिन तक कोशिश की लेकिन गठबंधन नहीं हो सका|