पटना: बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद नीतीश कुमार ने JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन (ललन) सिंह के साथ राजद नेता तेजस्वी यादव और राबड़ी देवी से मुलाकात की| राजद नेता तेजस्वी यादव से मुलाकात कर नीतीश कुमार ने कहा,''2017 में जो हुआ उसे भूल जाएं, 2022 में 'एक नया' अध्याय शुरू करें|
राजद सूत्र ने कहा,''जद (यू) नेता नीतीश कुमार ने राजद के तेजस्वी यादव से कहा, 2017 में जो हुआ उसे भूल जाएं और एक नया अध्याय शुरू करें|
पटना में जद (यू) मुख्यालय में 'नीतीश सबके हैं' पोस्टर लगाया हुआ दिखा है। नीतीश कुमार के NDA छोड़ने के बाद राजद के साथ उन्होंने गठबंधन किया है।
केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता आर. के. सिंह ने कहा,'' ये हमारे राज्य का दुर्भाग्य है, 15 साल राजद की सरकार रही, वे (जदयू) पहले भी राजद के साथ गए थे फिर वापस आए, अब फिर से उनके साथ जा रहे हैं। इसमें बिहार की भलाई नहीं नहीं है। ये विकास की नहीं सत्ता की राजनीति हो रही है|
बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय जायसवाल ने कहा,''BJP ने 74 सीट जीतेने के बाद भी वादे के मुताबिक नीतीश कुमार जी को NDA गठबंधन का मुख्यमंत्री बनाया था। यह बिहार की जनता और BJP के साथ धोखा है, जनता के फैसले का उल्लंघन है। बिहार की जनता इसे बर्दाशत नहीं करेगी|
केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस ने कहा,''जो भी हुआ अच्छा नहीं हुआ। पहले भी ऐसा हो चुका है। RJD और JDU की सरकार पहले भी बनी थी लेकिन चल नहीं पाई। फिर ये लोग मिलकर सरकार बना रहे हैं। ये बिहार के विकास के लिए शुभ संकेत नहीं है। हमारी पार्टी(LJP) NDA के साथ थी और आगे भी रहेगी|
गौरतलब है कि,''बिहार में 5 साल बाद फिर से नीतीश कुमार की पार्टी JDU (जनता दल यूनाइटेड) और BJP (भारतीय जनता पार्टी) के बीच गठबंधन टूट गया है। नीतीश कुमार के आवास पर हुई JDU के सांसदों और विधायकों की मीटिंग में यह फैसला लिया गया है।
JDU की मीटिंग में नीतीश कुमार ने कहा कि भाजपा हमेशा हमें कमजोर करने की कोशिश की। भाजपा ने मुझे अपमानित किया। 2013 से लेकर अब तक भाजपा ने सिर्फ धोखा ही दिया।
नीतीश कुमार ने कहा, "दोनों सदनों के सांसद सारे विधायक और विधानपार्षद से सारी मीटिंग आज हुई। सभी की इच्छा यही थी की हमें NDA छोड़ देना चाहिए। तो जैसी सबकी इच्छा थी हमने उसी को स्वीकार कर लिया और जो में NDA की सरकार में मुख्यमंत्री था उस पद से इस्तीफा सौंप दिया|