चंडीगढ़: पंजाब के लुधियाना कोर्ट में गुरुवार दोपहर हुए बम ब्लास्ट में मारे गए व्यक्ति की पहचान गगनदीप सिंह (30) के रूप में हुई है।लुधियाना कोर्ट कॉम्प्लेक्स में हुए बम ब्लास्ट का मुख्य आरोपी पंजाब पुलिस का निलंबित हेड कांस्टेबल था| पंजाब पुलिस के मुताबिक अदालत परिसर विस्फोट में गगनदीप सिंह की मौत हो गई है| निलंबित पुलिसकर्मी गगनदीप सिंह उसके खिलाफ दर्ज ड्रग्स मामले का रिकॉर्ड नष्ट करना चाहता था| पुलिस के मुताबिक कोर्ट परिसर में जो धमाका हुआ उसमें आरोपी ने करीब दो किलो RDX का इस्तेमाल किया था| वह ब्लास्ट में मारा गया।
पूर्व हेड कांस्टेबल गगनदीप को ड्रग-तस्करी मामले में गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद उसे नौकरी से 2019 में बर्खास्त कर दिया गया और उसे सजा के तौर पर दो साल जेल में बिताए| इसके बाद सितंबर महीने में उसे जेल से रिहा कर दिया गया था| गगनदीप के खालिस्तानी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) से लिंक सामने आ रहे हैं। इस ब्लास्ट के पीछे पाकिस्तान में बैठे हरविंदर सिंह रिंदा का नाम आ रहा है, जो बब्बर खालसा इंटरनेशनल से जुड़ा है। गगनदीप कोर्ट परिसर के बाथरूम में बम लेकर पहुंचने के बाद कोई गड़बड़ी हुई और बम ब्लास्ट हो गया। इसमें गगनदीप सिंह खुद भी मारा गया। एजेंसियां इसकी पड़ताल कर रही हैं।
पंजाब के डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय ने बताया कि, ''लुधियाना ब्लास्ट बहुत शक्तिशाली ब्लास्ट था, मौके से हमें काफी लीड मिले। मृतक के हाथ पर हमें टैटू मिला, मौके का जायज़ा करके हमें लगा कि मृतक गगनदीप विस्फोटक ला रहा था। जांच में हमें पुख्ता हो गया कि ये सही है|
डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय ने बताया कि,''मृतक (मुख्य आरोपी) पंजाब पुलिस का निलंबित हेड कांस्टेबल था और एसटीएफ ने 2019 में नारकोटिक ड्रग के लिए उसे गिरफ़्तार किया था| 2 साल जेल में रहने के बाद गगनदीप की बेल हुई और उसका ट्रायल चल रहा था। ऐसी उम्मीद है कि जेल में उसका नारकोटिक्स फिर माफिया और फिर ड्रग में ट्रांजिशन हुआ। इसके लिंक पंजाब और विदेश में खालिस्तानी तत्वों, टेरर आउटफिट, माफिया आउटफिट और नारकोटिक्स स्मगलर के साथ मिले हैं|
DGP ने बताया कि गगनदीप के खिलाफ 2019 में NDPS एक्ट का केस दर्ज हुआ था। STF ने उसके पास से 11अगस्त 2019 को 385 ग्राम हेरोइन बरामद की थी। उस वक्त वह खन्ना के थाना सदर में मुंशी था। इसके बाद उसके साथियों अमनदीप और विकास को भी 400 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया गया था। 2 साल जेल में रहने के बाद वह जमानत पर बाहर आया था। इस मामले में उसका ट्रायल भी चल रहा था।
लुधियाना कोर्ट कॉम्प्लेक्स में हुए बम ब्लास्ट के लिए RDX का इस्तेमाल किया गया था। पंजाब पुलिस की फॉरेंसिक जांच में यह खुलासा हुआ है। हालांकि, धमाके से पानी की पाइपलाइन फट गई, जिससे भारी मात्रा में विस्फोटक बह गया। DGP का कहना है कि मामले की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है, क्योंकि टिफिन बम की भी आशंका है।
पंजाब पुलिस के मुताबिक,'' गगनदीप सिंह के दो दोस्तों और उसके भाई को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है| उसके घर से एक लैपटॉप बरामद किया गया है| सूत्रों ने बताया था कि गगनदीप सिंह के सिम कार्ड और एक वायरलेस डोंगल ने उसकी पहचान करने में मदद की और परिवार ने भी पुष्टि की है कि शव उसी का है|
