शिवगंगा: 2018 में कचनाथम (तमिलनाडु) में तीन दलित लोगों की हत्या के मामले में शिवगंगा के अदालत ने 27 लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। 28 मई, 2018 को, अनुसूचित जाति समुदाय के तीन लोगों - के अरुमुगम, ए षणमुगनाथन और वी चंद्रशेखरन - की कचनाथम गांव में एक मंदिर उत्सव के विवाद में हत्या कर दी गई थी। हमले में कई दलित घायल हो गए थे|
तमिलनाडु के शिवगंगा के अदालत ने एक अगस्त को मामले में 27 आरोपियों को दोषी ठहराया था| अदालत ने शुक्रवार को कचनाथम में तीन दलितों की हत्या के सभी 27 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
इस मामले में चार किशोरों सहित एक प्रभावशाली समुदाय के कुल 33 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया गया था और मुकदमे के दौरान एक की मौत हो गई थी। दोषियों को दी जाने वाली सजा पर विशेष अदालत के न्यायाधीश ने तीन अगस्त को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए दोषियों और पीडि़तों के परिजनों को सुना था।
बता दें कि, 26 मई, 2018 को दलित युवकों द्वारा शिवगंगा के कचथानम गांव में करुपन्नास्वामी मंदिर उत्सव के दौरान उच्च जाति समुदाय के एक 19 वर्षीय युवक को सम्मान नहीं देने के बाद कचनथानम की घटना हुई। युवक सुमन ने अपने भाई अरुण और समुदाय के अन्य सदस्यों के साथ 28 मई को दलित बस्तियों पर हमला किया और के. अरुमुगम ,ए. षणमुगनाथन और चंद्रशेखर की हत्या कर दी थी।