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24 अगस्त 2026

मायावती का ऐलान -'मेरा उत्तराधिकारी केवल दलित वर्ग से ही होगा': बोली- किंतु अभी समय नहीं आया , अभी तो मैं बिल्कुल फिट हूँ , मुझे काफी वर्ष लगेंगे अनफिट होने में

● देश में बीएसपी अकेली ऐसी पार्टी है जो कांग्रेस और अन्य पार्टियों की तरह अपने संगठन को चलाने और चुनाव लड़ने के लिए भी बड़े-बड़े पूंजीपतियों और धन्नासेठों से आर्थिक मदद नहीं लेती है, न ही इसके एवज मे…

मायावती का ऐलान -'मेरा उत्तराधिकारी केवल दलित वर्ग से ही होगा': बोली- किंतु अभी समय नहीं आया , अभी तो मैं बिल्कुल फिट हूँ , मुझे काफी वर्ष लगेंगे अनफिट होने में
मायावती का ऐलान -'मेरा उत्तराधिकारी केवल दलित वर्ग से ही होगा': बोली- किंतु अभी समय नहीं आया , अभी तो मैं बिल्कुल फिट हूँ , मुझे काफी वर्ष लगेंगे अनफिट होने में | फ़ोटो: TVL News

● देश में बीएसपी अकेली ऐसी पार्टी है जो कांग्रेस और अन्य पार्टियों की तरह अपने संगठन को चलाने और चुनाव लड़ने के लिए भी बड़े-बड़े पूंजीपतियों और धन्नासेठों से आर्थिक मदद नहीं लेती है, न ही इसके एवज में उन्हें राज्यसभा आदि में भेजती है| तथा ना ही उनको आर्थिक लाभ पहुँचाने के लिए उनके हिसाब से अपनी सरकार की नीतियाँ बनाकर अपनी सरकार चलाती है, बल्कि इसके स्थान पर बी.एस.पी. अपनी सदस्यता के जरिये व अन्य विभिन्न मौकों पर पार्टी के सामर्थ्यवान लोगों से भी पार्टी की सदस्यता के जरिये ही उनसे पार्टी के लिए आर्थिक मदद भी लेती है।



● मेरा स्वास्थ्य अभी ठीक है। मुझे अभी किसी को भी अपना उत्तराधिकारी बनाने की जरूरत नहीं है। अभी मैं बिल्कुल फिट हूँ तथा मुझे अनफिट होने में अभी काफी वर्ष लगेंगे। लेकिन जब मेरा स्वास्थ्य ठीक नहीं रहेगा तो तब मैं भी जरूर अपना उत्तराधिकारी मान्यवर श्री कांशीराम जी की तरह घोषित कर दूंगी तथा मेरा उत्तराधिकारी केवल दलित वर्ग से ही होगा, यह बात मैं कई बार कह चुकी हूँ और आज फिर इस बात को दोहराना चाहती हूँ कि जब भी मैं अपना उत्तराधिकारी घोषित करूंगी तो मेरा उत्तराधिकारी दलित वर्ग का ही होगा जिन्होंने हर मुश्किल की घड़ी में, मेरा व पार्टी का पूरी ईमानदारी व पूरे तन, मन, धन से साथ दिया है|





लखनऊ: उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने कहा कि,''बी.एस.पी. अकेली एकमात्र ऐसी पार्टी है जो कांग्रेस व अन्य पार्टियों की तरह अपने संगठन को चलाने व चुनाव आदि लड़ने के लिए भी बड़े-बड़े पूँजीपतियों व धन्नासेठों से आर्थिक मदद नहीं लेती है और ना ही इसके एवज में उनको राज्यसभा आदि में भेजती है तथा ना ही उनको आर्थिक लाभ पहुँचाने के लिए उनके हिसाब से अपनी सरकार की नीतियाँ बनाकर अपनी सरकार चलाती है, बल्कि इसके स्थान पर बी.एस.पी. अपनी सदस्यता के जरिये व अन्य विभिन्न मौकों पर पार्टी के सामर्थ्यवान लोगों से भी पार्टी की सदस्यता के जरिये ही उनसे पार्टी के लिए आर्थिक मदद भी लेती है। इतना ही नहीं बल्कि पार्टी के ऐसे लोगों से ही बी.एस.पी. ने समय-समय पर देश में कोरोना व बाद पीड़ितों आदि जैसे अन्य और जरूरतमन्द लोगों की भी विभिन्न रूपों में सीधा मदद भी करवाई है, यह सभी को मालूम भी है।





