उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा है कि आठ साल में उत्तर प्रदेश उत्तम प्रदेश बन चुका है और अब यह उद्यम प्रदेश बनने की ओर तेजी से अग्रसर है।
उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ कर कहा कि वे दृढ़संकल्प के साथ उत्तर प्रदेश के विकास के लिए समर्पित हैं।
उप राष्ट्रपति शुक्रवार को राजधानी के अवध शिल्पग्राम में उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने महाकुंभ की चर्चा कर कहा कि पूरी दुनिया आश्चर्यचकित है कि प्रयागराज में इतना बड़ा आयोजन आखिर कैसे इतने सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो रहा है।
इतिहास इस बात का गवाह है कि जिस राज्य की पृष्ठभूमि योगी की रही है, आज उस राज्य का भाग्य योगी के कुशल हाथों में है और इसी का परिणाम है
कि उत्तर प्रदेश 'उत्तम प्रदेश' बन गया है..." धनखड़ ने उत्तर प्रदेश की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत पर प्रकाश डालते हुए "सूरदास, तुलसीदास, कबीर, मीराबाई और रसखान" जैसी पूजनीय हस्तियों का उल्लेख किया।
उपराष्ट्रपति ने देश के कानूनी और सामाजिक ढांचे को आकार देने में उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में भी बात की।
प राष्ट्रपति ने कहा कि 26 साल की उम्र में और बीते 26 साल से आदित्यनाथ ने जनसेवा के लिए खुद को दृढ़संकल्प के साथ समर्पित किया है।
उन्होंने कहा कि उन्हें महंत अवेद्यनाथ के बाद सांसद बनने और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने का अवसर मिला था।
उन्होंने कहा कि लगातार दो बार मुख्यमंत्री बनने वाले इस प्रांत में केवल योगी आदित्यनाथ हैं। इनका कार्यकाल किसी भी पहले के मुख्यमंत्री से ज्यादा रहा है।
प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कहा कि अपने दृढ़ संकल्प और अथक प्रयासों से यूपी नित नया कीर्तिमान रच रहा है।
ये गौरवपूर्ण अवसर है। यूपी ने 2018 से स्थापना दिवस को उत्सव और भव्यता के साथ मनाने की शुरूआत की। उन्होंने कहा कि यूपी भारत की आत्मा है।
यहां धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत के साथ विकास के असीमित अवसर हैं।
उपराष्ट्रपति ने योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए वर्षों से जनसेवा के प्रति उनके समर्पण को नोट किया।
धनखड़ ने कहा, "1998 में 26 साल की उम्र में लोकसभा में 5 चुनाव जीतने के बाद और मार्च 2017 में मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद से 26 साल के लड़के, 26 साल के आदमी ने अपने जीवन के 26 साल जनसेवा को समर्पित कर दिए हैं।"
उत्तर प्रदेश दिवस के कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल हुए।
अपने संबोधन के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने राज्य और देश दोनों के लिए वर्ष 2024 के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, "यह वर्ष हम सभी के लिए महत्वपूर्ण है।
इस सदी का पहला महाकुंभ 13 जनवरी - पौष पूर्णिमा को प्रयागराज में शुरू हुआ।