लखनऊ: उत्तर प्रदेश के हालिया विधानसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। बसपा की अध्यक्ष और यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने रविवार को इस मामले में एक गंभीर समीक्षा बैठक की, जिसमें कई अहम फैसले लिए। उत्तर प्रदेश बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के अध्यक्ष भीम राजभर को पद से नहीं हटाया जाएगा|
बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भीम राजभर को उत्तर प्रदेश बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के अध्यक्ष पद से नहीं हटाने का फैसला किया है| मायावती ने प्रदेश अध्यक्ष, विधानसभा अध्यक्ष और जिला अध्यक्ष का पद छोड़ कर अन्य सारी कार्यकारणी भंग कर दी हैं| वहीं, मायावती ने मुनकाद अली, राजकुमार गौतम और विजय कुमार को प्रदेश का चीफ कॉर्डिनेटर नियुक्त किया है|
बसपा की चुनावी हार पर समीक्षा बैठक में मायावती ने कहा'',राजनैतिक हालातों को खास ध्यान में रखकर ही हमारी पार्टी ने यहाँ खासकर यूपी, में अपने संगठन के स्वरूप में भी कुछ जरूरी तब्दीली की हैं जिसपर आपको सही से अमल करना है। इसके इलावा यहाँ मैं आप लोगों को यह भी बता देना चाहती हूँ कि यू.पी. स्टेट का बी.एस.पी. का अध्यक्ष नहीं बदला जायेगा अर्थात् भीम राजभर ही यू.पी. स्टेट के अध्यक्ष पद पर बने रहेंगे।
इसके साथ-साथ, वर्तमान राजनैतिक हालातों में अब देश के अन्य राज्यों की तरह यू.पी. स्टेट का भी पार्टी के तीन वरिष्ठ लोगों को यहाँ का स्टेट का प्रभारी यानि की स्टेट कोओर्डिनेटर भी बना दिया गया है जो प्रदेश के सभी 18 मण्डलों में इकट्ठा जाकर मेरे सभी दिशा-निर्देशों का समय से व सही से पूरा पालन करायेंगे जिनकी ये तीनों लोग मिलकर हर महीने मुझे रिपोर्ट भी जरूर देंगे।
मायावती ने कहा''यूपी स्टेट के जिन तीन लोगों को यूपी स्टेट का प्रभारी बनाया गया है वे है 1. मुनकाद अली, पूर्व सांसद मेरठ से 2. श्री राजकुमार गौतम, बुलन्दशहर से तथा 3. डा. विजय प्रताप, पूर्व एम.एल.सी. आजमगढ़ से अर्थात् इन तीन लोगों को ही पार्टी यूपी स्टेट का प्रभारी बनाया गया है। इसके इलावा, मुझे यह भी मालूम है कि इस बार चुनाव में हमारी पार्टी के बड़े नेताओं से ज्यादा अच्छी भूमिका विधानसभा कमेटी की रही है जिनकी मैं काफी आभारी भी हूँ।
गौरतलब है कि भीम राजभर विधानसभा चुनाव में मऊ विधानसभा क्षेत्र से बसपा के उम्मीदवार थे लेकिन समाजवादी पार्टी गठबंधन से सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के उम्मीदवार और बाहुबली पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी ने उन्हें पराजित कर तीसरे नंबर पर कर दिया। इसके बाद राजनीतिक हलकों में संकेत मिल रहे थे कि भीम राजभर को पद से हटाया जा सकता है।
आपको बता दें यूपी की चार बार मुख्यमंत्री रह चुकीं मायावती की पार्टी को इस चुनाव में 403 सीटों में से महज एक ही सीट पर कामयाबी मिली| गौरतलब है कि बीजेपी गठबंधन ने इस विधानसभा चुनाव में कुल 273 सीटों पर जीत हासिल कर सूबे में फिर से सरकार बना ली है| वहीं, इस चुनाव में एसपी गठबंधन को कुल 125 सीटों पर कामयाबी मिली है|