पटना: 10 लाख नौकरियों वाले वादों के सवाल पर बिहार के डिप्टी CM तेजस्वी यादव ने कहा कि,''यह हमारी उपलब्धि है कि हिंदू-मुसलमान, मंदिर-मस्जिद को छोड़ नौकरी,रोजगार और बेरोजगारी पर सकारात्मक विमर्श हो रहा है| मुझे खुशी है कि हमारी पहल पर नौकरी के मसले पर सोई हुई पत्रकारिता भी जाग रही है।
डिप्टी CM तेजस्वी यादव ने कहा," हमारे और आदरणीय नीतीश जी के साथ आने के बाद विगत वर्षों में प्रथम बार हिंदू-मुसलमान, मंदिर-मस्जिद को छोड़ नौकरी,रोजगार और बेरोजगारी पर सकारात्मक विमर्श हो रहा है। यह हमारी उपलब्धि नहीं है तो क्या है? मुझे खुशी है कि हमारी पहल पर नौकरी के मसले पर सोई हुई पत्रकारिता भी जाग रही है।
10 लाख नौकरियों के वादे से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा, 'वादा हम पूरा करेंगे, भाजपा वाले थोड़ी ना करेंगे| आज मुख्यमंत्री ने भी इस मामले पर बात रखी है| लेकिन इनसे भी जरा पूछो कि 2 करोड़ नौकरियों का क्या हुआ| भाजपा के लोग करीब दो साल सत्ता में रहे, 19 लाख में से 19 रोजगार भी दिया क्या?'..नौकरी भी दी क्या?
तेजस्वी यादव ने कहा कि,'' प्रधानमंत्री से पूछें कि 2 करोड़ रोज़गार का क्या हुआ, बिहार में 19 लाख रोज़गार का क्या हुआ| बिहार के लोगों को 19 लाख नौकरियां देना तो भूल ही जाइए, उन्होंने (भाजपा ने) 19 नौकरियां भी नहीं दी हैं... उन्होंने देश में लोगों को 2 करोड़ से ज्यादा नौकरियां देने का वादा किया था। उन्होंने अब तक करीब 8 लाख नौकरियां भी नहीं दी हैं|
2020 चुनाव में RJD ने 10 लाख नौकरियां , BJP ने 19 लाख नौकरियां देने का वादा किया था
बता दें, साल 2020 में विधानसभा चुनाव के दौरान राजद ने वादा किया था कि अगर उनकी बिहार में सरकार बनती है तो 10 लाख सरकारी नौकरियां दी जाएंगी| भारतीय जनता पार्टी ने राजद के 10 लाख नौकरी के जवाब में 19 लाख रोजगार देने का वादा किया था। इसमें सबसे बड़ा वादा शिक्षकों की नौकरी का था। भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में वादा किया था कि आने वाले एक (साल 2020-21) में 3 लाख टीचरों की नियुक्ति करेगी|