कुंभ में कुल भगदड़ संगम के खंभा क्रमांक 11 से खंभा क्रमांक 17 तक जो कुल 200 मीटर लंबा है, तक हुआ है।
कुछ लोग जिनको पुलिस बार बार कह रही थी कि किनारे पर सोएं नहीं, वह फिर भी अपने जिद पर लेटे रहे और बाद में कुछ लोगों ने बैरिकेड तोड़ना शुरू कर दिया।
पुलिस ने जब मना किया तो उन्होंने पुलिस पर आरोप लगाना शुरू किया। इतने जनदबाव में जहाँ पुलिस और लोगों का अंतर सैकड़ों गुना है, वहाँ अंततः पुलिस को सौ पचास लोगों में धक्का देना शुरू किया
और जब बैरिकेड तोड़ दिया तो पीछे के दबाव के कारण आगे वाले लोगों पर गिरे जिससे कुछ लोग घायल हुए और बुजुर्ग लोग काल कवलित हुए।
यह घटना कुल दो मिनट तक अपने चरम पर रही जबकि अगले चार मिनट फिर से सामान्य हो गई। जितना दुनिया के बड़े बड़े देशों की आबादी नहीं है।
उतने लोग एक शहर के एक कोने में पहुंच गए हैं अतः नागरिक अनुशासन के बिना आप कुछ भी नहीं कर सकते।
पुलिस एक लाठी चला दे तो हज़ार लोग भगदड़ में मारे जायेंगे अतः किसी भी घटना को केवल निवेदन के आधार पर ही कराया जा रहा है और यहीं एक मात्र संभव रास्ता है।
फिलहाल संगम का वह एरिया भी खोल दिया गया है। सारे रास्ते भी खुले हैं। लोग लगातार चल रहे हैं। घायलों का इलाज भी चल रहा है।
इस समय मेला पूरी तरह से नियंत्रण में है। यह कहना अनुचित है कि पूरा हिंदू समाज अनुशासनहीन है, करोड़ों लोगों में कुछ सौ लोगों में कुछ गड़बड़ किया है, उसका आरोप पूरे समाज पर नहीं लगाना चाहिए।
यह मेला फ़िलहाल न योगी जी करा रहे हैं, न मोदी जी, न पुलिस, न अधिकारी। यह फ़िलहाल ईश्वर करा रहे हैं।
इस हादसे पर डीआईजी कुंभ और मेला अधिकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं. डीआईजी ने कहा, आज महाकुंभ प्रयागराज में भारी भीड़ का दबाव बना.
इस वजह से बैरिकेड्स टूट गए. इसके बाद भीड़ ने लोगों को कुचलना शुरू कर दिया. कुल 90 लोगों को अस्पताल ले जाया गया. इसमें 30 लोगों की मौत हो गई।
डीआईजी मेला वैभव कृष्ण ने बताया, महाकुंभ में रात 1-2 बजे के बीच भगदड़ हुई थी. इसमें 90 लोग घायल हुए थे, जिनमें 30 की मौत हो गई है.
मृतकों में 25 की पहचान कर ली गई है. इसमें चार लोग कर्नाटक के और एक श्रद्धालु गुजरात का रहने वाला था.अन्य 5 की पहचान की जा रही है.
डीआईजी ने साथ ही ये भी बताया कि वहां कोई वीआईपी प्रोटोकॉल नहीं था. हादसे में घायल हुए लोगों की जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर (1920) जारी किया गया है।डीआईजी मेला वैभव कृष्ण ने बताया, महाकुंभ में रात 1-2 बजे के बीच भगदड़ हुई थी. इसमें 90 लोग घायल हुए थे, जिनमें 30 की मौत हो गई है.