रायबरेली: रायबरेली जिला के लालगंज थाने में रविवार रात एक 19 वर्षीय दलित लड़के की पुलिस हिरासत में मौत हो गई। लड़के की मौत के बाद स्थानीय लोगों और मृतक के परिजनों ने पुलिस पर अत्याचार का आरोप लगाते हुए सड़क जाम कर पुलिस के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। वहीं रायबरेली पुलिस ने थर्ड डिग्री टॉर्चर देने की बात से इनकार किया है| परिवार की ओर से विरोध-प्रदर्शन किए जाने और प्रताड़ना का आरोप लगाए जाने के बाद स्थानीय पुलिस थाने के प्रभारी को रविवार को निलंबित कर दिया गया था|
रायबरेली के ASP नित्यानंद राय का कहना है कि,''थाना लालगंज में चोरी किए गए 10 मोटरसाइकिल और इस मामले में 5 अभियुक्त प्रकाश में आए थे। एक अभियुक्त मोनू की तबियत खराब होने के चलते उसे अस्पताल भर्ती करवाया गया था। लक्षण निमोनिया के थे, शरीर पर कोई चोट नहीं थी। रात को उसकी मौत हो गई|
ASP नित्यानंद राय ने कहा कि,''मृतक के परिवार ने मामले में एक तहरीर दर्ज करवाई है। जिलाधिकारी ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। मुजरिमों को अवैध तरीके से थाने में रोकने के क्रम में थाना प्रभारी को निलंबित किया गया है। जांच के आधार पर परिणाम आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी
समाजवादी पार्टी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया,'' रायबरेली के लालगंज थाने में पुलिस हिरासत के दौरान थर्ड डिग्री टॉर्चर के बाद दलित युवक मोहित की मृत्यु अत्यंत दुखद! '3 दिनों तक थाने में बंद कर टॉर्चर किया गया जिसकी वजह से युवक की मौत हो गई।' आरोपी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई कर हो न्याय। 10 लाख ₹ मुआवज़ा दे सरकार ।