पटना: भाजपा द्वारा जदयू के विधायक तोड़ने के आरोपों पर बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा,'कहा जा रहा है कि JDU को तोड़ने की कोशिश की जा रही है। शिवसेना का उदाहरण दिया जा रहा है। शिवसेना हमारा सहयोगी दल थोड़ी था, वो वहां सत्ताधारी दल था। हमने सहयोगी दल रहते हुए किसी पार्टी को नहीं तोड़ा। आपको हम तोड़ भी देते तो सरकार कैसे बनती|
भाजपा के राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने कहा, भाजपा ने आज तक किसी को धोखा नहीं दिया है। हमने नीतीश को एक बार नहीं पांच बार बिहार का मुख्यमंत्री बनाया। 17 साल का हमारा संबंध था, लेकिन आपने दोनों बार एक झटके में तोड़ दिया|
सुशील कुमार मोदी ने कहा,सफेद झूठ कि आर.सी.पी. सिंह को बिना पूछे केंद्र में मंत्री बना दिया गया। अगर बिना पूछे मंत्री बना दिया गया तो 1.5 साल तक वे मंत्री कैसे बने रहे, आप (नीतीश) इतने ताकतवर थे कि एक दिन में उनको हटवा सकते थे|
दरअसल, 'जदयू नेता नीतीश कुमार के आवास पर 09 अगस्त, 2022 को बैठक हुई थी| JDU की मीटिंग में नीतीश कुमार ने कहा था कि भाजपा हमेशा हमें कमजोर करने की कोशिश की। भाजपा ने मुझे अपमानित किया। 2013 से लेकर अब तक भाजपा ने सिर्फ धोखा ही दिया। JDU की मीटिंग में नीतीश ने अपने विधायकों- सांसदों को रिकार्डिंग भी सुनाई| खबरों के मुताबिक,ऑडियो रिकार्डिंग (5-6 रिकार्डिंग ) चलाया गया था, मोदी सरकार के मंत्री फोन कर विधायकों को करोड़ों रुपये की लालच दे रहे थे और जदयू तोड़ने की कोशिश कर रहे थे|
JDU के मुताबिक, केंद्र के मंत्री विधायकों को करोड़ों रुपये की पेशगी दे रहे थे और जदयू तोड़ने की बात कर रहे थे। नीतीश ने कहा कि अपनी पार्टी को बचाने के लिए वे इस गठबंधन को समाप्त कर रहे हैं। मीटिंग के बाद नीतीश कुमार ने कहा था, "सभी सांसद और विधायक इस बात पर सहमत हुए कि हमें NDA छोड़ देना चाहिए। इसके तुरंत बाद मैंने बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।"
नीतीश कुमार ने कहा, "दोनों सदनों के सांसद सारे विधायक और विधानपार्षद से सारी मीटिंग आज हुई। सभी की इच्छा यही थी की हमें NDA छोड़ देना चाहिए। तो जैसी सबकी इच्छा थी हमने उसी को स्वीकार कर लिया और जो में NDA की सरकार में मुख्यमंत्री था उस पद से इस्तीफा सौंप दिया|