लखनऊ: विधानसभा चुनाव का बिगुल बजते ही उत्तर प्रदेश की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) में भगदड़ सी मच गई है। भारतीय जनता पार्टी में इस्तीफों का दौर जारी है| विधायक मुकेश वर्मा, विधायक विनय शाक्य, काबीना मंत्री धर्म सिंह सैनी के बाद अब लखीमपुर स्थित धौरहरा (Dhaurhara, Lakhimpur) विधानसभा सीट से विधायक बाला प्रसाद अवस्थी (Bala Prasad Awasthi) ने भी इस्तीफा दे दिया है|
बीजेपी विधायक बाला अवस्थी ने कहा,''यह सरकार झूठ बोल रही है, दलितों, पिछड़े समुदायों के लिए कुछ नहीं किया। नायक फिल्म की तरह ही हर वर्ग के लोग अखिलेश यादव के साथ हैं. वे (यूपी की जनता) उनपर (अखिलेश यादव) पर विश्वास करते हैं। अवस्थी ने कहा,'''मैंने उनसे (अखिलेश यादव) कहा था कि हम यहां आपको पूर्ण बहुमत से सीएम बनाने आए हैं|
अवस्थी ने कहा है 'बीते पांच सालों से प्रदेश के किसानों के हितों की अनदेखी हुई. क्षेत्र के विकास कार्यों पर मेरे द्वारा की गई मांगों को अनदेखा किया गया| कहा- प्रदेश में कोविड के समय कोरोना से प्रभावित लोगों को उचित इलाज की व्यवस्था ना दिला पाने से तमाम लोगों की मृत्यु हुई|
अवस्थी ने स्वतंत्र देव को भेजे इस्तीफे में कहा है ,' जनता ने तीन बार वर्ष 1991, 2007, 2017 धौरहरा खीरी से विधायक चुना| एक बार मोहम्मदी से साल 2012 में विधायक चुना गया| मैं वर्ष 1996 में भारतीय जनता पार्टी लखीमपुर का जिलाध्यक्ष भी रहा हूं| अवस्थी ने आरोप लगाते हुए कहा,'' 'निष्ठावान कार्यकर्ताओं की उपेक्षा और उप्र के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के द्वारा किये गये विकास कार्यों की तुलना में काम ना होने से दुखी होकर मैं भारतीय जनता पार्टी से इस्तीफा देता हूं|
बाला अवस्थी के अलावा अब तक 14 लोग भाजपा से इस्तीफा दे चुके हैं| इसमें स्वामी प्रसाद मौर्य, दारा सिंह चौहान, मुकेश वर्मा, तिलहर से विधायक रोशन लाल वर्मा, विधायक बृजेश प्रजापति, बिल्हौर से विधायक भगवती प्रसाद सागर, संतकबीरनगर से विधायक दिग्विजय नारायण उर्फ जय चौबे शामिल हैं| इसके अलावा- सीतापुर से विधायक राकेश राठौर, आयुष मंत्री धर्म सिंह सैनी, औरैया के बिधूना से विधायक रहे विनय शाक्य, भाजपा विधायक अवतार सिंह भड़ाना, आरके शर्मा ने भी इस्तीफा दे दिया है|