नई दिल्ली: टोक्यो ओलंपिक में भारत को एथलेटिक्स में गोल्ड दिलाने वाले नीरज चोपड़ा ने ट्विटर पर एक वीडियो जारी कर अपनी नाराजगी जाहिर की है। नीरज चोपड़ा ने गुरुवार को कहा कि मेरी आप सभी से विनती है की मेरे कमेंट्स को अपने गंदे एजेंडा को आगे बढ़ाने का माध्यम न बनाए। स्पोर्ट्स हम सबको एकजूट होकर साथ रहना सिखाता है और कमेंट करने से पहले खेल के रूल्स जानना जरूरी होता है।
नीरज चोपड़ा की नाराजगी उस बात को लेकर है जिसमें उनकी बात पर लोगों ने पाकिस्तानी भाला फेंक एथलीट अरशद नदीम को बुरा-भला कहना शुरू कर दिया। उन्होंने ट्वीट में लिखा है कि मेरी आप सभी से विनती है कि मेरे कमेंट को अपने गंदे एजेंडा को आगे बढ़ाने का माध्यम न बनाए| स्पोर्ट्स हम सबको एकजुट होकर साथ रहना सिखाता हैं और कमेंट करने से पहले खेल के रूल्स जानना जरूरी होता है
वीडियो जारी कर नीरज चोपड़ा ने कि आप सभी का धन्यवाद करता हूं, आप सभी ने इतना प्यार दिया| एक इंटव्यू में मैंने कहा कि जैवलिन पहली थ्रो करने से पहले मैंने पाकिस्तानी खिलाड़ी अरशद नदीम से जैवलिन ली| कुछ लोगों ने उसका बड़ा मुद्दा बना दिया है जो कि बड़ी सिंपल सी बात है, जो भी पर्सनल जैवलिन रखते हैं तो उसे सभी यूज कर सकते हैं| ये नियम है.... इसमें कुछ गलत नहीं है, ये कोई बड़ी बात नहीं| इस बात को मेरा सहारा लेकर मुद्दे बना रहे हैं, मैं सभी से प्रार्थना करता हूं कि ऐसा न करें| स्पोर्ट्स सभी को मिलकर चलना सिखाता है| हम सभी खिलाड़ी प्यार से रहते हैं... कोई भी ऐसी बात न कहें जिससे हमको ठेस पहुंचे|
दरअसल,''एक इंटरव्यू में नीरज ने बताया था कि फाइनल से पहले मैं अपने जेवलिन की खोज कर रहा था, लेकिन मुझे यह नहीं मिला, अचानक मैंने देखा कि अरशद नदीम मेरी ओर मेरा भाला लेकर आ रहे हैं, तब मैंने उनसे कहा, भाई यह भाला मुझे दे दो क्योंकि यह मेरा जेवलिन है, मुझे इसी के साथ थ्रो करना है, तब अरशद ने मुझे मेरा भाला वापस किया। इसलिए आपने देखा होगा कि मैंने अपना पहला थ्रो जल्दबाजी में किया।
नीरज चोपड़ा ने आगे था कहा, 'अरशद नदीम ने क्वालीफाइंग दौर के अलावा वास्तव में फाइनल में भी अच्छा प्रदर्शन किया। मुझे लगता है कि यह पाकिस्तान के लिए अच्छा संकेत है, वे जेवलिन थ्रो में और अधिक रुचि दिखाएं।