पटना: बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और BJP सांसद सुशील मोदी ने महागठबंधन सरकार के नए मंत्री कार्तिकेय सिंह से जुड़े आपराधिक मामले को लेकर सीएम नीतीश कुमार पर निशाना साधा है| उन्होंने कहा," जिस कार्तिक सिंह को हत्या की नीयत से अपहरण के मामले में इसी 16 अगस्त को आत्मसमर्पण करना था, उन्हें उसी दिन कानून मंत्री बनवा कर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार में दहशत वाले लालू राज की वापसी पक्की कर दी। सुशील मोदी ने कहा,'सीएम नीतीश कुमार को अपने मंत्री कार्तिकेय सिंह को अविलंब बर्खास्त करना चाहिए|
BJP सांसद सुशील मोदी ने कहा,''राज्य के क़ानून मंत्री (कार्तिकेय सिंह) पर 2014 में अपहरण का मामला दर्ज़ है जिसको उन्होंने अपने हलफनामे में भी स्वीकार किया है उसी मामले में इनको 16 अगस्त को आत्मसमर्पण करना था लेकिन वे शपथ लेने चले गए। यह सब मुख्यमंत्री की जानकारी में था| बिहार सरकार में मंत्री RJD नेता कार्तिकेय सिंह को अदालत ने 12 अगस्त को एक आदेश में 1 सितंबर तक अंतरिम सुरक्षा प्रदान की थी।
उन्होंने कहा,"मोकामा के बाहुबली अनंत सिंह के बिजनेस पार्टनर कार्तिक कुमार सिंह को अग्रिम जमानत देने की याचिका पटना उच्च न्यायालय खारिज कर चुका है। उनके अपराध का संज्ञान (क्वाशिंग ऑफ काग्निजेंस) निरस्त करने संबंधी याचिका भी खारिज हो चुकी है। जब विधायक कार्तिक सिंह के विरुद्ध दायर आरोपपत्र पर संज्ञान लिया जा चुका है और हाई कोर्ट ने अभियुक्त को किसी प्रकार की राहत देने से इन्कार कर दिया है, तब कोई निचली अदालत उन्हें गिरफ्तारी से छूट जैसी राहत कैसे दे सकती है?
BJP सांसद मोदी ने कहा,' नीतीश कुमार ने कानून की नजर में अभियुक्त व्यक्ति को ही कानून मंत्री बनाकर संविधान और कानून का गला घोंटने की कोशिश की है। जब बाहुबलियों को मंत्री बन दिया गया है.. तब बिहार में उद्योग लगाने कौन आएगा? कि नीतीश कुमार को कानून-व्यवस्था और विकास के जिन दो मुद्दों पर जनता का समर्थन मिला था,उन दोनों मुद्दों पर उन्होंने 12 करोड़ लोगों से विश्वासघात किया। वे अब एक कमजोर, जनाधारहीन और प्रतीकात्मक मुख्यमंत्री हैं।
ऐसी कोई बात नहीं: कार्तिकेय सिंह
भाजपा द्वारा कार्तिकेय सिंह को बर्खास्त करने की मांग पर बिहार के कानून मंत्री और राजद नेता कार्तिकेय सिंह ने कहा,''हलफनामा सभी मंत्री, विधायक सब देते हैं, इसमें ऐसी कोई बात नहीं है|
कार्तिकेय सिंह के खिलाफ कोई भी सबूत नहीं मिला: मधुसूदन शर्मा
वहीँ,कार्तिकेय सिंह के वकील मधुसूदन शर्मा ने कहा,''जिस मुकदमे के बारे में कहा जा रहा है कि अपहरण के मामले में कार्तिकेय सिंह फरार चल रहे हैं, वो बिल्कुल बेबुनियाद है। उस मुकदमें के FIR में वे अभियुक्त नहीं हैं। उनके खिलाफ कोई भी सबूत नहीं मिला है, पुलिस ने उन्हे निर्दोष बताया है|