नई दिल्ली: भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में MSP पर गेहूं और धान खरीद में बड़ा घोटाला हुआ है। रामपुर में भाजपा नेत्री जया प्रदा के नर्सिंग कॉलेज की जमीन को खेती में दिखाकर एक किसान के नाम पर गेहूं बेचना दर्शाया गया है। राकेश टिकैत ने कहा कि,''एक रामपुर ज़िला हमने पकड़ा है जहां MSP का फर्जीवाड़ा हुआ है। ये सरकारी आंकड़ो में 8% किसानों से MSP की खरीद बताते हैं। उसमें भी किसान के नाम पर 40% फर्जीवाड़ा। मतलब देश में 3% किसानों को MSP का लाभ मिल रहा है|
गाजीपुर बॉर्डर से किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि अकेले रामपुर में एजेंसियों ने कहा कि हमने रिकॉर्ड 26,391 किसानों से खरीद की, इसमें 11,000 फर्जी किसान दिखाकर खरीद की गई। हम ये दस्तावेज लखनऊ भेजेंगे और कल लखनऊ जाएंगे। भारत सरकार और प्रेस को देंगे। इसकी जांच होनी चाहिए|
उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में ऐसे करीब 5 लाख फर्जी किसान हैं, जिनके नाम से MSP पर गेहूं-धान खरीद हुई है। जबकि वास्तविकता में इन किसानों की बताई गई जमीन पर सड़कें बनी हैं या बिल्डिंग खड़ी हैं। टिकैत ने फर्जी किसानों द्वारा MSP (न्यूनतम समर्थम मूल्य) पर अनाज बेचने में 1.5 अरब रुपए के घोटाले का दावा किया है। इस मामले में राकेश टिकैत ने सीबीआई जांच की मांग की है।
गाजीपुर बॉर्डर स्थित धरनास्थल पर राकेश टिकैत ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इससे जुड़े दस्तावेज भी पेश क??ए। टिकैत ने कहा कि 23 फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) घोषित किया गया है, लेकिन खरीद केवल 2-3 फसलों की ही होती है। देश के 8 फीसदी किसानों को भी एमएसपी का लाभ नहीं मिल पा रहा। टिकैत ने कहा कि बिचौलिये, किसानों से सस्ती दरों पर फसल खरीदकर उसे एमएसपी पर बेचते हैं। टिकैत ने रामपुर जिले में फसल खरीद में हुई गड़बड़ी के कई उदाहरण भी दिए।