सहारनपुर: Vikas massacre: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जनपद में बड़गांव थाना क्षेत्र के गांव सुभरी निवासी विकास की हत्या करने वाला 1 हत्यारोपी को आज यानी रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया है। बता दें कि बीते मंगलवार (7 जून 2022 को) गांव सूभरी में जमीन के विवाद में हुए खूनी संघर्ष में विकास पुत्र बाबूराम की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक के पिता ने अपने ही बड़े भाई रामपाल सिंह व उसके दो बेटे राहुल व मनीष को नामजद कर तीनों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
पुलिस के मुताबिक, विकास हत्याकांड में नामित किये गये अभियुक्तों (रामपाल सिंह और उसके दो बेटों राहुल व मनीष) की नामजदगी विवेचना में किये गये साक्ष्य संकलन से गलत पायी गई| अभियुक्त अभिजीत पुत्र धीर सिंह का नाम प्रकाश में आने पर बडगाँव पुलिस ने प्रकाश में आये अभियुक्त अभिजीत को ग्राम सुभरी में स्थित ट्यूबवैल से गिरफ्तार कर लिया है| अभियुक्त के कब्जे से घटना में प्रयुक्त किया गया 1 देशी तमंचा (आला कत्ल) बरामद हुई है।
गिरफ्तार गांव सुभरी निवासी अभियुक्त अभिजीत ने बताया कि मेरे बाबा मोहर सिंह के तीन भाई है। जिसमे सबसे बड़े बाबुराम और छोटे रामपाल है। मेरे बाबा की चाची मूर्ति देवी जिनके कोई भी लडका नही था, केवल एक लडकी थी। उसकी शादी उन्होने कर दी थी। मेरे बाबा की चाची मूर्ति देवी के पास 23 बिघा जमीन थी। जो उन्होने मेरे बाबा के भाई रामपाल के लडके राहुल और मनीष के नाम करीब 06-07 महीने पहले बैनामा कर दिया था।
विकास पुत्र बाबूराम इसी बात को लेकर मेरे बाबा के भाई रामपाल व उनके लडके राहुल और मनीष से नाराज चल रहा था। और हर हालत मे अपने हिस्से की जमीन हर हाल मे लेना चाहता था। इसी कारण विकास ने 03 माह पूर्व मनीष पर गोली चला दी थी। गोली उसके सिर को छूते हुए निकल गयी थी। तभी से वह छुपा-छुपा भागा हुआ घूम रहा था।
दिनाँक 06.06.22 को मै किराये की गाडी लेकर गाँव फहीमपुर खुर्द थाना खतौली जिला मुजफ्फरनगर मे नीरज पत्र शौसिंह से उधार दिये पैसे लेने गया था। वही पर मेरे दोस्त बिट्ट पुत्र श्रीपाल और सैन्की पुत्र राजकुमार नि0गण फहीमपुर खुर्द मुजफ्फरनगर मिल गये। मै उनके साथ बडगाँव आया। बडगाव से हम लोगो ने राकेश के ढाबे से खाना व ठेके से शराब ली और अपनी ट्यूबवैल के लिए चल दिये।
रास्ते मे मैने अपने चाचा विकास को फोन करके बताया कि मै वापस आ गया हूँ। मै शराब लेकर ट्यूबवैल पर आ रहा हूँ, आप भी वही आ जाओ। हम लोगो ने शाम को शारब पी और वही सो गयो | मेरा चाचा विकास रात मे 12.00 बजे अपने घर आ गया था। मै, बिट्ट और सैन्की वही ट्यूबवैल पर सो गये थे। सुबह होने पर चाचा विकास फिर ट्यूबवैल पर हमारे पास आ गये। फिर मै और बिट्ट बडगाँव से शराब व समोसे खाने के लिए लेकर गयो ,हमने दिन मे शराब पी जब हमे नशा हो गया। मेरा चाचा विकास बोला आज रामपाल व रामपाल के लडको से जमीन का हिसाब करेंगे। और हम दोनो बिट्ट व सैन्की से यह कहकर कि 10-15 मिनट मे आ रहे है, तुम यही रहना कहकर दिन में करीब 03.15 बजे बाबा रामपाल के घर पहुँच गये।
बाबा रामपाल घर पर अकेले कमरे मे लेटे हए थे। तभी विकास ने जाकर उनसे जमीन के बारे कहा सुनी शुरू कर दी तो बाबा रामपाल ने कहा कि जमीन चाची ने मेरे लडको के नाम कर दी है। तुम वही जाओ और उन्ही से जाकर कहो यदि वो तम्हे जमीन देने के लिये तैयार हो जाये तो मै तुम्हारे हिस्से की जमीन तुम्हे दे दूँगा। इसी बीच विकास, रामपाल बाबा से हाथापाई करने लगा तो मै किसी तरह से छुटाकर उसको गेट तक लाया। और गेट से पुनः वह छूटकर कमरे में चला गया।
और जाते जाते उसने रामपाल बाबा का गला दबा लिया। और मैने उन्हें किसी तरह छुड़ाया और गेट तक लाया लेकिन वह छुटकर पुनः कमरे मे जाने लगा तो मुझे आभाष हो गया कि आज विकास रामपाल बाबा को मार देगा। और इसके साथ मै भी फस जाऊगा। तो मैने अपने पास लिए 315 बोर के तमंचे से नशे की हालत मे उसके सिर मे पीछे से गोली मार दी। जिससे वह वही दरवाजे मे गिर गया। और मै भाग कर घर से निकल आया। और तमंचा कारतूस वही ट्यूबवैल के पास छिपाकर रख दियो और इधर उधर ईखो मे घूमने के बाद शाम को गाँव चिराऊ मे सौरभ पुत्र जोगेन्द्?? के घर पर सोया और सुबह वहाँ से बिरालसी चला गया था वहाँ से फिर शामली चला गया था। मेरे पास पैसे नहीं थे तो मै पैसे की व्यवस्था करने के लिए गाँव मे आया था।
हत्या प्रकरण को पांच दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस अभी तक हत्यारों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। पुलिस की कार्यप्रणाली से क्षुब्ध मृतक की मां कृष्णा व पत्नी रीना ने शनिवार को अन्य महिलाओं के साथ थाना पहुंच थानाध्यक्ष का घेराव किया। पीड़ित महिलाओं ने पुलिस पर आरोप लगाया कि समय रहते पुलिस इस मामले में कार्रवाई करती तो विकास की जान नहीं जाती।
गौरतलब है कि, मंगलवार को गांव सुभरी में 23 बीघा जमीन के विवाद के चलते विकास पुत्र बाबूराम अपने ताऊ के बेटों से बात करने गया था। जहां अभिजीत पुत्र धीर सिंह ने उसकी गोली मार कर हत्या कर दी थी। मृतक के पिता ने अपने ही बड़े भाई रामपाल सिंह व उसके दो बेटे राहुल व मनीष को नामजद कर तीनों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।