कांग्रेस के 'मायावती करोड़ों में टिकट बेचती' बयान पर मायावती ने कहा कि,''''लेकिन इससे ख़ासकर कांग्रेस पार्टी के पेट में दर्द इसलिए हो रहा है क्योंकि पूरे देश में कांग्रेस पार्टी के बारे में यह बात सर्वविदित है कि कांग्रेस पार्टी अपनी आमजनसभाओं में व यहाँ तक अपनी चुनावी जनसभाओं में भी अपनी भीड़ जुटाने के लिए ज्यादातर दिहाड़ी पर लोगों को लाती है अर्थात् जिस दिन कांग्रेस पार्टी की कोई रैली आदि होती है तो फिर खासकर दिहाड़ी में कार्य करने वाले मजदूर लोग बहुत खुश होते हैं और वे कहते है कि हमें आज काम नहीं करना पड़ेगा बल्कि कांग्रेस पार्टी की रैली में जाने के लिए बिना कार्य किये ही आज उन्हें ज्यादा दिहाड़ी मिल जायेगी तथा बढ़िया-बढ़िया खाना भी मिलेगा, यह कांग्रेस पार्टी का भीड़ जुटाने का कल्चर है। इससे यह समझा जा सकता है कि देश में आज कांग्रेस पार्टी के जनाधार की कितनी बुरी हालत है।




मायावती ने कहा कि,''इसके साथ ही, देश के किसी भी राज्य में जब विधानसभा का आमचुनाव होता है या देश में लोकसभा का भी आमचुनाव होता है तो तब इनको खासकर यू.पी. जैसे कमजोर राज्यों में आसानी से चुनाव लड़ाने के लिए उम्मीदवार तक भी नहीं मिलते है। उनको खड़ा करने के लिए फिर कांग्रेस पार्टी बड़े-बड़े पूँजीपतियों व धन्नासेठों से आर्थिक मदद लेकर अधिकांश उनको पैसा देकर खड़ा करती है। इसलिए अधिकांशः इनके उम्मीदवारों को जीतने/हारने से कोई लेना देना नहीं होता है बल्कि वो तो यह मानकर चलते हैं कि अब हमारे घर का कुछ समय तक का खर्चा चल जायेगा। जो वह उनको चुनाव लड़ाने के लिए पैसा देती है। यह कांग्रेस पार्टी की दयनीय हालत है।




मायावती ने कहा कि,''जबकि वही दूसरी तरफ बी.एस.पी. ऐसा बिल्कुल भी नहीं करती है अर्थात् बी.एस.पी. कांग्रेस की तरह पैसा देकर पार्टी के लोगों को चुनाव में टिकट नहीं देती है बल्कि चुनाव पर खुद अपना पैसा लगाने वाले लोगों को ही अधिकांशः टिकट देती है जिनका पार्टी के जनाधार को बढ़ाने के लिए हर प्रकार से योगदान होता है। इसलिए कांग्रेस पार्टी ने अभी हाल ही में जो बुकलेट जारी की है, यदि यह पार्टी इस बुकलेट में अपनी विरोधी पार्टियों पर कोई भी टीका-टिप्पणी करने के साथ-साथ अपनी इन सब कमियों को भी वर्णित कर देती तो यह बेहतर होता है। अर्थात् इस पार्टी द्वारा दूसरे पर उंगली उठाने की बजाय इनको पहले अपने घर को ही ठीक कर लेना चाहिये, यह भी मेरी इनको सलाह है।



