कानपुर: कानपुर सेंट्रल बैंक लॉकर चोरी के पीड़ित परिवारों ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से की मुलाकात। समाजवादी पार्टी ने कहा,''बैंकों के लॉकरों की सुरक्षा करना सरकार की ज़िम्मेदारी है। पीड़ित परिवारों को उनका पैसा वापस लौटाए सरकार।
बता दें कि, कानपुर के कराची खाना स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की शाखा से 11 लॉकर में करीब ढाई करोड़ के गहने चोरी हो चुके हैं| पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है| लेकिन जिनके कीमती गहने चोरी हुए हैं वो अब विरोध प्रदर्शन पर सड़कों पर उतर आए हैं और अपने सामान को जल्द से जल्द वापस दिलाने की मांग कर रहे हैं|
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की कराची खाना स्थित शाखा में कुल उपलब्ध 1141 लॉकर में 507 लॉकर ग्राहकों ने किराए पर लिए हैं| लॉकर में हुई चोरी का दसवां शिकार जनरलगंज निवासी रमेश चंद्र गुप्ता की पत्नी राजाबेटी गुप्ता हुई| जिनका लॉकर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया कराची खाना में है| सोमवार यानि 11 अप्रैल की दोपहर अपना लॉकर चेक करने के लिए बेटे सौरभ गुप्ता के साथ बैंक पहुंची|
उन्होंने बैंक अधिकारी की देखरेख में लॉकर नम्बर 737 खोला, तो उनके होश उड़ गए| लॉकर पूरी तरह खाली था| राजाबेटी गुप्ता वहीं गश खाकर गिर गईं| उनके बेटे ने उन्हें सहारा दिया| राजाबेटी गुप्ता ने बताया कि लॉकर में 35 लाख रुपए के जेवरात और अन्य दस्तावेज गायब थे| फीलखाना पुलिस ने मामले में मंगलवार को FIR दर्ज करके जांच शुरू कर दी है| राजाबेटी गुप्ता के पास ये लॉकर सन 1975 से है| लॉकर में उनकी सास के जेवर और कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज मौजूद थे| उनके घर में कुछ समारोह था, जिसकी वजह से लॉकर को आखिरी बार नवंबर 2021 में खोला गया था|
पुलिस की जांच में ये बात सामने आई है कि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया कराचीखाना में 29 निष्क्रिय लॉकरों को तोड़ने की आड़ में अन्य लॉकरों को निशाना बनाया गया| जनवरी 2022 में सबसे पहले सेंट्रल बैंक की लॉकर धारक सीता गुप्ता का मामला सामने आया था| बैंक प्रबंधन ने कार्रवाई की बजाय उन्हें डांटकर भगा दिया था| इसके दो महीने बाद 14 मार्च को मंजू भट्टाचार्या का मामला सामने आया| तब हंगामा हुआ और लॉकर प्रकरण सामने आया|
मामले में पुलिस कमिश्नर ने जांच के लिए SIT का गठन किया था| जांच में सामने आया कि तत्कालीन बैंक मैनेजर रामप्रसाद, लॉकर इंचार्ज शुभम मालवीय, लॉकर मैकेनिक चंद्र प्रकाश और उसके तीन साथियों को पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है| इसके साथ ही मामले की जांच तेजी से की जा रही है| लॉकर काटने वाले सभी आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई करने के साथ ही संपत्ति भी कुर्क की जाएगी| SIT जल्द ही मामले में अपनी रिपोर्ट सबमिट करेगी|