देहरादून: उत्तराखंड के सीएम तीरथ सिंह रावत ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है| उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने आखिरकार राज्यपाल बेबी रानी मौर्य को अपना इस्तीफा सौंपा| तीरथ सिंह रावत ने देर रात देहरादून में राजभवन पहुंचकर राज्यपाल बेबी रानी मौर्या को अपना इस्तीफा सौंपा| हालांकि अगले सीएम के चुनाव तक वो कार्यवाहक सीएम बने रहेंगे| वे मुख्यमंत्री के पद पर चार महीने ही रहे|
तीरथ सिंह रावत ने ने कहा,''मैंने अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंप दिया है। संवैधानिक संकट को देखते हुए मुझे लगा कि मेरे लिए इस्तीफा देना सही है। मैं केंद्रीय नेतृत्व और पीएम मोदी का शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने मुझे अब तक हर मौका दिया है|
रावत ने शुक्रवार की सुबह बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की थी| उन्होंने खत के ज़रिए जेपी नड्डा को अपने इस्तीफे की पेशकश की| उन्होंने बीजेपी अध्यक्ष को भेजे अपने पत्र में जनप्रतिधि कानून की धारा 191 ए का हवाला दिया और कहा कि वो अगले 6 महीने में चुनकर दोबारा नहीं आ सकते|
पार्टी ने इस सियासी संकट को दूर करने के लिए कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है| उनकी मौजूदगी में शनिवार को 4 बजे देहरादून में विधायक दल की बैठक बुलाई गई है, जिसमें नए सीएम पर फैसला हो सकता है|
भाजपा ने केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को उत्तराखंड राज्य के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नामित किया है। वह कल राज्य में मौजूद रहेंगे। कल दोपहर 3 बजे पार्टी मुख्यालय में भाजपा विधायक दल की बैठक होगी। प्रदेश के मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक की अध्यक्षता में बैठक होगी।
सियासी हलचलों के बीच शुक्रवार देर रात तीरथ सिंह रावत ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की| माना जा रहा था कि सीएम प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने इस्तीफे को लेकर बात करेंगे| लेकिन उन्होंने अपने इस्तीफे को लेकर एक लफ्ज़ नहीं बोला| तमाम सवालों पर सीएम ने चुप्पी साध ली और अपनी बातें रखने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस से चले गए|
तीरथ सिंह रावत पिछले तीन दिनों से दिल्ली में थे. इस दौरान उन्होंने बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा से दो बार मुलाकात की| पौड़ी से लोकसभा सांसद रावत ने इसी साल 10 मार्च को मुख्यमंत्री का पद संभाला था| बता दें कि अपने पद पर बने रहने के लिए 10 सितम्बर तक उनका विधानसभा सदस्य निर्वाचित होना संवैधानिक बाध्यता है|
देहरादून में शुक्रवार देर रात प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए तीरथ सिंह रावत ने कहा,'सरकार ने साल 2021 में लोगों को स्वरोजगार, व्यवसाय पर कोविड-19 के प्रतिकूल प्रभाव से राहत सहायता देने के लिए विभिन्न कदम उठाए। हमने लगभग 2,000 करोड़ रुपये की सहायता दी|''हमारी सरकार द्वारा युवाओं को रोजगार प्रदान करने के उद्देश्य से राजकीय विभागों में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया को आगामी 6 महीने में पूरा कर बेरोजगार युवाओं को 20,000 नियुक्तियां प्रदान करने का प्रयास किया