इसके साथ ही, कांग्रेस पार्टी को मैं यह भी बताना चाहती हूँ कि जब देश में लोकसभा व किसी भी राज्य में विधानसभा का आमचुनाव होता है तो खासकर पार्टी के मजबूत राज्यों में एक-एक सीट पर कई-कई उम्मीदवार बी.एस.पी. का टिकट चाहते हैं जिसमें कुछ उम्मीदवार आर्थिक तौर पर काफी कमजोर भी होते हैं।



BSP उम्मीदवारों को चन्दा इकट्ठा करके चुनाव लड़ाना पड़ता: 

इसके अलावा, कुछ उम्मीदवार बी.एस.पी. का टिकट तो ले लेते हैं लेकिन चुनाव में जरूरत के हिसाब से पैसा खर्च नहीं करते है, तब फिर पार्टी के कार्यकर्ताओं को ही, मजबूरी में आपस में चन्दा इकट्ठा करके उन्हें चुनाव लड़ाना पड़ता है। इसे भी ध्यान में रखकर तब हमारी पार्टी को मजबूरी में पार्टी के ऐसे उम्मीदवारों से चुनाव लड़ने के लिए उनसे कुछ एडवान्स में ही पैसा भी जमा कराना पड़ता है और फिर उसी पैसे को उनके चुनाव पर ही पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा खर्च कर दिया जाता है जिसे हर चुनाव में विरोधी पार्टियाँ इसी प्रकार गलत तरीके से प्रचारित करती हैं तथा पार्टी की छवि को भी धूमिल करने का पूरा-पूरा प्रयास करती हैं। ऐसे अनेकों ओर हथकण्डे अपनाती हैं और बी.एस.पी. की इमेज को खराब करती हैं।





वैसे भी हमारी पार्टी, कांग्रेस पार्टी व अन्य पार्टियों की तरह बड़े-बड़े पूँजीपतियों व धन्नासेठों की पार्टी नहीं है, यह भी सर्वविदित है बल्कि गरीब व मजलूमों की पार्टी है और उन्हीं की ही थोड़ी-थोड़ी आर्थिक मदद से अपनी पार्टी को चलाती है, यह सभी पार्टियाँ बी.एस.पी. के बारे में अच्छी तरह से जानती हैं। हमारे लोग भी यह सब अच्छी तरह से जानते हैं। इसलिए बी.एस.पी. के बारे में ऐसे कुछ भी गलत प्रचार करने से इनको कोई खास लाभ मिलने वाला नहीं है।




इसके अलावा इन्हें यह भी मालूम होना चाहिये कि हमारी पार्टी हर वर्ष अब मेरा जन्मदिन "जनकल्याणकारी दिवस" के रूप में मनाती है। लेकिन इससे पहले क्या होता था? जब मेरा जन्मदिन होता था तो मेरे बार-बार मना करने के बावजूद भी मेरे जन्मदिन पर पार्टी के अधिकांशः लोग मंहगे कपड़े व गहने आदि तोहफे में देते थे, जिसे ध्यान में रखकर फिर हमने यह फैसला लिया कि आप बी.एस.पी. सदस्यता की उतनी किताबें ले जायें जितने के आप मुझे कीमती गहने कपड़े आदि देना चाहते हैं तो उतने के आप क्षेत्र में बी.एस.पी. के सदस्य बनाकर वो पैसा आप मुझे पार्टी को आर्थिक सहयोग के रूप में दे सकते हैं। इसके लिए कोई मनाही नहीं है। उसके बाद से अब हम इस मौके पर अपने लोगों को हर वर्ष बी.एस.पी. सदस्यता की किताबे दे देते हैं। लोग फिर इसके जरिये हर वर्ष पार्टी को खुशी-खुशी से काफी आर्थिक मदद भी करते हैं। लेकिन इसे भी कांग्रेस जैसी मानसिकता वाली जो भी अन्य पार्टियाँ हैं वे इसे काफी गलत तरीके से प्रचारित करती हैं।




