उन्नाव: उन्नाव में रोड शो के बाद रविवार रात को कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी ने मृतक दलित युवती के परिजनों से कांशीराम कॉलोनी जाकर मुलाकात की। उन्होंने गले लगाकर मृतका की मां के आंसू पोछे और कहा आप चिंता न करें। उन्होंने बंद कमरे में 45 मिनट तक बात की। उन्होंने कहा कि दलित बेटी को न्याय दिलाने को कांग्रेस किसी भी हद तक जाएगी। पूरा कांग्रेस परिवार उनके साथ है। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इसके साथ ही प्रशासन व पुलिस अधिकारियों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाया।
UP कांग्रेस ने कहा,''उन्नाव में बलात्कार के बाद मारी गई दलित बेटी के परिवार से मिलीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी जी। परिवार ने सुनाई आपबीती, कहा- वो लोग शक्तिशाली हैं, इसलिए इनके सामने पुलिस प्रशासन झुक गया। प्रशासन न्याय की राह में रोड़े अटका रहा है।
UP कांग्रेस ने ट्वीट किया, आज कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी जी उन्नाव में बलात्कार के बाद मार दी गई बेटी के परिवार से मिलीं। सपा सरकार में पूर्व मंत्री के लड़के ने एक दलित बेटी के साथ बलात्कार किया फिर हत्या कर दी थी। परिवार भटकता रहा, कोई सुनवाई नहीं हुई। प्रियंका जी ने परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है।
प्रियंका गांधी ने कहा कि पहले उन्नाव की बेटी की अपहरण के बाद हत्या की गई। इसके बाद परिजनों को न्याय न दिलाकर उनके साथ अन्याय किया गया। कहा कि दिवंगत बेटी इतने दिनों तक वहां रही और अधिकारियों को उसके बारे में पता था। फिर भी उसे खोजकर निकाला नहीं गया। जहां भी मैं जा रही हूं और जहां भी ऐसे कांड होते हैं, वहां जो भी आरोपी होता है वह कहीं न कहीं सत्ता से जुड़ा होता है, या फिर काफी अमीर होता है। सरकार को चाहिए कि पीड़िता के परिवार की मदद करे। लेकिन यहां तो पीड़ित परिवार पर ही आरोप लगाए जा रहे हैं। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी रोड शो के बाद पीड़ित परिवार से मुलाकात करने पहुंची थी|
मृतक युवती के परिजनों से मुलाकात पर प्रियंका गांधी ने कहा, "परिवार का कहना है कि उन्हें दी गई पोस्टमार्टम रिपोर्ट फर्जी है| 2 पोस्टमार्टम किए गए, दोनों अलग हैं। परिवार के लोग कह रहे हैं कुछ पुलिस अधिकारी भी शामिल थे| परिवार के लोग सहायता नहीं, बल्कि न्याय चाहते हैं|
बता दे कि आरोप है कि सपा के पूर्व राज्य मंत्री रहे फतेह बहादुर सिंह के बेटे राजोल सिंह ने हत्या करने के बाद दलित युवती के शव को आश्रम में दफना दिया था। इसके बाद 10 फरवरी को पुलिस ने शव को बरामद किया था। 11 फरवरी को पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार कराया गया था। हालांकि, परिजनों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर आपत्ति जताई थी। इसके बाद फिर 14 फरवरी की शाम को डेड बॉडी को गंगा की रेती से खुदवा कर लखनऊ के डॉक्टरों ने पैनल से रि पोस्टमार्टम कराय गया था। इस दौरान दोनों पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अंतर आया था। परिजनों ने 2 दिन तक परिजनों ने शव नहीं उठने दिया। काफी गहमागहमी के बाद शव का अंतिम संस्कार कराया गया था।
बता दें कि फतेह बहादुर की 2016 में स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों की वजह से मौत हो गई थी| बताया जा रहा है 2017 के बाद फतेह बहादुर सिंह का परिवार भाजपा में शामिल हो गया था|
गौरतलब है कि, उन्नाव के सदर कोतवाली क्षेत्र के कांशीराम में रहने वाली एक दलित महिला रीता की बेटी पूजा आठ दिसंबर 2021 से गायब थी। दो महीने से अपनी बेटी के लिए भटक रही मां को गुरुवार 10 February, 2022 को उसकी बेटी की डेड बॉडी मिली थी। उसका शव कंबल में लिपटा मिला। दलित महिला के पोस्टमार्टम से पता चला कि, उसका गला घोंटा गया था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से यह भी पता चला है कि, उसकी गर्दन भी टूटी हुई थी। यह भी कहा गया कि, उसके साथ मारपीट की गई और उसके सिर पर दो चोटें देखी गईं। जिस आश्रम से महिला का शव मिला था, उसका मालिक फतेह बहादुर सिंह के बेटे राजोल सिंह हैं।