पटना: केंद्रीय मंत्री व BJP नेता गिरिराज सिंह ने नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा, ‘आज 'पलटूराम' 'कलटूराम' बन गए। गिरिराज सिंह ने कहा, ‘ मुझे पता चला कि लालू यादव ने उन्हें (नीतीश कुमार)बधाई दी है। लालू यादव ने एक बार ट्वीट किया था कि वे एक सांप हैं,जैसे सांप अपनी त्वचा छोड़ता है, वे अपना गठबंधन छोड़ देते हैं और हर 2 साल में नया गठबंधन कर लेते हैं|
गिरिराज सिंह ने कहा, ‘नीतीश कुमार अपनी महत्वाकांक्षा को पूरा करने के लिए लगातार बिहार को धोखा दे रहे हैं..वोट बिहार के विकास के लिए था न कि येन केन प्रकारेण सीएम की कुर्सी से चिपके रहने और प्रधानमंत्री बनने का सपना देखने के लिए। प्रदेश कार्यालय में शुरू हुआ यह धरना प्रदेश के हर घर तक जाएगा।
गिरिराज ने कहा, ‘हम नीति और नियत के साथ चलते हैं, इनके मन में महत्वाकांक्षा सिर पर नाचने लगी। कुछ बहाना तो चाहिए...अगर हमें खत्म करना होता तो 43 (JDU विधानसभा सीटें) और 74 (भाजपा विधानसभा सीटें) की कोई तुलना थी क्या?
नीतीश कुमार पर आरोप लगाते हुए गिरिराज सिंह ने कहा, ‘ बिहार में शराबबंदी के बाद बिहार सरकार को मिलने वाला सारा राजस्व शराब माफिया को जाता है, जिसका इस्तेमाल जदयू अपनी पार्टी को जिंदा रखने के लिए करता है, आज शराबबंदी कानून हटेगा, कल जदयू खत्म होगा। शराबबंदी के बाद जेडीयू के चंदे के संग्रह में अभूतपूर्व इजाफा हुआ है।
NDA से नाता तोड़ने के बाद नीतीश कुमार ने बुधवार दोपहर ,(10 अगस्त 2022 को) 8वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ले ली है। राजद नेता तेजस्वी यादव ने उपमुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली| शपथ लेने के बाद उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा, ‘‘आज बिहार ने वो कर दिखाया जो देश को करना है। हम लोगों ने सदन से लेकर सड़क तक बेरोजगारी की लड़ाई लड़ी है।
तेजस्वी यादव ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री जी के निर्णय से हम लोगों को एक मौका मिला है की जनता और नौजवानों के दुख दर्द को दूर कर सकें| रोजगार को लेकर हमारी मुख्यमंत्री जी से बात हुई है और 1 महीने के अंदर बिहार में लोगों को ऐसी बंपर नौकरियां मिलेगी जो किसी और राज्य में नहीं हुआ होगा|
उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा, ‘‘महागठबंधन इतना मजबूत है कि विधानसभा में विपक्ष के लिए बीजेपी सिर्फ एक ही बचेगी... सीएम नीतीश कुमार द्वारा लिया गया मुश्किल फैसला... एक ऐसा फैसला है जिसकी जरूरत थी. सांप्रदायिक तनाव भाजपा द्वारा फैलाया जा रहा था, वे क्षेत्रीय दलों को ख़त्म की कोशिश कर रहे थे|
RJD के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने कहा, ‘‘ये 2017 से लेकर 2020 तक के जनादेश की घर वापसी है। ये बहुत महत्वपूर्ण है ऐसे दौर में जब मौजूदा भाजपा ने ये तय कर लिया है कि लोकतांत्रिक मूल्यों को क्षत-विक्षत करना है। बिहार ने एक संदेश दिया है|
