नई दिल्ली: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने सोमवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आग्रह किया कि किसानों की उपज की खरीद की गारंटी सुनिश्चित की जाए| उन्होंने कहा कि,कमरतोड़ महंगाई और कोरोना से जूझ रहे किसानों को खरीद में राहत देने व गेहूं खरीद की तिथि बढ़ाने की 'क्रय केंद्रों पर 15 जुलाई तक किसानों के गेहूं की खरीद की गारंटी दी जाए|
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिखे पत्र में कहा कि,'' प्रदेश के तमाम जिलों से मुझे लगातार सूचनाएं आ रही हैं कि गेहूं की खरीद में किसानों को बहुत परेशानियां उठानी पड़ रही हैं| एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू हुई लेकिन कोरोना महामारी के चलते क्रय केंद्रों पर ताला लटकता रहा|जैसे ही किसानों का गेहूं क्रय केंद्रों पर पहुंचने लगा, उसी समय खरीद को कम करके आधा कर दिया गया|
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया,'''खबरों के अनुसार यूपी में इस साल कुल उत्पादित गेहूं के मात्र 14% हिस्से की सरकारी खरीद हुई है। गांवों के क्रय केंद्र बंद हैं व किसानों से कम गेहूं खरीदा जा रहा है। कमरतोड़ महंगाई और कोरोना से जूझ रहे किसानों को खरीद में राहत देने व गेहूं खरीद की तिथि बढ़ाने को लेकर मेरा पत्र....
प्रियंका गांधी ने योगी आदित्यनाथ से कहा,''प्रदेश के तमाम जिलों से मुझे लगातार सूचनाएं आ रहीं हैं कि गेहूं की खरीद में किसानों को बहुत परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। 1 अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू हुई लेकिन कोरोना माहमारी के चलते क्रय केंद्रों पर ताला लटकता रहा। जैसे ही किसानों गेहूं का क्रय केंद्रों पहुँचने लगा उसी समय खरीद को कम करके आधा कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि,'पंजाब और हरियाणा जैसे प्रदेशों में गेहूं की सरकारी खरीद कुल उत्पादन का 80-85% तक होती है, जबकि उत्तरप्रदेश में 378 लाख मीट्रिक टन उत्पादित गेहूं के मात्र 14% हिस्से की सरकारी केंद्रों पर खरीद हुई है। बहुत सारे किसान अपना गेहूं नहीं बेच पाए हैं। अब क्रय केंद्रों पर किसानों के गेहूं खरीद में सरकारी फरमानों के चलते अफसर नानुकूर कर रहे हैं।
कांग्रेस महासचिव ने CM योगी आदित्यनाथ को लिखे पत्र में कहा कि,''आपने कहा था कि हम अंतिम किसान तक गेहूं खरीद की सुविधा देंगे, लेकिन बहुत सारे गाँवों में क्रय केंद्र बंद हो गए हैं और किसानों को दूर मंडियों में जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है, नमी के कारण गेहूं के सड़ने का खतरा है। इस स्थिति में किसान अपनी गाढी पसीने की कमाई को औने पौने दाम पर बेचने को मजबूर होंगे। कोरोना महामारी और महंगाई के चलते किसानों की हालत पहले से खराब है, ऐसे में उनकी फसल की खरीद न हो पाने या औने-पौने दामों में गेहूं बेचने के लिए मजबूर होने जैसी स्थिति किसानों की कमर तोड़ देगी।
प्रियंका गांधी ने कहा,'अतः आपसे आग्रह है कि
1. क्रय केंद्रों पर 15 जुलाई तक किसानों के गेहूं खरीद की गारंटी की जाए।
2. प्रत्येक क्रय केंद्र पर खरीद की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि किसानों को अपना अनाज बेचने के लिए
भटकना न पड़े।
3. कई जिलों से इस तरह की खबरें आ रहीं हैं कि एक किसान से एक बार में अधिकम 30 या 50 कुंतल गेहूं
खरीदा जा रहा है। इससे किसान बहुत परेशान हैं। इसपर तत्काल प्रभाव से रोक लगाकर किसानों से अधिकतम खरीद की जाए।
उम्मीद है कि आप इन सुझावों पर गम्भीरता से विचार करेंगे।