● जनपद में 22 जुलाई तक मनाया जायेगा भूजल सप्ताह: डीएम
● मुख्य विचार बिन्दु- वर्षा जल है जीवन-धारा, इसका संचयन संकल्प हमारा: डीएम
● जल की प्रत्येक बूंद अनमोल है जल संचयन एवं संरक्षण कीजिए:DM
रायबरेली: जिलाधिकारी शुभ्रा सक्सेना ने जनपद में भूजल जागरूकता को एक अभियान का रूप के देने के उद्देश्य से भूजल सप्ताह का आयोजन कराये जाने के लिए मुख्य विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक, उपश्रमायुक्त मनरेगा, जिला कृषि अधिकारी, उप कृषि निदेशक, प्रभागीय वनाधिकारी, अधिशासी अभियंता नलकूप, अभियन्ता लघु सिंचाई, जल निगम, लोक निर्माण, सिचाई, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, भूमि संरक्षण अधिकारी, जिला युवा कल्याण अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला कार्यक्रम अअिधकारी, नेहरू युवा अधिकारी, समस्त उपजिलाधिकारी व समस्त खण्ड विकास अधिकारी आदि को निर्देश दिये है कि जनपद में 16 से 22 जुलाई के मध्य भूजल सप्ताह मनाया जा रहा है। जिसमें कोविड-19 के जारी दिशा निर्देशों के दृष्टिगत रखते हुए आयोजन का सफल व सुरक्षित मनाया जाये। भू-जल सप्ताह में समस्त तहसील समस्त विकास खण्ड शिक्षण संस्थाओं, आगनबाड़ी केन्द्रों व जनपद स्तर पर समस्त सामान्यजन गैर सरकारी संगठनों व सरकारी संगठनों के सक्रिय सहयोग से सोशल डिस्टेसिंग का पालन व मास्क का प्रयोग करते हुए भू-जल सप्ताह को मनाया जाये।
उन्होंने कहा कि भू-जल के महत्व और उस पर आसन्न संकट को देखते हुए इसके संरक्षण, प्रबन्धन, विवेकायुक्त उपयोग एवं विकास तथा विनियमित दोहन के प्रति जागरूकता संरक्षण करने के उद्देश्य से भूजल सप्ताह मनाये। इस वर्ष का मुख्य विचार बिन्दु वर्ष जल है जीवन धारा इसका संचयन संकल्प हमारा। जल ही जीवन है इसका दुरूपयोग न करें। अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका/नगर पंचायत, बीडीओं, पोस्टर होर्डिग्स बैनर्स आदि मनोरंजन अधिकारी फिल्म/वृत्त चित्र स्लाइड-शो, आकाशवाणी, रेडियो कार्यक्रम आदि पर भूजल संरक्षण का संदेश प्रसारित कराये। ग्राम प्रधान द्वारा प्रत्येक ग्राम सभाओं में एक तालाब का निर्माण व शिलान्यास ब्लाक प्रमुख व विधायक द्वारा कराया जाये।
जिलाधिकारी शुभ्रा सक्सेना ने कहा कि विगत दो-तीन दशको से भूगर्भ जल स्त्रोतो का अत्यधिक दोहन किये जाने के कारण भूजल स्तर में चिन्ताजनक गिरावट आयी है। भूजल के महत्व और उस पर आने वाले संकट को देखते हुए इसके संरक्षण, प्रबन्धन, विवेकपूर्ण उपयोग, विकास तथा विनियमित दोहन के प्रति जागरूकता सृजित करने के उद्देश्य से प्रदेश व जनपद में भूजल सप्ताह मनाया जा रहा है। भूजल सप्ताह के आयोजन में उपरोक्त विभागों की सुचित भागीदारी के साथ साथ तकनीकी सहयोग प्रदान किया जाये तथा इस अवधि में भूजल के महत्व का आमजन का ध्यान आकृष्ट करने हेतु भूजल का महत्व, नियोजित विकास, संरक्षण एवं विवेकपूर्ण उपयोग के प्रति प्रचार प्रसार किया जाये।
जिलाधिकारी शुभ्रा सक्सेना के निर्देश पर बचत भवन के सभागार में भूजल सप्ताह के सफल आयोजन एक बैठक आयोजित की गई जिसमें सहायक अभियन्ता लघु सिंचाई बिजेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि बेहिसाब दोहन की देन है जल संकअ देश में कुल वर्षा 4000 अरब मी3 17 प्रतिशत उपयोग में 700 अरब मी3 , वाष्पीकरण 2131 अरब मी3 दरस्थ क्षेत्रों में गिरने से अनुपयोगी 746 नदियो के जरिए बह जाता है 690 रिसकर भू गर्भीय जलाशय में 433 वाष्पीकरण द्वारा हो रहे 2131 अरब मी3 पानी को बचाने के लिए हमे रिचार्ज बनाने की आवश्यकता है। वर्षा जल को विवेकपूर्ण तरीके से भू-गर्भीय जलाशायों में डाला जा सकता है।
उन्होंने जल सरंक्षण के सफल उपाये बताते हुए कहा कि जल एक सिमित संसाधन है जिसको न तो प्रतिस्थापना/प्रतिलिपि की जा सकती है और न ही उसका कोई व्यवसायिक उत्पादन किया जा सकता है पृथ्वी पर केवल 2.7 प्रतिशत स्वच्छ पानी है हमे स्वच्छ एवं शुद्ध पेयजल की महत्व को समझना और संरक्षित करना है। जल संरक्षण के लाभ बताते हुए कहा कि भूजल की निकासी पर नियंत्रण आवश्यकता को कम करता है। जल के सदुपयोग से पानी तथा सीवर की लागत को कम किया जा सकता है।
घर में जल संरक्षण के उपाय घर से बाहर जल संरक्षण के उपाय, सार्वजनिक संस्थनों पर जल संरक्षण के उपाय, कृषि भूमि में, उद्योगों में जल संरक्षण के उपायों के बारे में उद्यान अधिकारी, वन विभाग के अधिकारी, जल निगम के अधिकारी द्वारा विस्तार से जानकारी दी गई। वर्षा जल बचाये भूजल सम्वर्धन में जुटे। जल की प्रत्येक बूदें अनमोल है जल संचयन एवं संरक्षण करना जरूरी है। सरेनी विकास खण्ड के कोडरा ग्राम पंचायत महराजपुर मजरे में रूप टाप रेनवाटर हावेर्टिंग प्रोजेक्ट लगाया जा चुका है जिसकी कीमत 2 लाख रूपये है। इस प्रोजेक्ट के बारे में लघु सिचाई के सहायक अभियन्ता ने जहां विचार से जानकारी दी वहां कोविड-19 कोरोना वायरस की दृष्टिगत भूजल सप्ताह का सफल आयोजन कैसे किया जाये इस सम्बन्ध में भी विस्तृत जानकारी दी गई।
रिपोर्ट- अभिषेक बाजपेयी