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24 अगस्त 2026

लोकतंत्र के सामने आ रही हर चुनौती को मिलकर हराना सांसदों -विधायकों की जिम्मेदारी: प्रधानमंत्री मोदी

पटना: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पटना में बिहार विधान सभा संग्रहालय भवन और अतिथिशाला का शिलान्यास किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शताब्दी स्मृति स्तंभ का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा,''आज मुझे बिह…

लोकतंत्र के सामने आ रही हर चुनौती को मिलकर हराना सांसदों -विधायकों की जिम्मेदारी: प्रधानमंत्री मोदी
लोकतंत्र के सामने आ रही हर चुनौती को मिलकर हराना सांसदों -विधायकों की जिम्मेदारी: प्रधानमंत्री मोदी | फ़ोटो: TVL News

पटना: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पटना में बिहार विधान सभा संग्रहालय भवन और अतिथिशाला का शिलान्यास किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शताब्दी स्मृति स्तंभ का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा,''आज मुझे बिहार विधानसभा परिसर में आने वाले देश के पहले प्रधानमंत्री होने का सौभाग्य भी मिला है। मैं इस स्नेह के लिए बिहार के जन-जन को हृदय से नमन करता हूं| शताब्दी स्मृति स्तंभ बिहार के गौरवशाली अतीत का प्रतीक तो बनेगा ही साथ ही ये बिहार की कोटि-कोटि आकांक्षाओं को भी प्रेरणा देगा|



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा,'' बिहार विधानसभा का अपना एक इतिहास रहा है और यहां विधानसभा भवन में एक से एक, बड़े और साहसिक निर्णय लिए गए हैं। आज़ादी के पहले इसी विधानसभा से गवर्नर सत्येंद्र प्रसन्न सिन्हा जी ने स्वदेशी उद्योगों को प्रोत्साहित करने, स्वदेशी चरखा को अपनाने की अपील की थी| आज़ादी के बाद इसी विधानसभा में जमींदारी उन्मूलन अधिनियम पास हुआ। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए, नीतीश जी की सरकार ने बिहार पंचायती राज जैसे अधिनियम को पास किया। इस अधिनियम के जरिए बिहार पहला ऐसा राज्य बना जिसने पंचायती राज में महिलाओं को 50% आरक्षण दिया|




पीएम मोदी ने कहा,''भारत में लोकतन्त्र की अवधारणा उतनी ही प्राचीन है जितना प्राचीन ये राष्ट्र है, जितनी प्राचीन हमारी संस्कृति है| भारत लोकतन्त्र को समता और समानता का माध्यम मानता है। भारत सह अस्तित्व और सौहार्द के विचार में भरोसा करता है। हम सत् में भरोसा करते हैं, सहकार में भरोसा करते हैं, सामंजस्य में भरोसा करते हैं और समाज की संगठित शक्ति में भरोसा करते हैं|



उन्होंने कहा,'विश्व में लोकतन्त्र की जननी हमारा भारत है, भारत Mother of Democracy है। और बिहार की गौरवशाली विरासत, पाली में मौजूद ऐतिहासिक दस्तावेज़ भी इसके जीवंत प्रमाण हैं। बिहार के इस वैभव को न कोई मिटा सकता है, न छिपा सकता है| बिहार ने आज़ाद भारत को डॉक्टर राजेन्द्र प्रसाद के रूप में पहला राष्ट्रपति दिया। लोकनायक जयप्रकाश, कर्पूरी ठाकुर और बाबू जगजीवन राम जैसे नेतृत्व इस धरती पर हुए। जब देश में संविधान को कुचलने का प्रयास हुआ, तो भी उसके खिलाफ बिहार ने सबसे आगे आकर विरोध का बिगुल फूंका|



देश के सांसद के रूप में, राज्य के विधायक के रूप में हमारी ये भी ज़िम्मेदारी है कि हम लोकतंत्र के सामने आ रही हर चुनौती को मिलकर हराएं। पक्ष विपक्ष के भेद से ऊपर उठकर, देश के लिए, देशहित के लिए हमारी आवाज़ एकजुट होनी चाहिए| 



उन्होंने कहा,''दुनिया के लिए 21वीं सदी भारत की सदी है। और भारत के लिए ये सदी कर्तव्यों की सदी है। हमें इसी सदी में, अगले 25 सालों में नए भारत के स्वर्णिम लक्ष्य तक पहुँचना है। इन लक्ष्यों तक हमें हमारे कर्तव्य ही लेकर जाएंगे। इसलिए, ये 25 साल देश के लिए कर्तव्य पथ पर चलने के साल हैं| हमें अपने कर्तव्यों को अपने अधिकारों से अलग नहीं मानना चाहिए। हम अपने कर्तव्यों के लिए जितना परिश्रम करेंगे, हमारे अधिकारों को भी उतना ही बल मिलेगा। हमारी कर्तव्य निष्ठा ही हमारे अधिकारों की गारंटी है|






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यह रिपोर्ट 12 जुलाई 2022 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 9 मई 2025 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

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