टोंक:राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023: कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा,"मेरा फोकस सिर्फ इस पर है कि कैसे हम कांग्रेस सरकार को फिर से सत्ता में लेकर आएं। सचिन पायलट ने कहा,''इससे पहले भी CM अशोक गहलोत ने मेरे बारे में 'नकारा', 'निकम्मा' जैसी कई बातें कही थीं। मैं उनके बयानों को अन्यथा नहीं लेता क्योंकि वह अनुभवी, वरिष्ठ और पिता तुल्य हैं|
मोदी सरकर पर हमला बोलते हुए सचिन पायलट ने कहा,'देश के नौजवानों के भविष्य को अंधकार मे धकेलने वाली केंद्र सरकार की युवा विरोधी अग्निपथ योजना को वापस लेने की मांग को लेकर आज टोंक मे आयोजित सत्याग्रह मे शामिल होकर युवाओं की आवाज बुलंद की। भाजपा की इस अनीति के खिलाफ युवाओं के साथ खड़ी है कांग्रेस|
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा,;;अहंकार में चूर केंद्र सरकार ने बिना किसी से चर्चा किए और सोचे–समझे देश के नौजवानों पर अग्निपथ योजना थोपकर युवाओं और सेना का मनोबल तोड़ने का कार्य किया है। यह योजना युवाओं व राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ बहुत बड़ा विश्वासघात है, इसे तुरंत प्रभाव से रद्द किया जाए।
सचिन पायलट नहीं चूकते तो राजस्थान में भी मध्यप्रदेश की तरह BJP की सरकार होती: BJP
बता दें कि,''21 जून को भी केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा था,''2020 में पायलट नहीं चूकते तो राजस्थान में भी मध्यप्रदेश की तरह BJP की सरकार होती"
सचिन पायलट व ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट(ERCP) को लेकर गजेंद्र सिंह शेखावत के बयान पर राजस्थान CM अशोक गहलोत ने जून 25 को कहा था,''''गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि अगर सचिन पायलट कामयाब हो जाते तो पानी पहुंच जाता। ये 13 ज़िलों के पानी का मामला है, ये 13 ज़िलों वाले इन्हें अबकी बार साफ कर देंगे। इतना आक्रोश है वहां पर|
दो गलतियां गजेंद्र सिंह शेखावत जी ने की है, एक तो उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने वादा नहीं किया जनता से, एक शब्द नहीं बोला ERCP के बारे में, मैं खुद मौजूद था अजमेर में, अगर ये सिद्ध हो जाए तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा, तो प्रदेश की जनता इंतजार कर रही है कि कब राजनीति छोड़ें वो।
एक बात तो ये है। दूसरा उन्होंने कहा कि सचिन पायलट जी अगर सक्सेस हो जाते, तो पानी पहुंच जाता... 13 जिलों का मामला है ये 13 जिलों का, 13 जिलों वाले इनको साफ कर देंगे इस बार क्योंकि इतना आक्रोश है वहां पर, हर परिवार में आक्रोश है क्योंकि पानी चाहिए पीने के लिए, सिंचाई के लिए...
CM अशोक गहलोत ने कहा",,आप राजस्थान के प्रतिनिधि हो, मंत्री हो केंद्र में, इतना इम्पोर्टेंट विभाग आपके पास में है, राजस्थान के हित में एक योजना को प्रधानमंत्रीजी को कन्विन्स करके क्या आप उसको राष्ट्रीय परियोजना नहीं बनवा पाते? बनवा सकते हैं।अगर वो नहीं बनवा पाते तो उनका नैतिक अधिकार क्या है बात करने का?
CM ने कहा ,''''गजेंद्र सिंह शेखावत जी को बल्कि नोटिस लेट सर्व हुआ, वो बचते रहे, बचते रहे, ये तो कानून अपना काम करे, इनको वॉइस देने में तकलीफ क्या है? तकलीफ क्या है? ये स्वीकार भी कर चुके हैं कोर्ट के अंदर दिल्ली के अंदर कि इनकी वॉइस है वो, पुलिस वहां की स्वीकार कर चुकी है एफिडेविट के अंदर|
जब लोकेश शर्मा के खिलाफ में जो केस इन्होंने दर्ज करवाया है, उल्टा चोर कोतवाल को डांटे वाली बात है, आप सरकार गिराने में मुख्य किरदार थे और सबको मालूम है कि आप एक्सपोज हो गए हैं, जब आपकी उसके अंदर वॉइस आई और दुनिया जानती है कि वॉइस आपकी है, आपने खुदने सरकार गिराने का षड्यंत्र किया।
चुनी हुई सरकारें गिराना अच्छी परंपरा नहीं:
महाराष्ट्र में जारी सियासी उठापटक पर राजस्थान CM अशोक गहलोत ने कहा था,'''',महाराष्ट्र की परिस्थिति सभी देख रहे हैं, अब वहां क्या स्थिति बनती है आने वाला वक्त बताएगा पर ये अच्छी परंपरा नहीं है। मेरी दृष्टि में वहां भी हॉर्स ट्रेडिंग ही हो रही है। पहले मध्यप्रदेश, फिर राजस्थान और फिर महाराष्ट्र में, ये बहुत ही अशुभ संकेत है देश के लिए, डेमोक्रेसी के लिए।
और पब्लिक को इन बातों को समझना चाहिए, पब्लिक ही माई-बाप होती है, लोकतंत्र में वो ही सरकारें बनाती है और वो ही घर भेजती है, उनके ऊपर है कि वो किस रूप में देखती है। अब हिंदुत्व के नाम पर जो ये नारा दिया हुआ है उसके नाम पर सपोर्ट मिल रहा है, लेकिन साथ में अन्य प्रॉब्लम भी तो हैं।
शोक गहलोत ने कहा,''महंगाई है, बेरोजगारी है, अर्थव्यवस्था गर्त में जा रही है, सेना में ये जो अग्निपथ लेकर आए हैं, एक नया प्रयोग है, सबको पूछकर करते, पार्लियामेंट में डिस्कशन होता, रिटायर्ड अफसरों को पूछते तो और अच्छे ढंग से स्कीम लागू हो सकती थी उसको भी बना दिया कॉन्ट्रोवर्सी में।