सीतापुर: समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम को शनिवार को सीतापुर जेल से रिहा कर दिया गया| अब्दुल्ला के परिवार के लोग उनको लेने जिला कारागार पहुंचे थे| बता दें, अब्दुल्ला आजम को सभी मामलों में जमानत मिल चुकी है| वह बीते 2 साल से सीतापुर जेल में बंद थे|वहीँ, आजम खान 2020 से सीतापुर जेल में बंद हैं और उनके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं।
जेल से रिहा होने के बाद अब्दुल्ला आजम ने कहा,''"मैं चाहता हूं कि अदालतें न्याय दें," | जेल से रिहा होने के बाद सपा नेता आज़म खान के पुत्र अब्दुल्लाह आज़म ने कहा,''मैं चुनाव लडूंगा भी और जीतूंगा भी| खान ने कहा कि,''आज़म खान 9 बार विधायक रहें वे ऐसे मुक़दमें में जेल में बंद है जिसमें 8 लोगों को अग्रिम ज़मानत मिल गई है। इसबार अखिलेश जी 200% मुख्यमंत्री बनेंगे|
अब्दुल्लाह आजम खान ने मीडिया से मुखातिब होते हुए विधानसभा चुनाव लड़ने की घोषणा की| उन्होंने कहा कि वह विधानसभा चुनाव लड़ेंगे और जीतेंगे भी| पिछले 2 साल के घटनाक्रम पर कहा कि एक निर्दोष आदमी को जेल में रखा गया है, वह भी ऐसे मुकदमे में जिसमें 8 लोग पहले ही एंटीसिपेटरी बेल पा चुके हैं| उम्मीद है कि न्यायालय इंसाफ करेगा और जल्द ही पिता आजम खान भी जेल के बाहर होंगे|
भाजपा पर निशाना साधते हुए अब्दुल्लाह आजम खान ने कहा कि इस सरकार ने पिछड़े वर्ग, अल्पसंख्यकों एवं दलितों पर गलत मुकदमे लगाकर उन्हें जेल भेजने का काम किया है| 10 मार्च को जब परिणाम आएगा तो सूबे में सपा की सरकार बनेगी और अखिलेश यादव मुख्यमंत्री बनेंगे| अखिलेश के लिए आजम खान के संदेश के सवाल पर उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए आजम खान ने दुआएं भेजी हैं|
गौरतलब है कि आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम की उम्र को लेकर विवाद हो गया था| उनके दो जन्म प्रमाण पत्र जारी कराए गए थे| इनमें से एक रामपुर और एक लखनऊ का था| अब्दुल्ला आजम खान की उम्र के विवाद के कारण हाईकोर्ट ने उनकी विधायकी को रद्द कर दिया था| इससे उनका निर्वाचन शून्य हो गया था|
इसके बाद अब्दुल्ला के खिलाफ मुकदमे दर्ज होने का दौर चला गया था| अचानक मामले निकल रहे थे और मुकदमे दर्ज होते रहे| उनके खिलाफ विभिन्न थानों में 45 मुकदमे दर्ज किए गए थे, लेकिन कुछ मुकदमे झूठे पाए जाने के कारण रद्द कर दिए गए थे| अब बाकी सभी मुकदमों में उन्हें जमानत मिल गई है|
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और मुलायम परिवार के करीबी आजम खान रामपुर शहर विधानसभा सीट से 9 बार चुनाव जीत चुके हैं| उनकी पत्नी डॉ. तंजीन फातिमा रामपुर शहर से विधायक हैं| 2017 विधानसभा के चुनाव में अब्दुल्ला आजम को स्वार विधानसभा से जीत हासिल हुई थी, लेकिन उम्र के विवाद के चलते उनकी विधायकी नहीं रही| अब 2022 के चुनाव में अब्दुल्ला आजम के बाहर आने से रामपुर का राजनीतिक माहौल एक बार फिर गर्म हो जाएगा|
आजम खान के खिलाफ 102 मुकदमे दर्ज हैं| इनमें से नौ मुकदमे शासन ने वापस ले लिए थे| अन्य अभी अलग-अलग स्थिति में लंबित हैं| आजम, उनकी पत्नी विधायक तंजीन फातिमा और बेटे अब्दुल्ला आजम के खिलाफ सबसे अधिक मुकदमे 2019 में दर्ज किए गए थे|
आज़म खां ने 26 फरवरी 2020 को पत्नी तंजीन फातिमा और बेटे अब्दुल्ला आजम के साथ रामपुर के एमपी-एमएलए कोर्ट में सरेंडर कर दिया था| जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया था| करीब 10 महीने बाद 34 मामलों में जमानत मिलने के बाद तंजीन फातिमा दिसंबर 2020 में रिहा हो सकी|