पुलिस ने कहा कि धमाके में मारा गया गगनदीप ही कोर्ट में बम प्लांट करने के लिए गया था। वह पहले नशे के केस में पकड़ा गया था। जेल जाने पर उसकी ड्रग माफिया से साठगांठ हुई। माफिया के बाद वह टेरर की तरफ चला गया। इस दौरान ही वह आर्गेनाइज्ड क्राइम यानी गैंगस्टर्स के संपर्क में आया।
बम कहीं और प्लांट करना था, तार जोड़ते वक्त धमाका हो गया
पूर्व हेड कांस्टेबल कोर्ट के बाथरूम में बम को लगा रहा था, तभी इसमें विस्फोट हो गया| हालांकि, यह अभी तक पता नहीं चला है कि उसे आईईडी बनाने के लिए सामग्री कहां से मिली|
पुलिस ने कहा कि गगनदीप को बम कहीं और प्लांट करना था और वह बाथरूम में बम के तार जोड़ने के लिए गया था। असेंबल करते वक्त ही बम फट गया। गनीमत यह रही कि उस समय गगनदीप वहां अकेला था। मृतक के शरीर की पोजिशन को देखकर इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि शुरूआत में गगनदीप अकेला इस साजिश का हिस्सा लग रहा था लेकिन इसमें और लोग भी शामिल हो सकते हैं। पुलिस को लुधियाना में CCTV में कुछ संदिग्ध नजर आए हैं। जिनकी जांच की जा रही है।
मरने वाले पर ही था पुलिस का पहला शक
पुलिस ने कहा कि, यह काफी पावरफुल ब्लास्ट था। फिर भी इसे 24 घंटे में सुलझा लिया गया है। मौके से पुलिस को कपड़े, सिम कार्ड, मोबाइल और टैटू मिला। जिसके बाद हमें लगा कि मरने वाला ही वहां बम लेकर गया था। जांच में कन्फर्म हो गया कि वहां मरने वाले ने ही ब्लास्ट किया था। जिसकी पहचान पंजाब पुलिस के बर्खास्त कांस्टेबल गगनदीप सिंह के तौर पर हुई।
रिकॉर्ड रूम उड़ाना चाहता था गगनदीप
शुरूआती जांच में यह भी सामने आया क?? गगनदीप की धमाके के अगले ही दिन कोर्ट में पेशी थी। वह लुधियाना कोर्ट का रिकॉर्ड रूम उड़ाना चाहता था। उसकी योजना थी कि रिकॉर्ड रूम नष्ट होने से उसके केस से जुड़े रिकॉर्ड नष्ट हो जाएंगे और वह केस से बच जाएगा। यह भी आशंका है कि जैसे आतंकवाद के दौर में जजों पर अटैक हुए थे, इसमें भी कुछ इसी तरह की मंशा हो सकती है।
पाकिस्तान के हाथ होने के पक्के सबूत
पुलिस ने यह भी कहा कि शुरूआती जांच में सबूत मिले हैं कि मृतक गगनदीप सिंह के सीमा पार यानी पाकिस्तान में बैठे नशा तस्करों से लिंक थे। हालांकि पुलिस इसकी जांच कर रही है। गौरतलब है कि मृतक गगनदीप सिंह का पाकिस्तान में बैठे बब्बर खालसा इंटरनेशनल से जुड़े हरविंदर सिंह रिंदा से कांटेक्ट सामने आ रहे हैं। वहीं, रिंदा के लिंक जर्मनी में बैठे खालिस्तानी आतंकी जसविंदर सिंह मुल्तानी से जुड़े बताए जा रहे हैं। जो पाकिस्तान में बैठे ड्रग माफिया के जरिए पंजाब के रास्ते भारत में हथियार और नशा सप्लाई करता है।
मृतक गगनदीप सिंह की गर्लफ्रेंड लेडी कॉन्स्टेबल हिरासत में
लुधियाना कोर्ट में हुए ब्लास्ट की जांच कर रही पुलिस ने एक लेडी कॉन्स्टेबल को हिरासत में लिया है। कमलजीत कौर नामक ये लेडी कॉन्स्टेबल बम धमाके में मारे गए बर्खास्त सिपाही गगनदीप सिंह की गर्लफ्रेंड है और फिलहाल खन्ना जिला पुलिस के SP हेडक्वार्टर की नायब रीडर के तौर पर तैनात है।
बताया जा रहा है कि कोर्ट में बम फिट करते समय हुए धमाके में मारा गया गगनदीप अपनी पत्नी से विवाद होने के बाद कॉन्स्टेबल कमलजीत कौर के साथ ही रह रहा था। पुलिस महकमे में 8 साल की नौकरी के दौरान गगनदीप सिंह भी खन्ना में एसपी हेडक्वार्टर का रीडर रहा है। उसी समय उसकी दोस्ती नायब रीडर के पद पर तैनात कॉन्स्टेबल कमलजीत कौर से हुई।
ड्रग्स केस में पकड़े जाने के बाद 2 साल जेल में गुजारने वाला गगनदीप 8 सितंबर 2021 को ही जमानत पर जेल से बाहर आया था। तब से ही वह लेडी कॉन्स्टेबल कमलजीत कौर के संपर्क में था। पंजाब पुलिस ने लेडी कॉन्स्टेबल को हिरासत में लिए जाने की पुष्टि की है। एक पुलिस अफ़सर ने कहा कि पुलिस मामले की जांच में जुटी है।