आज यूपी, में कांग्रेस पार्टी सत्ता में नहीं है तथा उनकी बुकलेट से ऐसा लगता है कि कांग्रेस पार्टी यहाँ सत्ता में आने के लिए काफी तड़प रही है। लेकिन कांग्रेस को अपने गिरेबान में झाँककर देखना चाहिए। देश की आजादी के बाद काफी लम्बे समय तक कांग्रेस पार्टी यहाँ यूपी में भी पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में रही किन्तु इनकी कथनी व करनी में जमीन-आसमान का फर्क होने से फिर लोगों ने इस पार्टी को छोड़ दिया और तभी हमें बी.एस.पी. बनानी पड़ी तथा बी.एस.पी. की तरह अन्य और पार्टियाँ भी बनी। तो इसके लिए जिम्मेवार कौन है? कांग्रेस का आज हाल जो बेहाल है इसके लिए जिम्मेवार कौन है? हमारी पार्टी नहीं है, और ना ही दूसरी अन्य विरोधी पार्टियाँ हैं बल्कि इसके लिए जिम्मेवार खुद कांग्रेस पार्टी की गलत नीतियाँ, कार्यशैली व उनकी कथनी-करनी में अन्तर, यह सब इसके लिए जिम्मेवार हैं। लेकिन अपनी कमियों को छिपाने के लिए अब कांग्रेस किस्म-किस्म के हथकण्डे अपनाए तो मैं समझती हूँ साथ ही यूपी की जनता भी यह सब बातें खूब अच्छी तरीके से जानती है। चाहे वे एक बुकलेट जारी करें या दो जारी करें मुझे नहीं लगता है कि यूपी की जनता के ऊपर कोई असर पड़ने वाला है। इस बुकलेट को मैंने तो पढ़ा नहीं है किन्तु जो कुछ मीडिया के एक-दो चैनल में आ रहा था जिसके सम्बंध में मैंने सोचा कि इसका कुछ जवाब देना जरूरी है। वो मैंने दिया है।





मेरा उत्तराधिकारी केवल दलित वर्ग से ही होगा:

इतना ही नहीं बल्कि आज मैं किसी एक चैनल में हमारी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव व राज्यसभा सांसद श्री एस.सी. मिश्र का इन्टरव्यू देख रही थी, जिसमें उनसे बार-बार मेरा उत्तराधिकारी के बारे में पूछा जा रहा था कि आपकी बहनजी का उत्तराधिकारी कौन होगा। 



तो उस चैनल के उस इण्टरव्यू  करने वाले को मैं यह बताना चाहती हूँ कि मेरा जब मेरा स्वास्थ्य ठीक नहीं रहेगा तो तब मैं जरूर अपना उत्तराधिकारी घोषित कर दूँगी, लेकिन यह भी मैं उनको ???ताना चाहती हूँ, जब मेरा स्वास्थ्य ठीक नहीं रहेगा तथा मैं यह महसूस करूंगी कि मैं फिट नहीं हूँ व पार्टी नहीं चला पाऊंगी तब जिसको भी मैं अपना उत्तराधिकारी घोषित करूगी तो वह उस चैनल को भी बता दिया जाएगा, पूरे देश को भी बता दिया जाएगा। लेकिन जब मैं अपना उत्तराधिकारी भी घोषित करूगी तो वह केवल दलित वर्ग से ही होगा, यह बात मैं कई बार कह चुकी हूँ और आज फिर दोहराना चाहती हूँ कि जब भी मैं अपना उत्तराधिकारी घोषित करूंगी तो मेरा उत्तराधिकारी दलित वर्ग का ही होगा जिन्होंने हर मुश्किल की घड़ी में, मेरा व पार्टी का पूरी ईमानदारी व पूरे तन, मन, धन से साथ दिया है।



जब मेरा स्वास्थ्य ठीक नहीं रहेगा तब घोषित करूगी अपना उत्तराधिकारी:

