पटना: बिहार में जदयू-बीजेपी में तनातनी के बीच एक बार फिर जदयू में ही राजनीतिक बयानबाजी तेज होती दिख रही है| अब एक बार फिर जनता दल यूनाइटेड के अध्यक्ष ललन सिंह और शनिवार को पार्टी को अलविदा कह चुके आरसीपी सिंह आमने-सामने दिख रहे हैं| राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ने रविवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री रामचंद्र प्रसाद सिंह के बयान पर पलटवार किया है|
आरसीपी सिंह के 'जदयू को डूबता जहाज' के बयान पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन (ललन) सिंह ने कहा कि,''JDU डुबता हुआ जहाज नहीं बल्कि दौड़ता हुआ जहाज है। लेकिन कुछ लोग JDU के दौड़ते हुए जहाज में छेद करना चाहते हैं|
JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन (ललन) सिंह ने कहा कि,वो (आर.सी.पी. सिंह) कहते हैं कि JDU डुबता हुआ जहाज है लेकिन हम उनको बता देना चाहते हैं कि JDU डुबता हुआ जहाज नहीं बल्कि दौड़ता हुआ जहाज है। लेकिन ये बात है कि कुछ लोग उस जहाज में छेद करना चाहते हैं|
राजीव रंजन सिंह ने कहा कि,''पूरी पार्टी नीतिश कुमार जी की आभारी है कि उन्होंने ऐसे लोगों को पहचान लिया। हमने पहले भी कहा है कि नीतिश कुमार जी की संख्या जो 43 पर आ गई वो जनाधार की वजह से नहीं बल्कि उनके खिलाफ हुई षडयंत्र की वजह से हुई लेकिन अब ऐसा नहीं होगा|
JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन (ललन) सिंह ने कहा कि,'केंद्रीय मंत्रिपरिषद में जद (यू) का कोई प्रतिनिधि नहीं होगा|
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नीतीश से तकरार के बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री रामचंद्र प्रसाद सिंह ने जनता दल यूनाइटेड (JDU) की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है| जनता दल यूनाइटेड (JDU) द्वारा भ्रष्टाचार का आरोप लगाए जाने के बाद आरसीपी सिंह ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया और उन्होंने उनसे 'ईर्ष्या' करने वालों पर 'साजिश' का आरोप लगाया| JDU नेता आरसीपी सिंह ने आज मुस्तफापुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी छोड़ने की घोषणा की और अपनी पार्टी बनाने की बात कही।
गौरतलब है कि,'बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नीतीश से तकरार के बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री रामचंद्र प्रसाद सिंह ने शनिवार को जनता दल यूनाइटेड (JDU) की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था| जनता दल यूनाइटेड (JDU) द्वारा भ्रष्टाचार का आरोप लगाए जाने के बाद आरसीपी सिंह ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया और उन्होंने उनसे 'ईर्ष्या' करने वालों पर 'साजिश' का आरोप लगाया था|
,'दरअसल, शनिवार सुबह ही जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने उन पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था और उन्हें नोटिस भेजकर जवाब मांगा था|सुबह JDU ने पार्टी नेता आरसीपी सिंह को "उनके और उनके परिवार के नाम पर 2013-2022 से पंजीकृत अचल संपत्तियों में विसंगतियों" पर नोटिस जारी किया था। पार्टी ने उनसे जल्द से जल्द जवाब दाखिल करने को कहा था। इस पर,''आरसीपी सिंह ने आज, शनिवार शाम को कहा,''आपने पार्टी में जांच एजेंसी बना रखी है क्या? मेरे पास जो भी संपत्ति है वो पेंशन से है। मैनें कभी कुछ नहीं खरीदा|
बता दें, आरसीपी सिंह और सीएम नीतीश कुमार के बीच लंबे समय से अनबन चल रही थी। आरसीपी सिंह को पिछले दिनों केंद्रीय मंत्री पद भी छोड़ना पड़ा था, क्योंकि उनका राज्यसभा का कार्यकाल खत्म हो गया था।
नीतीश से तकरार के बीच आरसीपी सिंह ने JDU छोड़ी
बता दें,'उत्तर प्रदेश कैडर के पूर्व आईएएस अधिकारी आरसीपी सिंह 1990 के दशक से ही नीतीश कुमार के करीबी रहे है| आरसीपी सिंह ने नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री के रूप में पहले पांच वर्षों के दौरान प्रमुख सचिव के रूप में कार्य किया था| आईएएस अधिकारी आरसीपी सिंह ने राजनीति में आने के लिए 2010 में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली थी|
JDU ने उन्हें लगातार दो बार राज्यसभा भेजा| नीतीश कुमार के बाद सिंह जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए गए| इसके बाद, आरसीपी सिंह पिछले साल केंद्र में मंत्री बनाए गए थे| इस साल जुलाई में उन्हें इस्तीफा देना पड़ा क्योंकि JDU ने उन्हें र राज्यसभा का टिकट नहीं दिया था
आपने पिछले 9 वर्षों में अकूत अचल संपत्ति जुटाई है, कैसे?: JDU ने RCP सिंह को थमाया नोटिस