बीजेपी के साथ गठबंधन तोड़ने के नीतीश कुमार के फैसले को लेकर जेडीयू अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा,"2019 में आपको प्रधानमंत्री बनना था तो कोई गड़बड़ नही हुई, लेकिन 2020 में साजिश शुरू हो गई|
सिंह ने कहा,'नीतीश कुमार जी ने जिसे राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया उसको बीजेपी ने अपने साथ मिला लिया, लोजपा में उन लोगों को टिकट दिया गया जो भाजपा के थे, सब चुनाव हारे और फिर भाजपा में वापस आ गए|
ललन सिंह ने कहा, " नीतीश कुमार CM नहीं बनना चाहते थे लेकिन जबर्दस्ती CM बनाया गया| उसके बाद बीजेपी के छुटभैया नेता उनके खिलाफ अनाप शनाप बयानबाजी करते रहे| हम लोगों ने भी बराबर का हिस्सेदारी दी और सम्मान दिया, हम लोगों ने कभी बड़े-छोटे भाई नहीं कहा|
" बीजेपी पर हमला बोलते हुए जेडीयू प्रमुख ने कहा कि 2015 में नीतीश कुमार महागठबंधन में जीते थे 2017 में जब NDA में आ गये जनमत का अपमान नही हुआ था आज जनमत का अपमान हुआ है| ललन सिंह ने कहा, "जो फैसला लिया है उससे सभी खुश हैं| 2020 में विधानसभा चुनाव हुआ था और हमारे लोगों ने भाजपा को जिताया था और उन लोगों ने हम लोगों को हराया है... ये गठबंधन धर्म नही निभाते हैं, अरुणाचल प्रदेश में 6 विधायकों को तोड़ लिया| ईटानगर में हमने नगर निकाय में बेहतर प्रदर्शन किया|
वहीं शपथ लेने के बाद नीतीश कुमार ने बीजेपी पर जमकर हमला बोला| साथ ही नीतीश कुमार ने 2024 के आम चुनावों के लिए एकजुट विपक्ष का आह्वान किया| 2024 में प्रधानमंत्री पद की दावेदारी पर CM नीतीश कुमार ने कहा कि,'नहीं, हमारी किसी भी पद के लिए कोई दावेदारी नहीं है। लेकिन जो 2014 में आए वो 2024 के बाद रह पाएंगे या नहीं?...
बीजेपी के आरोपों पर नीतीश कुमार ने जवाब देते हुए कहा कि पिछले डेढ़ महीने में मैंने मीडिया से बात करना बंद कर दिया था| आप हमारी पार्टी के लोगों से पूछ लीजिए की क्या सबकी स्थिति हुई|
नीतीश कुमार ने कहा,''आप हमारी पार्टी के लोगों से पूछ लीजिए की क्या सबकी स्थिति हुई। मैं मुख्यमंत्री (2020 में) बनना नहीं चाहता था। लेकिन मुझे दवाब दिया गया कि आप संभालिए। बाद के दिनों में जो कुछ भी हो रहा था, सब देख रहे थे। हमारी पार्टी के लोगों के कहने हम अलग हुए|
नीतीश कुमार ने कहा,''जो 2014 में सत्ता में आए, क्या वे 2024 में विजयी होंगे? मैं चाहता हूं कि 2024 के लिए सभी (विपक्ष) एकजुट हों। मैं ऐसे किसी पद (पीएम पद पर) का दावेदार नहीं हूं। उन्होंने कहा,'' हमारी पार्टी के लोगों के कहने हम अलग हुए| पार्टी ने एक साथ फैसला किया (बीजेपी छोड़ने के लिए)..... मैं रहूंगा या नहीं (2024 तक).. वे (BJP) जो चाहते हैं वह कह सकते हैं, लेकिन मैं साल 2014 में नहीं जीऊंगा... नीतीश कुमार ने कहा कि "मैं पीएम पद के लिए इच्छुक नहीं हूं.... सवाल यह है कि क्या 2014 में आया व्यक्ति 2024 में जीतेगा|