पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नीतीश से तकरार के बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री रामचंद्र प्रसाद सिंह ने जनता दल यूनाइटेड (JDU) की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है| जनता दल यूनाइटेड (JDU) द्वारा भ्रष्टाचार का आरोप लगाए जाने के बाद आरसीपी सिंह ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया और उन्होंने उनसे 'ईर्ष्या' करने वालों पर 'साजिश' का आरोप लगाया| JDU नेता आरसीपी सिंह ने आज मुस्तफापुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी छोड़ने की घोषणा की और अपनी पार्टी बनाने की बात कही।
जदयू से इस्तीफा देने के बाद नालंदा में आरसीपी सिंह ने कहा,''आपने (जदयू बिहार इकाई के अध्यक्ष उमेश कुशवाहा) पार्टी में जांच एजेंसी बना रखी है क्या? नोटिस में लिखा है पूर्व केंद्रीय मंत्री, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष लिखने में शर्म आ रही है? मेरे पास जो भी संपत्ति है वो पेंशन से है। मैनें कभी कुछ नहीं खरीदा|
इससे पहले सुबह ही जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने उन पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था और उन्हें नोटिस भेजकर जवाब मांगा था। पार्टी से इस्तीफा देने के बाद आरसीपी सिंह ने जदयू को डूबता जहाज बताया।
आज सुबह JDU ने पार्टी नेता आरसीपी सिंह को "उनके और उनके परिवार के नाम पर 2013-2022 से पंजीकृत अचल संपत्तियों में विसंगतियों" पर नोटिस जारी किया था। पार्टी ने उनसे जल्द से जल्द जवाब दाखिल करने को कहा था। इस पर,''आरसीपी सिंह ने आज, शनिवार शाम को कहा,''आपने पार्टी में जांच एजेंसी बना रखी है क्या? मेरे पास जो भी संपत्ति है वो पेंशन से है। मैनें कभी कुछ नहीं खरीदा|
बता दें, आरसीपी सिंह और सीएम नीतीश कुमार के बीच लंबे समय से अनबन चल रही थी। आरसीपी सिंह को पिछले दिनों केंद्रीय मंत्री पद भी छोड़ना पड़ा था, क्योंकि उनका राज्यसभा का कार्यकाल खत्म हो गया था।
शनिवार को जदयू बिहार इकाई के अध्यक्ष उमेश कुशवाहा नेनोटिस जारी कर उनसे अर्जित की गई अकूत अचल संपत्तियों में विसंगतियों पर ब्यौरा मांगा है" | उमेश सिंह कुशवाहा ने सिंह को पत्र में लिखा है, ‘‘आप अच्छी तरह से जानते हैं कि हमारे माननीय नेता (नीतीश कुमार) भ्रष्टाचार के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस' की नीति के साथ काम कर रहे हैं और वह अपने लंबे राजनीतिक करियर में बेदाग रहे हैं|'' पत्र के साथ पार्टी के अज्ञात कार्यकर्ताओं द्वारा सिंह के खिलाफ की गई शिकायत को भी संलग्न किया गया है|
कुशवाहा ने आरसीपी सिंह को पत्र लिखकर कहा,'' नालन्दा जिला जनता दल (यू) के दो साथियों का साक्ष्य के साथ परिवाद प्राप्त हुआ है। जिसमें यह उल्लेख है कि अब तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार आपके एवं आपके परिवार के नाम से वर्ष-2013 से 2022 तक अकूत अचल संपत्ति निबंधित कराया गया है। जिसमें कई प्रकार की अनियमितताएँ दृष्टिगोचर होती है।
पार्टी ने कहा,'आप (आरसीपी सिंह) लम्बे समय से दल के सर्वमान्य नेता नीतीश कुमार जी के साथ अधिकारी एवं राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में काम करते रहे है। आपको (आरसीपी सिंह) नीतीश कुमार नेता ने दो बार राज्यसभा का सदस्य, पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव (संगठन), राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा केन्द्र में मंत्री के रूप में कार्य करने का अवसर पूर्ण विश्वास एवं भरोसा के साथ दिया।
कुशवाहा ने कहा,"आप इस तथ्य से भी अवगत हैं कि नीतीश कुमार भ्रष्टाचार के जीरो टॉलरेन्स पर काम करते रहे हैं और इतने लम्बे सार्वजनिक जीवन के बावजूद नेता पर कभी कोई दाग नहीं लगा और न उन्होंने कोई संपत्ति बनायी।,'निर्देशानुसार पार्टी आपसे अपेक्षा करती है कि परिवाद के बिन्दुओं पर बिन्दुवार अपनी स्पष्ट राय से पार्टी को तत्काल अवगत करायेंगे।
बता दें,'उत्तर प्रदेश कैडर के पूर्व आईएएस अधिकारी आरसीपी सिंह 1990 के दशक से ही नीतीश कुमार के करीबी रहे है| आरसीपी सिंह ने नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री के रूप में पहले पांच वर्षों के दौरान प्रमुख सचिव के रूप में कार्य किया था| आईएएस अधिकारी आरसीपी सिंह ने राजनीति में आने के लिए 2010 में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली थी|
JDU ने उन्हें लगातार दो बार राज्यसभा भेजा| नीतीश कुमार के बाद सिंह जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए गए| इसके बाद, आरसीपी सिंह पिछले साल केंद्र में मंत्री बनाए गए थे| इस साल जुलाई में उन्हें इस्तीफा देना पड़ा क्योंकि JDU ने उन्हें र राज्यसभा का टिकट नहीं दिया था|