पार्टी में बड़े उतार-चढ़ाव आए लेकिन जो दलित वर्ग के लोग हैं वे टस से मस नहीं हुए। तो जब भी मुझे लगेगा कि मेरा स्वास्थ्य ठीक नहीं है तो मैं जिस किसी को भी अपना उत्तराधिकारी बनाऊँगी, अभी उसका समय नहीं आया है। अभी तो मैं बिल्कुल फिट हूँ और मुझे काफी वर्ष लगेंगे अनफिट होने में। मैं तो पूरी तरह से फिट हूँ और कुदरत की वजह से पिछले दो साल से कोरोना चल रहा है और अभी भी कोई खत्म नहीं हुआ है लेकिन मुझे तो कोरोना जैसी भी कोई बीमारी भी नहीं हुई है। कहने का तात्पर्य यह है कि जो लोग इस किस्म का प्रचार करते हैं व उत्तराधिकारी के बारे में बार-बार पूछते हैं तो अभी तो मैं पूरी तरह से फिट हूँ और उन्हें यह मालूम होना चाहिए कि मान्यवर श्री काशीराम जी जब जीवित थे और जब तक उनका स्वास्थ्य ठीक था उन्होंने अपना उत्तराधिकारी घोषित नहीं किया था। जब उनका स्वास्थ्य खराब होने लगा था तब उन्होंने मुझे अपना उत्तराधिकारी बनाया था। 



यह सब मीडिया अच्छी तरह से जानता है लेकिन लोगों को गुमराह करने के लिए वे इस किस्म के हथकण्डे इस्तेमाल करते हैं। तो मीडिया को व खासकर कांग्रेस को मेरा यही कहना है कि बुकलेट के जरिए जो इधर-उधर की बातें व नाटकबाजी कर रहे हैं व आएदिन गांधीजी की प्रतिमा के नीचे बैठ जाएं या फिर कहीं पर अन्याय-अत्याचार होता है तो वहाँ पहुँच जाएं तो इन सब नाटकबाजी से कुछ होने वाला नहीं है, जनता सब जानती है। जनता को यह मालूम है कि यूपी में चार बार मेरे नेतत्व में बी.एस.पी. की सरकार बनी है तो आपको यह भी मालम है कि बी.एस.पी कभी अपना मेनिफेस्टो जारी नहीं करती है। 




बी.एस.पी. दूसरी पार्टियों की तरह कभी भी कोई घोषणा पत्र आदि जारी नहीं करती है बल्कि कहने में कम व कार्य करके ही दिखाने में ही ज्यादा विश्वास करती है। इसलिए जब मुझे चार बार गवरमेन्ट बनाने का मौका मिला तो मैंने वे ऐतिहासिक कार्य किए सर्वसमाज के लिए, सभी वर्गों व सभी धर्मों के लिए, किसान, मजदूर, व्यापारी, कर्मचारी, बुजुर्ग, युवा, महिलाएं आदि सभी के लिए जो पूर्व में किसी भी पार्टी की सरकार ने नहीं किए और वर्तमान में जो बीजेपी की सरकार है या पूर्व में सपा की सरकार रही तो वे लोग वही मेरी नीतियों को थोड़ी अदल-बदल के घोषित करती रही हैं। लेकिन अकेले घोषणा आदि करने से काम नहीं चलेगा बल्कि उसको इमप्लीमेन्ट करने से चलेगा। चाहे वे मेरी कितनी भी नकल कर लें, नकल का तभी फायदा होगा जब जमीनी हकीकत पर उसको इमप्लीमेन्ट किया जाए। अब चुनाव नजदीक आ गया है व केवल कुछ महीने ही बचे हैं तो इस प्रकार के हथकण्डों से मेरे लोग गुमराह न हो तो इसीलिए मुझे बीच-बीच में मीडिया में आकर अपनी बात कहनी पड़ती है।



 




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TVL News (TheViralLines) के संवाददाता। यह रिपोर्ट स्थानीय स्रोतों और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी की पुष्टि के बाद प्रकाशित की गई है। किसी तथ्य में सुधार के लिए संपर्क करें या +91 99996 56869 पर WhatsApp करें।

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यह रिपोर्ट 27 अगस्त 2021 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 9 मई 2025 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

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