पटना: बिहार पुलिस ने चरमपंथी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) से जुड़े आतंकी मॉड्यूल का खुलासा किया है| पटना के फुलवारी शरीफ इलाके से बुधवार को दो आरोपियों को देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में अरेस्ट किया गया है| इनकी पहचान मोहम्मद जलालुद्दीन और अतहर परवेज के तौर पर की गई है| मोहम्मद जलालुद्दीन झारखंड पुलिस का रिटायर्ड दारोगा है|
SSP मनीष कुमार ने कहा कि, पिछले 15 दिनों से इलाके में अवैध गतिविधियों की जानकारी मिल रही थी। हमने स्थानीय सूत्रों के माध्यम से कंफर्म किया। कंफर्मेशन के बाद 11 जुलाई की रात में हमने बिल्डिंग में छानबीन की|
फुलवारी शरीफ के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि,'' ये SDPI और PFI की आड़ में लोगों को कट्टरपंथी बना रहे थे, मार्शल आर्ट सिखाने के बहाने हथियारों का प्रशिक्षण दे रहे थे|
पटना SSP मानवजीत सिंह ढिल्लों ने कहा कि,''हमे पता चला है कि संगठन युवाओं को मोबलाइज करती थी। ये लोग यूथ को फीजिकल एजुकेशन के नाम पर अपने एंजेडे पर उनका ब्रेनवॉस करने की कोशिश कर रहे थे। इस तरह का कोई इनपुट नहीं है कि PM के दौरे का इससे कोई संबंध था|
ढिल्लों ने कहा कि,'',जब कोई हाई प्रोफाइल दौरा होता है तो उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हमारे पास हर तरह का इनपुट आता है। इसी क्रम में हमें जानकारी मिली थी कि एक प्रशिक्षण शिविर चलाया जा रहा है। हमने जब रेड की तो हमें ऐसी चीजें मिली जिसमें भारत की संप्रभुता और अखंडता के खिलाफ टिप्पणियां थीं।
मानवजीत सिंह ढिल्लों ने कहा कि, पकड़े गए दोनों आतंकी मस्जिदों और मदरसों से युवाओं को कट्टरता की ओर लामबंद करते थे| उनका काम RSS की शाखा की तरह काम करना था| 'जिस तरह आरएसएस की शाखा में शारीरिक प्रशिक्षण दिया जाता है, वैसे ही पीएफआई में भी फीजिकल ट्रेनिंग दी जा रही थी|
एसएसपी ने कहा कि जिस तरह आरएसएस अपनी शाखा का आयोजन करते हैं जिसमें लाठी चलाने की ट्रेनिंग दी जाती है, वैसे ही पीएफआई शारीरिक प्रशिक्षण के नाम पर युवाओं को ट्रेनिंग दे रहे थे और अपने एजेंडा और प्रोपगैंडा के तहत युवाओं का ब्रेनवॉश कर रहे थे| वहीं पटना एसएसपी मानवजीत सिंह ढिल्लो ने बताया कि ये सभी भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाने की कार्ययोजना पर भी काम कर रहे थे| इनके पास से कई आपत्तिजनक दस्तावेज मिले हैं|