2019 में बनी भोजपुरी फिल्म गुंडा के निर्माता सिकंदर खान पर फिल्म के अभिनेता विनोद यादव ने धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था। जिसका केस बरेली कोर्ट में पिछले 2 साल से चल रहा था। अब इस केस में नया मोड़ आ गया है जी हां इस केस में कोर्ट का फैसला आ गया हैं। जोकि अभिनेता विनोद यादव के हक में आया हैं। विनोद यादव की याचिका पर सुनवाई कर हुए कोर्ट ने अभिनेता के किये हुए दावे को सही करार देते हुए निर्माता सिकंदर खान पर घोखाधड़ी से पैसे लेने के आरोप को सही ठहराया है, जिसके लिए कोर्ट ने थाना बारादरी के थानाध्यक्ष को निर्देश दिया हैं कि इस प्रकरण की पूरी तरह से जांच पुनः की जाए। विवेचना के दौरान पुनः अभिलेखागार में तलब किया जाएगा।
बता दे कि आर्थिक स्थिति खराब बताकर मुंबई के फिल्म निर्माता ने फिल्म के हीरो को झांसे में लेकर भोजपुरी फ़िल्म गुंडा बनाने के लिए 50 लाख रुपये उधार लिये। फिल्म हिट होने पर निर्माता ने पैसे देने से इनकार कर दिया। विरोध करने पर घर में घुसकर मारपीट की। कोर्ट के आदेश पर तीन के खिलाफ बारादरी पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। संजयनगर के रहने वाले फिल्म के हीरो विनोद कुमार यादव के मुताबिक उन्हें अभिनय कला में रुचि है। उनके परिचित महबूब सुकरुल्ला शेख उर्फ सिकंदर खान मुंबई में रहते है, जो फिल्म का निर्माण व निर्देशन करते है।
सिकंदर खान ने आर्थिक स्थिति खराब बताकर भोजपुरी गुण्डा फिल्म बनाने के लिये 50 लाख रुपये उधार मांगे। झांसे में लेते हुये कहा कि वह विनोद को हीरो के किरदार की भूमिका देगा। फिल्म से जो कमाई होगी उससे पैसा लौटा देगा, साथ ही मुनाफे में आधा हिस्सा भी देगा। लालच में आया विनोद पैसे देने को तैयार हो गया। सिकंदर खान ने फिल्म का बजट लगभग 83 लाख रुपये बनाया। 2019 में विनोद ने पैसे उधार दे दिये। भोजपुरी फिल्म गुण्डा पूरे भारत में रिलीज हुई।
शहर के पीलीभीत रोड स्थित मॉल में भी डेढ़ माह तक लोगों द्वारा देखी गई। फिल्म ने पूरे भारत में अच्छी कमाई की। विनोद ने अपना पैसा व मुनाफा मांगा तो वह टहलाने लगा। 13 नवंबर 2019 को आरोपी के खिलाफ एक नोटिस जारी किया। जबाव में आरोपी ने रुपया प्राप्त करना स्वीकार किया, लेकिन पैसे देने से साफ इनकार कर दिया।