Manipur Assembly Election 2022 Date: मणिपुर में चुनाव तारीखों (Uttar Pradesh assembly elections dates) का ऐलान हो गया है। चुनाव आयोग (Election Commission news) ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मणिपुर सहित पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों की तारीखों (Vidhan Sabha Chunav 2022 Dates) की घोषणा कर दी| मणिपुर में 60 सीटों के लिए दो चरण में मतदान होंगे| 27 फरवरी को मणिपुर में पहले चरण के मतदान होंगे| 3 मार्च को मणिपुर के दूसरे चरण के मतदान पूरे होंगे।
नतीजे 10 मार्च को घोषित किए जाएंगे| राज्य में चुनावी कार्यक्रम को लेकर तारीखों की घोषणा के बाद यहां आचार संहिता लागू हो गई है| मणिपुर विधानसभा में 60 सीटें हैं और यहां फिलहाल बीजेपी की सरकार है| मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने बताया कि,, 2017 के विधानसभा चुनावों से मतदान केंद्रों की संख्या 16% बढ़ाई गई है| अब उम्मीदवार ऑनलाइन भी आवेदन कर सकेंगे| सुविधा एप के जरिए ऑनलाइन नामांकन हो सकेगा|
मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने कहा कि,',''80 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांग व्यक्ति और कोविड-19 पॉजिटिव व्यक्ति पोस्टल बैलेट से मतदान कर सकते हैं| 80 साल से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांग व्यक्ति और कोविड-19 पॉजिटिव व्यक्ति पोस्टल बैलेट से मतदान कर सकते हैं| उम्मीदवार को आपराधिक इतिहास बताना होगा| अवैध पैसों, शराब पर नजर रखी जाएगी|
सुशील चंद्रा ने कहा कि सभी चुनाव अधिकारियों और कर्मचारियों को फ्रंटलाइन वर्कर माना जाएगा और सभी पात्र अधिकारियों को 'एहतियाती खुराक' का टीका लगाया जाएगा| रोड शो, बाइक शो पर 15 जनवरी तक रोक रहेगी| 15 जनवरी तक नुक्कड़ सभाओं पर भी रोक रहेगी|
गोवा विधानसभा चुनाव 2017 परिणाम (कुल सीट 60, बहुमत का आंकड़ा 31)
भाजपा: 21
कांग्रेस : 28
अन्य: 11
60 सीटों वाले प्रदेश मणिपुर विधानसभा का कार्यकाल 19 मार्च 2022 को खत्म हो रहा है| 2017 में मणिपुर विधानसभा चुनाव में बीजेपी (BJP) ने NPP और कुछ निर्दलीय विधायकों के समर्थन से सरकार बनाई और एन बीरेंद्र सिंह राज्य के मुख्यमंत्री बने| राज्य में इस वक्त बीजेपी की सरकार है. ऐसे में बीजेपी को सत्ता बचाने की बड़ी चुनौती है| जानकारी के मुताबिक साल 2022 में बीजेपी ने राज्य में जीत के लिए 40 सीटों का टारगेट रखा है|
साल 2017 के चुनाव में बीजेपी मणिपुर में सिर्फ 21 सीटें ही हासिल हुई थीं, इसी के चलते 60 सदस्यीय विधानसभा में बीजेपी को सरकार बनाने के लिए दूसरी पार्टियों से बहुमत के लिए सहयोग लेना पड़ा| उस वक्त सबसे ज्यादा सीटें जीतने वाली कांग्रेस को 28 सीटें जीतने के बाद भी राज्य की सत्ता से बेदखल होना पड़ा था| मणिपुर की सत्ता पर ज्यादा समय तक कांग्रेस का ही कब्जा रहा है|